3 अगस्त 2026
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एक्ट ईस्ट पॉलिसी से नॉर्थ-ईस्ट में बदलाव का नया दौर: नागालैंड के सीएम नेफ्यू रियो

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एक्ट ईस्ट पॉलिसी से नॉर्थ-ईस्ट में बदलाव का नया दौर: नागालैंड के सीएम नेफ्यू रियो

सारांश

शिलांग में नॉर्थ ईस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर समिट 2026 के मंच से नागालैंड के सीएम नेफ्यू रियो ने एक्ट ईस्ट पॉलिसी को पूर्वोत्तर के रूपांतरण की धुरी बताया। 1,500 से अधिक प्रतिनिधियों वाले इस आयोजन में कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और निवेश पर ज़ोर दिया गया।

मुख्य बातें

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने 15 जून 2026 को शिलांग में 'नॉर्थ ईस्ट इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट एंड एग्जिबिशन 2026' को संबोधित किया।
समिट में 1,500 से अधिक प्रतिनिधि और 60 से अधिक प्रदर्शक , सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों की भागीदारी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मेघालय के सीएम कॉनराड के.
संगमा उद्घाटन समारोह में उपस्थित।
रियो ने सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी को पूर्वोत्तर के आर्थिक एकीकरण की कुंजी बताया।
पूर्वोत्तर को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले प्रमुख गेटवे के रूप में विकसित करने पर बल।

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने सोमवार, 15 जून 2026 को कहा कि केंद्र की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' के प्रभाव में पूर्वोत्तर भारत विकास के एक नए और परिवर्तनकारी चरण में प्रवेश कर चुका है। शिलांग में आयोजित 'नॉर्थ ईस्ट इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट एंड एग्जिबिशन 2026' के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए उन्होंने क्षेत्र की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए सरकारों और निवेशकों के बीच ठोस सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

समिट का आयोजन और भागीदारी

मेघालय सरकार द्वारा न्यू शिलांग के लारिटी कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस दो दिवसीय समिट में 1,500 से अधिक प्रतिनिधि और 60 से अधिक प्रदर्शक शामिल हुए। आठों पूर्वोत्तर राज्यों के नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और निवेशक एक मंच पर एकत्रित हुए। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री रियो के मुख्य बिंदु

रियो ने कहा, 'नॉर्थ-ईस्ट एक्ट ईस्ट पॉलिसी से प्रेरित बदलाव के एक गतिशील दौर में प्रवेश कर रहा है। बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी में लगातार निवेश इस क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।' उन्होंने इस समिट को विकास योजनाओं को ठोस नतीजों में बदलने के लिए एक अनिवार्य मंच बताया।

मुख्यमंत्री ने सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी को पूर्वोत्तर राज्यों के आर्थिक एकीकरण की रीढ़ बताया। उनके अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी व्यापार, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और उद्यमिता के नए द्वार खोलेगी। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र कई देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमाएं साझा करता है और भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले एक प्रमुख गेटवे के रूप में उभरने की क्षमता रखता है।

समिट के प्रमुख सत्र और एजेंडा

दो दिवसीय इस आयोजन में बुनियादी ढांचा, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास, ऊर्जा और निवेश संवर्धन पर केंद्रित कई सेक्टर-विशिष्ट सत्र और सीईओ राउंडटेबल आयोजित किए जा रहे हैं। रियो ने मेघालय सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सहयोगी मंच क्षेत्रीय विकास की गति को तेज़ करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

क्षेत्र की रणनीतिक अहमियत

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर को भारत की विदेश नीति और आर्थिक विस्तार की धुरी के रूप में स्थापित करने पर ज़ोर दे रही है। रियो ने स्पष्ट किया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र अब स्थिरता और विकास के एक नए अध्याय में है, और केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच निरंतर सहयोग से आने वाले वर्षों में इसे आर्थिक विकास के एक बड़े केंद्र के रूप में रूपांतरित किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूर्वोत्तर में बुनियादी ढांचे की खाई अभी भी देश के बाकी हिस्सों से काफी पीछे है। शिलांग समिट जैसे आयोजन सहयोग का माहौल बनाते हैं, पर असली कसौटी यह है कि निवेश के वादे ज़मीन पर कितनी तेज़ी से उतरते हैं। रणनीतिक गेटवे की क्षमता तब तक अधूरी रहेगी जब तक सीमा पार व्यापार के लिए ठोस नीतिगत और भौतिक ढांचा नहीं बनता। आलोचकों का कहना है कि इस क्षेत्र में समिट और घोषणाओं की कमी नहीं, कमी है तो क्रियान्वयन की जवाबदेही की।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नॉर्थ ईस्ट इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट 2026 क्या है?
यह मेघालय सरकार द्वारा शिलांग के लारिटी कॉम्प्लेक्स में आयोजित दो दिवसीय समिट है, जिसमें पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के नीति-निर्माता, निवेशक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें बुनियादी ढांचा, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और निवेश संवर्धन पर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
एक्ट ईस्ट पॉलिसी का पूर्वोत्तर के लिए क्या महत्व है?
एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत केंद्र सरकार पूर्वोत्तर को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले प्रमुख गेटवे के रूप में विकसित करना चाहती है। नागालैंड के सीएम नेफ्यू रियो के अनुसार, यह नीति इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसर खोल रही है।
समिट में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए?
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा, नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्वोत्तर में किन क्षेत्रों में निवेश पर ज़ोर दिया जा रहा है?
समिट में बुनियादी ढांचा, लॉजिस्टिक्स, शहरी विकास, ऊर्जा और निवेश संवर्धन को प्राथमिकता दी जा रही है। सीएम रियो ने सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी को आर्थिक एकीकरण की बुनियाद बताया।
इस समिट में कितने प्रतिनिधि और प्रदर्शक शामिल हैं?
दो दिवसीय समिट में 1,500 से अधिक प्रतिनिधि और 60 से अधिक प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। इसमें सभी आठ पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के दिग्गज और निवेशक शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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