नोएडा मेट्रो का एम3एम बिल्डर को कारण बताओ नोटिस, 2 अगस्त को क्रेन स्लिंग से एक्वा लाइन बाधित
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने एम3एम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को गंभीर सुरक्षा उल्लंघन, मेट्रो संपत्ति को क्षति और एक्वा लाइन सेवाओं में व्यवधान के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस 2 अगस्त 2026 को सेक्टर-51 और सेक्टर-50 मेट्रो स्टेशन के बीच हुई एक गंभीर घटना के बाद भेजा गया है। निगम ने कंपनी को तीन दिनों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई और क्षतिपूर्ति वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
घटना का विवरण
एनएमआरसी के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को एम3एम की निर्माणाधीन परियोजना स्थल पर क्रेन संचालन के दौरान एक भारी लिफ्टिंग स्लिंग (वेबिंग स्लिंग) टूटकर मेट्रो लाइन के ऊपर लगे ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (ओएचई) के संपर्क तार और कैंटिलीवर असेंबली में फंस गई। इस हादसे में कई मेट्रो ट्रेनों के पैंटोग्राफ क्षतिग्रस्त हो गए और ओएचई के अनेक उपकरणों को भी नुकसान पहुँचा।
घटना के कारण एक्वा लाइन पर मेट्रो परिचालन रोकना पड़ा। क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत और लाइन को सुरक्षित घोषित करने के बाद ही सेवाएँ सामान्य हो सकीं। इस दौरान निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
पूर्व चेतावनियों की अनदेखी
एनएमआरसी ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि 7 अगस्त 2025 को हुई बैठक में एम3एम की परियोजना टीम को सुरक्षा संबंधी स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इनमें शामिल था कि किसी भी परिस्थिति में क्रेन का बूम मेट्रो ट्रैक के ऊपर नहीं जाएगा, क्रेन का संचालन केवल निर्माण स्थल की निर्धारित सीमा के भीतर होगा, और उपयोग न होने या प्रतिकूल मौसम में क्रेन का बूम लॉक रखा जाएगा।
इन निर्देशों के बावजूद कंपनी ने अनुपालन नहीं किया। निगम के अनुसार, परियोजना प्रबंधन को कई बार मौखिक चेतावनी और काउंसलिंग भी दी गई थी, परंतु सुरक्षा मानकों की अनदेखी जारी रही।
संभावित खतरे की गंभीरता
एनएमआरसी ने नोटिस में रेखांकित किया है कि यदि स्लिंग किसी भारी भार को उठाए हुए टूटती और वह चलती मेट्रो ट्रेन, ट्रैक या यात्रियों पर गिर जाती, तो यह एक बड़े हादसे का रूप ले सकती थी। ऐसी स्थिति में जनहानि, ट्रेन के पटरी से उतरने, भारी संपत्ति नुकसान और दीर्घकालिक सेवा व्यवधान की आशंका थी। निगम ने इसे घोर लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अवहेलना करार दिया है।
एनएमआरसी की कार्रवाई और आगे की राह
एनएमआरसी ने कहा है कि यदि तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो निगम कानूनी कार्रवाई, क्षतिपूर्ति की वसूली और घटना से हुए समस्त नुकसान, लागत एवं देनदारियों की भरपाई के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। यह मामला निर्माण स्थलों के आसपास मेट्रो सुरक्षा प्रोटोकॉल की बाध्यकारी अनुपालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।