26 जुलाई 2026
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नोएडा में अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार और 12 मोटरसाइकिलें बरामद

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नोएडा में अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार और 12 मोटरसाइकिलें बरामद

सारांश

नोएडा पुलिस ने सेक्टर-63 में एक अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया। दो आरोपी — बदायूं का आकाश मसीह और बिहार का नवीन झा — गिरफ्तार, 12 हीरो होंडा स्प्लेंडर बाइकें बरामद। गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और आसान लॉक सिस्टम के कारण इसी मॉडल को निशाना बनाता था।

मुख्य बातें

नोएडा सेक्टर-63 थाना पुलिस ने 10 जून 2026 को अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
गिरफ्तार आरोपी: आकाश मसीह (बदायूं) और नवीन झा (वैशाली, बिहार); दोनों पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज।
आरोपियों के कब्जे से 12 हीरो होंडा स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें बरामद।
गिरोह ने इस मॉडल को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि इसका लॉक सिस्टम तोड़ना अपेक्षाकृत आसान था।
गिरोह का नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर फैला था; चोरी की बाइकें बेचने के लिए अलग संपर्क इस्तेमाल होते थे।

नोएडा के सेक्टर-63 थाना क्षेत्र में पुलिस ने 10 जून 2026 को एक अंतर्राज्यीय वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 12 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह विशेष रूप से हीरो होंडा स्प्लेंडर मोटरसाइकिलों को निशाना बनाता था और अलग-अलग जिलों में सक्रिय रहते हुए चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था।

मुख्य घटनाक्रम

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सेक्टर-63 थाना पुलिस टीम की इस कार्रवाई में न केवल आरोपियों को पकड़ा गया, बल्कि गिरोह के नेटवर्क और चोरी की गाड़ियों के ठिकानों का भी खुलासा हुआ। गिरफ्तार दोनों आरोपियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश मसीह, निवासी बदायूं, और नवीन झा, निवासी वैशाली, बिहार के रूप में हुई है। नवीन झा पेशे से इलेक्ट्रिशियन है, लेकिन पुलिस के अनुसार वह चोरी की घटनाओं में सक्रिय रूप से शामिल था।

गिरोह का तरीका

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे केवल हीरो होंडा स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को ही लक्षित करते थे। डीसीपी शैलेंद्र सिंह के अनुसार, इस मॉडल का लॉक सिस्टम अपेक्षाकृत सरल होने के कारण आरोपी कम समय में चोरी की घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो जाते थे। बरामद सभी 12 मोटरसाइकिलें इसी मॉडल की हैं।

पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे — अलग-अलग इलाकों से बाइक चोरी कर उन्हें छिपाकर रखते थे या आगे बेचने की योजना बनाते थे। चोरी की गाड़ियों को ठिकाने लगाने के लिए गिरोह अलग-अलग संपर्कों का इस्तेमाल करता था।

अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा

शुरुआती जाँच में सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर फैला हुआ था। आरोपी उत्तर प्रदेश और बिहार के अलग-अलग जिलों में सक्रिय रहते हुए चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। यह ऐसे समय में आया है जब नोएडा और आसपास के इलाकों में वाहन चोरी की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की जा रही है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने मामले में आगे की जाँच शुरू कर दी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। अधिकारियों के अनुसार, चोरी की गाड़ियों को खरीदने वाले संपर्कों की भी पहचान की जा रही है। बरामद मोटरसाइकिलों के असली मालिकों को वापस करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे गिरोह नए सदस्यों के साथ फिर सक्रिय हो जाते हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़ कब और कहाँ हुआ?
यह कार्रवाई 10 जून 2026 को नोएडा के सेक्टर-63 थाना पुलिस टीम द्वारा की गई। इसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 12 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुईं।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश मसीह, निवासी बदायूं, और नवीन झा, निवासी वैशाली (बिहार) के रूप में हुई है। नवीन झा पेशे से इलेक्ट्रिशियन है और दोनों पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरोह ने हीरो होंडा स्प्लेंडर को ही क्यों निशाना बनाया?
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि हीरो होंडा स्प्लेंडर का लॉक सिस्टम अपेक्षाकृत सरल होने के कारण उसे तोड़ना आसान था। इससे वे कम समय में चोरी को अंजाम देकर फरार हो सकते थे।
इस गिरोह का नेटवर्क कहाँ तक फैला था?
पुलिस के अनुसार गिरोह का नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर फैला था और आरोपी उत्तर प्रदेश व बिहार के अलग-अलग जिलों में सक्रिय थे। चोरी की गाड़ियों को बेचने के लिए वे अलग-अलग संपर्कों का इस्तेमाल करते थे।
बरामद मोटरसाइकिलों का क्या होगा?
पुलिस ने बताया कि बरामद 12 मोटरसाइकिलों के असली मालिकों की पहचान कर उन्हें वापस करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी की गाड़ियाँ खरीदने वाले संपर्कों की तलाश जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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