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ओडिशा में 77 माओवादी आत्मसमर्पण, डीजीपी का बाकी उग्रवादियों से हथियार डालने का आग्रह

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ओडिशा में 77 माओवादी आत्मसमर्पण, डीजीपी का बाकी उग्रवादियों से हथियार डालने का आग्रह

सारांश

ओडिशा के डीजीपी वाई.बी. खुरानिया ने बताया कि पिछले एक साल में 77 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बाकी उग्रवादियों से अपील की कि वे भी हथियार डाल दें।

मुख्य बातें

ओडिशा में 77 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।
27 उग्रवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया।
डीजीपी ने शेष माओवादियों से हथियार डालने की अपील की।
माओवादी प्रभाव को समाप्त करने का लक्ष्य 31 मार्च 2026 है।
सुरक्षा बलों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

भुवनेश्वर, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई.बी. खुरानिया ने रविवार को जानकारी दी कि पिछले एक वर्ष में सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियानों के परिणामस्वरूप राज्य में 77 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 27 उग्रवादियों को मार गिराया गया है। उन्होंने शेष माओवादी कैडरों से भी हथियार डालने की अपील की।

डीजीपी खुरानिया फुलबनी में आयोजित एक विशेष समारोह में शामिल हुए, जहाँ नक्सल विरोधी अभियानों में भाग लेने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को सम्मानित किया गया।

उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले देश से माओवादियों के प्रभाव को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके बाद से अभियान को तेज किया गया।

डीजीपी के अनुसार, 2025 और 2026 में अब तक माओवाद के खिलाफ उल्लेखनीय सफलताएँ प्राप्त हुई हैं। इसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ-साथ ओडिशा पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), स्पेशल इंटेलिजेंस विंग (एसआईडब्ल्यू) और डिस्ट्रिक्ट वॉलंटरी फोर्स (डीवीएफ) का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

खुरानिया ने बताया कि 77 माओवादियों ने ओडिशा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया, जबकि 23 सक्रिय माओवादी कैडरों ने छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण किया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 27 माओवादियों को समाप्त किया है।

उन्होंने कहा कि 25 जनवरी 2025 को नुआपाड़ा-गरियाबंद सीमा के पास हुए एक संयुक्त ऑपरेशन में 17 माओवादी मारे गए थे, जिनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के केंद्रीय समिति का एक सदस्य भी शामिल था।

डीजीपी ने कहा कि ताज़ा आंकलन के अनुसार राज्य में सक्रिय माओवादियों की संख्या अब एकल अंक में रह गई है। हालांकि कंधमाल, रायगड़ा और कालाहांडी के जंगलों में अभी भी कुछ माओवादी कैडर सक्रिय हैं, जिनकी तलाश में सुरक्षा बल लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे हैं।

उन्होंने बचे हुए माओवादियों से अपील की कि वे हथियार डालकर राज्य सरकार की नई पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाएं, अन्यथा सुरक्षा बलों की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सुरक्षा बलों की कड़ी मेहनत और रणनीतिक अभियानों का परिणाम भी है। राज्य में माओवाद के प्रभाव को कम करने के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में कितने माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं?
ओडिशा में पिछले एक साल में 77 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
डीजीपी ने बाकी माओवादी कैडरों से क्या अपील की?
डीजीपी ने बाकी बचे माओवादी कैडरों से हथियार डालने की अपील की है।
कौन से सुरक्षा बल माओवादी विरोधी अभियानों में शामिल थे?
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), ओडिशा पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और अन्य बल शामिल थे।
माओवादी कैडरों की वर्तमान संख्या कितनी है?
राज्य में सक्रिय माओवादियों की संख्या अब एकल अंक में रह गई है।
डीजीपी ने माओवादियों से क्या करने को कहा?
डीजीपी ने माओवादियों से अपील की कि वे हथियार डालकर राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।
राष्ट्र प्रेस
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