ओडिशा पुलिस-NFSU MOU: साइबर अपराध जांच और डिजिटल फोरेंसिक प्रशिक्षण के लिए 5 साल की साझेदारी
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा पुलिस की सीआईडी क्राइम ब्रांच ने 5 अगस्त 2025 को भुवनेश्वर स्थित राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) परिसर के साथ पाँच वर्षीय समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य साइबर अपराध जांच, डिजिटल फोरेंसिक और साक्ष्य-आधारित पुलिसिंग में राज्य की क्षमताओं को आधुनिक बनाना है। इस साझेदारी के तहत जनवरी 2027 तक 480 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
MOU पर हस्ताक्षर और उद्घाटन समारोह
समझौता ज्ञापन पर क्राइम ब्रांच के डीजीपी विनयतोष मिश्रा और NFSU भुवनेश्वर की कैंपस डायरेक्टर पुरबी पोखरियाल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर ओडिशा पुलिस के डीजीपी योगेश बहादुर खुरानिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। हस्ताक्षर समारोह के तुरंत बाद डीजीपी खुरानिया ने इस साझेदारी के अंतर्गत पहले साइबर अपराध जांच और डिजिटल फोरेंसिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
खुरानिया ने बताई साझेदारी की अहमियत
सभा को संबोधित करते हुए डीजीपी खुरानिया ने इस MOU को ओडिशा पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में एक 'ऐतिहासिक मील का पत्थर' करार दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि अपराध की प्रकृति तेज़ी से बदल रही है और अब लगभग हर मामले में डिजिटल साक्ष्य की भूमिका निर्णायक हो गई है। उनके अनुसार, अवैध खाते, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी और 'डिजिटल गिरफ्तारी' जैसे साइबर अपराध तेज़ी से बढ़ रहे हैं, और नए आपराधिक कानूनों के तहत फोरेंसिक विज्ञान की केंद्रीय भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
राज्य में साइबर अपराध से निपटने की तैयारी
डीजीपी खुरानिया ने बताया कि ओडिशा ने पहले ही 20 नए साइबर अपराध और आर्थिक अपराध पुलिस स्टेशन स्थापित किए हैं और पुलिस स्टेशनों को लगभग ₹15 करोड़ के आधुनिक हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर से सुसज्जित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण अनिवार्य है। NFSU के साथ यह साझेदारी केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगी — इसमें अपराध स्थल प्रबंधन, उच्च शिक्षा, संयुक्त अनुसंधान, फोरेंसिक बुनियादी ढाँचे का विकास और तकनीकी परामर्श भी शामिल होंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की संरचना
डीजीपी विनयतोष मिश्रा ने बताया कि जनवरी 2027 तक राज्य के सभी 34 पुलिस ज़िलों और क्राइम ब्रांच के कुल 480 अधिकारियों एवं कर्मियों को 16 बैचों में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रत्येक बैच में 30 प्रतिभागी होंगे — जिनमें कांस्टेबल से लेकर डीएसपी तक के अधिकारी शामिल रहेंगे। छह दिवसीय कार्यक्रम में NFSU में पाँच दिन का कक्षा और प्रयोगशाला प्रशिक्षण होगा, जिसके बाद साइबर कॉम्प्लेक्स में एक दिन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आगे की राह
यह साझेदारी ऐसे समय में आई है जब देशभर में साइबर अपराध के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और राज्य पुलिस बलों पर डिजिटल जांच की क्षमता विकसित करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। NFSU के साथ इस दीर्घकालिक सहयोग से ओडिशा पुलिस न केवल तकनीकी रूप से सशक्त होगी, बल्कि वैज्ञानिक पुलिसिंग के लिए एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र भी तैयार होगा, जो भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सहायक सिद्ध हो सकता है।