एनटीए का आंसर-की चैलेंज फीस पर स्पष्टीकरण: ₹200 प्रति सवाल, एक सही आपत्ति से लाखों को लाभ
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 21 अगस्त को आंसर-की चैलेंज प्रक्रिया और उससे जुड़ी फीस को लेकर उठ रहे सवालों पर विस्तृत सफाई दी। सोशल मीडिया पर यह चिंता व्यापक रूप से उठाई जा रही थी कि चैलेंज करने की फीस अत्यधिक है, जिस पर एजेंसी ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था हर परीक्षार्थी के साथ निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई है। एनटीए ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर पूरी प्रक्रिया का ब्यौरा दिया।
चैलेंज प्रक्रिया कैसे काम करती है
एनटीए के अनुसार, यदि कोई भी उम्मीदवार किसी प्रश्न पर आपत्ति दर्ज कराता है और विषय विशेषज्ञों की समिति उस आपत्ति को सही मानती है, तो संशोधित आंसर-की उस परीक्षा में बैठे सभी उम्मीदवारों पर समान रूप से लागू की जाती है। एजेंसी ने अपनी पोस्ट में लिखा, "एक चैलेंज, सबको फायदा। अगर एक भी उम्मीदवार सवाल चैलेंज करता है और विशेषज्ञ उसे स्वीकार कर लेते हैं, तो बदली हुई आंसर-की हर उस उम्मीदवार पर लागू होगी जिसने परीक्षा दी थी।"
फीस का उद्देश्य क्या है
एनटीए ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए ₹200 शुल्क निर्धारित है। यदि उम्मीदवार की आपत्ति सही पाई जाती है तो यह राशि वापस कर दी जाती है। एजेंसी ने जोर देकर कहा कि इस शुल्क का उद्देश्य राजस्व अर्जन नहीं, बल्कि निराधार और फर्जी आपत्तियों पर अंकुश लगाना है। एनटीए ने यह भी कहा कि यदि किसी उम्मीदवार ने कोई वास्तविक गलती पकड़ी है, तो न केवल उसकी फीस लौटाई जाएगी, बल्कि उसकी एक सही आपत्ति से लाखों अन्य छात्रों के परिणाम भी सुधर सकते हैं।
किन परीक्षाओं पर लागू होती है यह व्यवस्था
एनटीए की आंसर-की चैलेंज प्रक्रिया एक ऑनलाइन तंत्र है, जो जेईई मेन, नीट-यूजी, यूजीसी-नेट सहित एजेंसी द्वारा संचालित प्रमुख परीक्षाओं पर लागू होती है। उम्मीदवार प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर किसी भी प्रश्न या उत्तर पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
विवादों के बीच एनटीए का यह बयान
गौरतलब है कि यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब एनटीए परीक्षा-संबंधी कई विवादों को लेकर आलोचनाओं के घेरे में है। हाल के महीनों में नीट-यूजी और यूजीसी-नेट परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर एजेंसी की साख पर सवाल उठे थे। यह ऐसे समय में आया है जब छात्र समुदाय और अभिभावक एनटीए की पारदर्शिता को लेकर पहले से ही संशय में हैं।
एनटीए की छात्रों से अपील
एजेंसी ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि यदि उन्हें आंसर-की में कोई वास्तविक त्रुटि दिखे, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से आपत्ति अवश्य दर्ज कराएँ। एनटीए ने कहा कि एक सही चैलेंज लाखों छात्रों के परिणाम में सुधार का माध्यम बन सकता है, इसलिए उचित आपत्तियों को हतोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए। आने वाले समय में यह देखना होगा कि एनटीए की यह पहल छात्रों के बीच विश्वास बहाली में कितनी कारगर साबित होती है।