नोएडा में सफाई कर्मियों का प्राधिकरण के खिलाफ प्रदर्शन, नेताओं की रिहाई तक हड़ताल जारी
सारांश
Key Takeaways
- सफाई कर्मियों का प्रदर्शन बढ़ रहा है।
- गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग की जा रही है।
- प्रदर्शन में बढ़ता आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है।
- प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है।
- शहर की सफाई व्यवस्था पर खतरा बना हुआ है।
नोएडा, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इस समय शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद और भी भड़कता जा रहा है। मंगलवार को बड़ी तादाद में सफाई कर्मियों ने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और अपने गिरफ्तार यूनियन नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर नारेबाजी की।
सफाई कर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनके साथी रिहा नहीं होते और उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए जाते, तब तक वे काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। दरअसल, सोमवार को नोएडा स्टेडियम में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मियों पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह यूनियन नेताओं समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया था। बाद में सभी को जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई के बाद सफाई कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला है, जो अब खुले विरोध के रूप में सामने आया है। मंगलवार की सुबह से ही सफाई कर्मी समूहों में प्राधिकरण कार्यालय के बाहर इकट्ठा होने लगे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनके नेताओं को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया है और यह कार्रवाई कर्मचारियों की आवाज को दबाने के इरादे से की गई है।
उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं और किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। प्रदर्शन के चलते प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्राधिकरण कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर प्रदर्शनकारियों से लगातार संवाद कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, प्राधिकरण के अधिकारी भी मामले को सुलझाने में जुटे हुए हैं। ओएसडी और जीएम स्तर के अधिकारी सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि गतिरोध को समाप्त किया जा सके और शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। हालांकि, अब तक कोई ठोस समाधान निकलता नजर नहीं आ रहा है। सफाई कर्मियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों को जल्दी नहीं माना गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है, जिसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।