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तमिलनाडु छात्र पहचान पत्र में जाति नहीं होगी: मंत्री सेंगोत्तैयान का स्पष्टीकरण

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तमिलनाडु छात्र पहचान पत्र में जाति नहीं होगी: मंत्री सेंगोत्तैयान का स्पष्टीकरण

सारांश

तमिलनाडु सरकार के प्रस्तावित छात्र पहचान पत्र में जाति का कोई उल्लेख नहीं होगा — मंत्री सेंगोत्तैयान ने साफ किया कि कार्ड केवल पता, ब्लड ग्रुप और आधार जानकारी तक सीमित रहेगा। यह पहल स्कूलों को जाति-तटस्थ बनाने और छात्र रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक अहम नीतिगत कदम है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के मंत्री के.ए.
सेंगोत्तैयान ने 27 जून को स्पष्ट किया कि कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के प्रस्तावित पहचान पत्र में जाति का कोई विवरण नहीं होगा।
कार्ड में केवल पता, ब्लड ग्रुप, आधार जानकारी और शैक्षणिक योग्यता दर्ज होगी।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और विद्यालय शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से योजना की व्यवहार्यता जाँच रहे हैं।
राजस्व विभाग पिछले पाँच वर्षों से स्कूलों के माध्यम से आय, निवास और समुदाय प्रमाण पत्र जारी कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि जाति का उल्लेख भेदभाव और भावनात्मक पीड़ा को जन्म दे सकता है; स्कूल जाति-तटस्थ वातावरण होने चाहिए।

तमिलनाडु के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के.ए. सेंगोत्तैयान ने शनिवार, 27 जून को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए प्रस्तावित पहचान पत्रों में जाति का कोई विवरण शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में फैली खबरों का कड़ा खंडन करते हुए कहा कि यह पहल पूरी तरह छात्र कल्याण पर केंद्रित है।

मंत्री का स्पष्टीकरण

सेंगोत्तैयान ने गोबिचेट्टीपलयम में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित एक कल्याण वितरण कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात की। उन्होंने बताया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और विद्यालय शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से छात्रों के लिए एक व्यापक डेटा-आधारित पहचान पत्र की व्यवहार्यता की जाँच कर रहे हैं।

मंत्री के अनुसार, प्रस्तावित कार्ड में केवल छात्र का पता, ब्लड ग्रुप, आधार कार्ड की जानकारी और शैक्षणिक योग्यता जैसी आवश्यक जानकारी ही दर्ज होगी। उन्होंने दोटूक कहा कि किसी भी परिस्थिति में जाति से जुड़ी कोई सूचना इस पहचान पत्र में नहीं होगी।

भेदभाव रोकना मूल उद्देश्य

सेंगोत्तैयान ने इस बात पर जोर दिया कि स्कूल पहचान पत्रों पर जाति का उल्लेख भेदभाव को बढ़ावा दे सकता है और छात्रों में भावनात्मक पीड़ा उत्पन्न कर सकता है। उनका कहना था, 'स्कूल ऐसे स्थान होने चाहिए जहाँ बच्चे जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव के बिना शिक्षा प्राप्त करें।'

गौरतलब है कि यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब देशभर में शैक्षणिक संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव की घटनाओं को लेकर बहस तेज़ है। तमिलनाडु सरकार का यह कदम स्कूल परिसरों को जाति-तटस्थ बनाने की दिशा में एक नीतिगत संकेत है।

पिछले पाँच वर्षों की पृष्ठभूमि

मंत्री ने बताया कि राजस्व विभाग पिछले पाँच वर्षों से सीधे स्कूलों के माध्यम से छात्रों को आय, निवास और समुदाय प्रमाण पत्र जारी कर रहा है। इससे छात्रों को राजस्व कार्यालयों, ग्राम प्रशासनिक अधिकारियों या राजस्व निरीक्षकों के पास जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है। प्रस्तावित पहचान पत्र इसी सुधार की अगली कड़ी है।

आपात स्थिति में उपयोगिता

सेंगोत्तैयान ने पहचान पत्र के व्यावहारिक पक्ष को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ब्लड ग्रुप, पता और आधार जानकारी जैसे विवरण दुर्घटनाओं या अप्रत्याशित परिस्थितियों में अधिकारियों को छात्रों की शीघ्र पहचान करने, उनके परिवारों से संपर्क करने और तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने में सहायक होंगे।

आगे क्या होगा

मंत्री ने बताया कि राजस्व और स्कूल शिक्षा विभागों के अधिकारी जल्द ही कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे। इसके अतिरिक्त, कोडियेरी बाँध पर बार-बार हो रही डूबने की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने पहले ही गैर-तैराकों के जलाशय क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगा दी है और स्थानीय मछुआरा संघ के सदस्यों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो नए पहचान पत्र में उस जानकारी की अनुपस्थिति को किस तंत्र से सुनिश्चित किया जाएगा। बिना स्वतंत्र निगरानी ढाँचे के, नीतिगत आश्वासन और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई बनी रह सकती है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु के प्रस्तावित छात्र पहचान पत्र में क्या जानकारी होगी?
प्रस्तावित पहचान पत्र में केवल छात्र का पता, ब्लड ग्रुप, आधार कार्ड की जानकारी और शैक्षणिक योग्यता शामिल होगी। मंत्री सेंगोत्तैयान ने स्पष्ट किया है कि जाति से जुड़ा कोई भी विवरण इसमें नहीं होगा।
यह पहचान पत्र किन छात्रों के लिए होगा?
यह पहचान पत्र तमिलनाडु में कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए प्रस्तावित है। राजस्व और स्कूल शिक्षा विभाग जल्द ही इसे लागू करने की प्रक्रिया अंतिम रूप देंगे।
तमिलनाडु सरकार ने पहचान पत्र में जाति न शामिल करने का फैसला क्यों किया?
मंत्री सेंगोत्तैयान के अनुसार, स्कूल पहचान पत्रों पर जाति का उल्लेख भेदभाव और छात्रों में भावनात्मक पीड़ा उत्पन्न कर सकता है। सरकार का उद्देश्य स्कूलों को जाति-तटस्थ वातावरण बनाना है।
क्या यह पहचान पत्र आपात स्थितियों में उपयोगी होगा?
हाँ, मंत्री ने बताया कि ब्लड ग्रुप, पता और आधार जानकारी दुर्घटनाओं या अप्रत्याशित परिस्थितियों में अधिकारियों को छात्रों की शीघ्र पहचान करने और तत्काल चिकित्सा सहायता देने में मदद करेगी।
तमिलनाडु में राजस्व विभाग पहले से स्कूलों के ज़रिए क्या सेवाएँ दे रहा है?
राजस्व विभाग पिछले पाँच वर्षों से सीधे स्कूलों के माध्यम से छात्रों को आय, निवास और समुदाय प्रमाण पत्र जारी कर रहा है। इससे छात्रों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
राष्ट्र प्रेस
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