नोएडा एसटीएफ ने बिहार के रौनक गैंग का भंडाफोड़ किया, 150 किलो गांजा और 5 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नोएडा यूनिट ने 25 अगस्त 2026 को गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में बिहार के कुख्यात रौनक गैंग के सक्रिय सदस्य प्रिंस सहित पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से करीब 150 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹37.50 लाख बताई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
एसटीएफ को अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान इस गिरोह की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने गाजियाबाद कमिश्नरेट के ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में दबिश दी और पाँचों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। आरोपियों के पास से बरामद गांजे के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे दो चार-पहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं।
गिरोह का तस्करी नेटवर्क
एसटीएफ के अनुसार, यह गिरोह बिहार से अवैध गांजा खरीदकर उसे दिल्ली-एनसीआर और मेरठ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास के इलाकों में सप्लाई करता था। गिरोह के सदस्य गांजे की खरीद, परिवहन और वितरण के लिए अलग-अलग भूमिकाएँ निभाते थे। अधिकारियों को आशंका है कि इस नेटवर्क से कई अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं।
रौनक गैंग से कनेक्शन
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल प्रिंस को बिहार के रौनक गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। यह गैंग कथित तौर पर अंतरराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की आपूर्ति में संलिप्त रहा है। एसटीएफ अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जाँच कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह इससे पहले कितनी बार गांजे की खेप दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुँचा चुका है।
जाँच की दिशा
पुलिस और एसटीएफ पाँचों आरोपियों से गहन पूछताछ कर गिरोह के पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटी है। जाँच के दायरे में गांजे के बिहार स्थित आपूर्ति स्रोत, दिल्ली-एनसीआर और मेरठ में सप्लाई पाने वाले व्यक्ति, तस्करी के मार्ग और गिरोह के अन्य संभावित सदस्य शामिल हैं। एसटीएफ को उम्मीद है कि पूछताछ से इस नेटवर्क से जुड़े कई अहम नाम सामने आ सकते हैं।
आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के मुताबिक, अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। एसटीएफ गिरोह के शेष सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है। इस मामले में आगे की जाँच के नतीजे इस अंतरराज्यीय नेटवर्क की वास्तविक गहराई को उजागर कर सकते हैं।