ओडिशा में 'अमा गांवरे अमा तहसील' की शुरुआत, गांव-गांव पहुंचेंगी राजस्व सेवाएं
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा सरकार राज्य के ग्रामीण नागरिकों को राजस्व सेवाएं उनके दरवाजे तक पहुंचाने के लिए 'अमा गांवरे अमा तहसील' (घर-घर तहसील) कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा संचालित यह पहल जमीनी स्तर पर शासन को सुदृढ़ करने और आम नागरिकों तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की जाएगी। विभाग के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्यक्रम राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी के निर्देशों पर आधारित है।
कार्यक्रम का स्वरूप और उद्देश्य
इस पहल के अंतर्गत राजस्व विभाग के अधिकारी पूरे राज्य में ग्राम और पंचायत स्तर पर 'तहसील कैंप कोर्ट' आयोजित करेंगे। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाएगा और 'अधिकार अभिलेख' में सुधार, भूमि की हदबंदी तथा अन्य राजस्व सेवाएं सीधे गांवों में उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे पहले नागरिकों को इन सेवाओं के लिए तहसील कार्यालयों तक जाना पड़ता था, जो दूरदराज के इलाकों में रहने वालों के लिए एक बड़ी चुनौती थी।
उच्च-स्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय
राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने भुवनेश्वर में सोमवार, 18 मई को एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व सेवाएं हर नागरिक तक प्रभावी ढंग से पहुंचनी चाहिए। बैठक में पिछले दो वर्षों की विभागीय उपलब्धियों की समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि जिसे हम अपनी उपलब्धि मानते हैं, वह असली सफलता नहीं है — बल्कि वे पहलें जिन्हें आम जनता सफल मानकर स्वीकार करती है और सराहती है, वही सच्ची उपलब्धियां हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी
विभाग के अनुसार, राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग जिलों के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों का दौरा करें, वहाँ रात बिताएं, जनता से सीधे संवाद करें और सरकारी राजस्व सेवाओं पर फीडबैक लें। साथ ही वे नागरिकों के बीच विभाग की प्रमुख जन-उन्मुख सेवाओं के बारे में जागरूकता भी फैलाएंगे।
पिछले दो वर्षों की उपलब्धियां और आगे की योजना
बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में 'ओडिशा लोक सेवा अधिकार अधिनियम' के तहत 2.5 करोड़ से अधिक राजस्व सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। आने वाले समय में इन सेवाओं को और अधिक नागरिक-केंद्रित बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, मंत्री ने शहरी क्षेत्रों में कृषि भूमि के वर्गीकरण से संबंधित नियमों को सरल बनाने का भी निर्देश दिया। विभाग ने यह भी घोषणा की कि विस्थापित व्यक्तियों के लिए एक नया 'पुनर्वास और पुनर्स्थापन ढांचा' शीघ्र तैयार कर लागू किया जाएगा।