4 जुलाई 2026
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नोएडा में ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर लूट करने वाले गैंग का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

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नोएडा में ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर लूट करने वाले गैंग का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

सारांश

नोएडा में ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब की आड़ में लूट करने वाले गैंग का भंडाफोड़ — पुलिस ने 5 को गिरफ्तार किया, एक नाबालिग को अभिरक्षा में लिया। लूटी फॉर्च्यूनर कार, UPI से ₹18,000 की ठगी और अवैध चाकू बरामद। फरार सदस्यों की तलाश जारी।

मुख्य बातें

नोएडा थाना सेक्टर-24 पुलिस ने 3 जुलाई 2026 को ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर लूट करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया।
गिरफ्तार आरोपी: ओमवीर यादव, मंजेश यादव, निधि यादव, प्रियंका यादव और काजल उर्फ रिया यादव ; एक नाबालिग को बाल न्याय अधिनियम के तहत अभिरक्षा में लिया गया।
30 जून की रात पीड़ित से मारपीट कर ₹18,000 यूपीआई से ट्रांसफर कराए गए और फॉर्च्यूनर कार लूटी गई।
बरामदगी में लूटी फॉर्च्यूनर , वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट व ऑरा कार और एक अवैध चाकू शामिल।
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज; फरार सदस्यों की तलाश जारी।

नोएडा के थाना सेक्टर-24 पुलिस ने 3 जुलाई 2026 को एक शातिर गैंग का भंडाफोड़ किया, जो ऑनलाइन फर्जी फ्रेंडशिप क्लब की आड़ में निर्दोष लोगों को जाल में फंसाकर लूटपाट करता था। पुलिस ने इस कार्रवाई में दो पुरुष और तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को बाल न्याय अधिनियम के तहत अभिरक्षा में लिया गया है।

गिरफ्तारी और बरामदगी

पुलिस के अनुसार, मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर सेक्टर-54 स्थित खरगोश पार्क के पास से आरोपियों को दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओमवीर यादव, मंजेश यादव, निधि यादव, प्रियंका यादव और काजल उर्फ रिया यादव के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से एक लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट और ऑरा कारें तथा एक अवैध चाकू बरामद किया गया है।

गैंग का मॉडस ऑपरेंडी

पूछताछ में सामने आया कि गैंग का सदस्य पंकज यादव सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के ज़रिए लोगों से संपर्क करता था। इसके बाद महिला सदस्य दोस्ती और मुलाकात का झाँसा देकर पीड़ितों को कार में बिठा लेती थीं। सुनसान स्थान पर पहुँचते ही गैंग के अन्य सदस्य मारपीट कर नकदी, मोबाइल, वाहन और अन्य कीमती सामान लूट लेते थे। गौरतलब है कि वारदात के दौरान गैंग के कुछ सदस्य दूसरी कार में पीछे-पीछे चलते थे, ताकि ज़रूरत पड़ने पर सहयोग कर सकें।

ताज़ा वारदात का ब्योरा

पुलिस के अनुसार, 30 जून की रात सेक्टर-54 स्थित एक पेट्रोल पंप के पास इसी गैंग ने एक व्यक्ति को अपनी स्विफ्ट कार में बिठाया। आरोपियों ने पीड़ित के साथ मारपीट कर उसका मोबाइल फोन छीना और जबरन लॉक खुलवाकर यूपीआई के माध्यम से करीब ₹18,000 अपने विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद पर्स और फॉर्च्यूनर कार की चाबी छीनकर वाहन लेकर फरार हो गए। स्विफ्ट कार में ओमवीर यादव, मंजेश यादव, पंकज यादव और निधि यादव सवार थे, जबकि ऑरा कार में जीतू यादव उर्फ छोटू, रिशु यादव, प्रियंका यादव, काजल उर्फ रिया और अभिषेक यादव थे।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना सेक्टर-24 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस की अपील

नोएडा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया या ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के माध्यम से संपर्क करने वाले अज्ञात व्यक्तियों से सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति से मिलने से पहले उसकी पहचान की पूरी तरह पुष्टि करें। यह मामला ऑनलाइन ठगी के बदलते तौर-तरीकों की ओर ध्यान दिलाता है, जहाँ डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग अपराध के नए रास्ते खोल रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह के फर्जी क्लबों की निगरानी की व्यापक ज़रूरत अभी भी बनी हुई है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब लूट गैंग क्या था?
यह एक सुनियोजित गैंग था जो सोशल मीडिया पर फर्जी फ्रेंडशिप क्लब चलाकर लोगों को दोस्ती का झाँसा देता था, फिर सुनसान जगह पर ले जाकर मारपीट कर नकदी, मोबाइल और वाहन लूट लेता था। गैंग ने कम से कम एक मामले में यूपीआई के ज़रिए ₹18,000 भी ट्रांसफर कराए।
नोएडा पुलिस ने किन आरोपियों को गिरफ्तार किया?
पुलिस ने ओमवीर यादव, मंजेश यादव, निधि यादव, प्रियंका यादव और काजल उर्फ रिया यादव को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग को बाल न्याय अधिनियम के तहत अभिरक्षा में लिया गया है, जबकि पंकज यादव सहित कई अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
गैंग ने किस तरह से लोगों को निशाना बनाया?
गैंग का सदस्य ऑनलाइन माध्यमों से लोगों से दोस्ती करता था, फिर महिला सदस्य मुलाकात का झाँसा देकर पीड़ित को कार में बिठाती थीं। सुनसान स्थान पर पहुँचते ही दूसरी कार में पीछे आ रहे गैंग के सदस्य मारपीट कर लूट करते थे।
गिरफ्तारी में क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने एक लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट और ऑरा कारें तथा एक अवैध चाकू बरामद किया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
ऑनलाइन फ्रेंडशिप स्कैम से बचने के लिए क्या सावधानियाँ बरतें?
नोएडा पुलिस ने अपील की है कि सोशल मीडिया पर अज्ञात व्यक्तियों से मिलने से पहले उनकी पहचान की पूरी तरह पुष्टि करें। किसी अनजान व्यक्ति की गाड़ी में अकेले न बैठें और संदिग्ध ऑनलाइन संपर्क की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
राष्ट्र प्रेस
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