23 जुलाई 2026
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नोएडा इंडोर स्टेडियम टेंडर 2021: फर्जी दस्तावेजों के आरोप, युवा क्रांति सेना ने माँगी निष्पक्ष जाँच और एफआईआर

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नोएडा इंडोर स्टेडियम टेंडर 2021: फर्जी दस्तावेजों के आरोप, युवा क्रांति सेना ने माँगी निष्पक्ष जाँच और एफआईआर

सारांश

नोएडा इंडोर स्टेडियम के 2021 के टेंडर में फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र और आउटडोर कोचों की प्रोफाइल से इंडोर टेंडर जीतने के कथित आरोपों ने खेल जगत में हलचल मचाई है। युवा क्रांति सेना ने नोएडा प्राधिकरण सीईओ को ज्ञापन देकर स्वतंत्र जाँच और एफआईआर की माँग की है।

मुख्य बातें

युवा क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश सिंह ने 23 जुलाई को नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को ज्ञापन सौंपा।
नोएडा इंडोर स्टेडियम के 2021 के टेंडर में फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र और भ्रामक दस्तावेजों के उपयोग का कथित आरोप।
आरोप है कि इंडोर खेलों के टेंडर में आउटडोर कोचों की प्रोफाइल प्रस्तुत कर अतिरिक्त तकनीकी अंक हासिल किए गए।
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और कोचों के नाम कथित तौर पर उनकी सहमति के बिना तकनीकी मूल्यांकन में इस्तेमाल किए गए।
माँग: स्वतंत्र एजेंसी से जाँच, दोषियों पर एफआईआर , और भविष्य में टेंडर में प्रोफाइल सत्यापन अनिवार्य किया जाए।

नोएडा इंडोर स्टेडियम के संचालन से संबंधित वर्ष 2021 के टेंडर में कथित अनियमितताओं और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग के आरोप एक बार फिर सतह पर आ गए हैं। युवा क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश सिंह ने 23 जुलाई को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर इस प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जाँच की माँग की। उन्होंने दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की अपील की है।

मुख्य आरोप क्या हैं

अविनाश सिंह के अनुसार, हाल की मीडिया रिपोर्टों में सामने आए तथ्यों से खेल जगत में गंभीर चिंता उत्पन्न हुई है। आरोप है कि संबंधित कंपनी ने तकनीकी मूल्यांकन में अधिक अंक प्राप्त करने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र, गलत कोच प्रोफाइल और भ्रामक दस्तावेजों का सहारा लिया।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि इंडोर खेलों के संचालन से जुड़े इस टेंडर में आउटडोर खेलों के कोचों की प्रोफाइल प्रस्तुत कर अतिरिक्त तकनीकी अंक हासिल किए गए। यदि जाँच में यह सिद्ध होता है, तो तकनीकी मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया संदेह के दायरे में आ जाएगी।

खिलाड़ियों और कोचों की प्रतिष्ठा पर सवाल

अविनाश सिंह ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर कंपनी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों एवं कोचों के नाम और प्रोफाइल का उपयोग उनकी जानकारी, सहमति या वास्तविक संबद्धता के बिना तकनीकी मूल्यांकन में लाभ उठाने के लिए किया गया।

उनका कहना है कि यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल सरकारी प्रक्रिया के साथ धोखा है, बल्कि संबंधित खिलाड़ियों और कोचों की प्रतिष्ठा के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है।

ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख माँगें

युवा क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को सौंपे ज्ञापन में निम्नलिखित माँगें रखी हैं:

पहली, पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जाँच कराई जाए। दूसरी, यदि फर्जीवाड़ा, दस्तावेजों में हेरफेर या नियमों का उल्लंघन सिद्ध हो तो संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो। तीसरी, लापरवाही या मिलीभगत में लिप्त अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

भविष्य की टेंडर प्रक्रियाओं में सुधार की माँग

अविनाश सिंह ने भविष्य में नोएडा प्राधिकरण की सभी टेंडर प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए खिलाड़ियों, कोचों और विशेषज्ञों की प्रोफाइल की लिखित सहमति तथा स्वतंत्र सत्यापन को अनिवार्य करने की माँग की।

उनका तर्क है कि इस तरह के सुधारात्मक कदमों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर हासिल करने की संभावित अनियमितताओं पर रोक लगेगी और सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। यह मामला नोएडा प्राधिकरण की टेंडर प्रणाली की विश्वसनीयता की एक बड़ी परीक्षा के रूप में सामने आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो आउटडोर कोचों की प्रोफाइल से इंडोर टेंडर जीतना मूल्यांकन तंत्र की संरचनागत खामियों को उजागर करता है। असली चुनौती यह है कि नोएडा प्राधिकरण जाँच को स्वतंत्र और पारदर्शी रखे — न कि विभागीय दबाव में दबा दे। खिलाड़ियों और कोचों की सहमति के बिना उनके नामों के कथित उपयोग का पहलू इसे और गंभीर बनाता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के दुरुपयोग का मामला भी है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा इंडोर स्टेडियम टेंडर विवाद क्या है?
यह विवाद नोएडा इंडोर स्टेडियम के संचालन से जुड़े 2021 के टेंडर में कथित अनियमितताओं से संबंधित है, जिसमें फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र और भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर किसी कंपनी को लाभ पहुँचाने के आरोप हैं। हाल की मीडिया रिपोर्टों के बाद यह मामला फिर चर्चा में आया है।
युवा क्रांति सेना ने क्या माँगें रखी हैं?
युवा क्रांति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश सिंह ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को ज्ञापन देकर स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जाँच, दोषियों पर एफआईआर और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की माँग की है। साथ ही भविष्य में टेंडर प्रक्रिया में प्रोफाइल का स्वतंत्र सत्यापन अनिवार्य करने की भी अपील की गई है।
आउटडोर कोचों की प्रोफाइल का इंडोर टेंडर में उपयोग क्यों विवादास्पद है?
इंडोर खेलों के संचालन टेंडर में आउटडोर खेलों के कोचों की प्रोफाइल प्रस्तुत करना तकनीकी मूल्यांकन की शर्तों के विरुद्ध माना जाता है। यदि जाँच में यह सिद्ध होता है, तो तकनीकी मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया और टेंडर की वैधता दोनों संदेह के घेरे में आ जाएँगी।
खिलाड़ियों और कोचों के नामों के कथित दुरुपयोग से क्या समस्या है?
आरोप है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों एवं कोचों के नाम और उपलब्धियाँ उनकी जानकारी या सहमति के बिना तकनीकी मूल्यांकन में इस्तेमाल की गईं। यह उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के साथ गंभीर खिलवाड़ है और कानूनी रूप से भी प्रश्नचिह्न उठाता है।
नोएडा प्राधिकरण की टेंडर प्रक्रिया में क्या सुधार की माँग है?
युवा क्रांति सेना ने माँग की है कि भविष्य में नोएडा प्राधिकरण की सभी टेंडर प्रक्रियाओं में खिलाड़ियों, कोचों और विशेषज्ञों की प्रोफाइल के लिए लिखित सहमति और स्वतंत्र सत्यापन अनिवार्य किया जाए। इससे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर हासिल करने की संभावनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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