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मानसून सत्र 2025: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सांसदों से माँगा रचनात्मक सहयोग

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मानसून सत्र 2025: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सांसदों से माँगा रचनात्मक सहयोग

सारांश

18वीं लोकसभा का आठवाँ मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ। अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सांसदों से संविधान की भावना और संसदीय गरिमा का सम्मान करते हुए रचनात्मक सहयोग की अपील की। सत्र से पहले BAC बैठक में सभी दलों से जनहित के मुद्दों पर सुझाव माँगे गए।

मुख्य बातें

18वीं लोकसभा का आठवाँ सत्र — मानसून सत्र — 20 जुलाई 2025 से शुरू हुआ।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सांसदों से संसदीय मर्यादाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक सहयोग की अपील की।
सत्र से पहले बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में सभी राजनीतिक दलों से जनहित के मुद्दों पर सुझाव माँगे गए।
बिड़ला ने एक्स पर पोस्ट कर संसद को 'लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर' बताते हुए सार्थक विमर्श का आह्वान किया।
सभी दलों ने सत्र की कार्यसूची में राष्ट्रीय महत्व और जनहित के मुद्दे शामिल कराने के सुझाव दिए।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने 20 जुलाई 2025 को 18वीं लोकसभा के आठवें सत्र — मानसून सत्र के शुभारंभ पर सभी सांसदों से संविधान की भावना और संसदीय मर्यादाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकतम विधायी एवं संसदीय कार्यों का संपादन सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

अध्यक्ष का संदेश: लोकतंत्र की गरिमा सर्वोपरि

बिड़ला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा कि संसद देश की जन-आकांक्षाओं, आशाओं और विश्वास की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा, 'प्रत्येक संसदीय सत्र जनप्रतिनिधियों के लिए इन आकांक्षाओं को सार्थक संवाद, विचार-विमर्श, प्रभावी विधायी कार्यवाही तथा रचनात्मक सहभागिता के माध्यम से जनहित एवं राष्ट्रहित में परिणत करने का महत्वपूर्ण अवसर होता है।'

उन्होंने यह भी कहा, 'आइए, हम सब मिलकर इस सत्र को सार्थक विमर्श, जनहितकारी निर्णयों और संसदीय गरिमा के अनुरूप संचालित करने का सामूहिक प्रयास करें।'

बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक

मानसून सत्र से एक दिन पहले रविवार को लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता स्वयं ओम बिड़ला ने की। इस बैठक में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया और उनसे जनहित से जुड़े उन मुद्दों पर सुझाव माँगे गए, जिन्हें वे सत्र की कार्यसूची में शामिल कराना चाहते हैं।

बैठक में सरकार और विभिन्न दलों के सदस्यों ने मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले विधायी एवं अन्य कार्यों को लेकर अपने विचार साझा किए। सदस्यों ने राष्ट्रीय महत्व और जनहित से जुड़े कई मुद्दे चर्चा के लिए सुझाए।

सत्र का महत्व और पृष्ठभूमि

यह 18वीं लोकसभा का आठवाँ सत्र है। गौरतलब है कि मानसून सत्र परंपरागत रूप से विपक्ष के लिए सरकार को महत्वपूर्ण मुद्दों पर घेरने का प्रमुख अवसर रहा है। ऐसे में अध्यक्ष की यह अपील संसद की उत्पादकता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बिड़ला ने रचनात्मक चर्चा और सार्थक भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए सभी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू और व्यवस्थित तरीके से चलाने में पूरा सहयोग देने का आग्रह किया।

आगे क्या

मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा अपेक्षित है। सभी दलों की सहभागिता और संसदीय अनुशासन इस सत्र की उत्पादकता तय करेगा। अध्यक्ष की अपील के बाद अब यह देखना होगा कि सत्र के दौरान सदन का माहौल कितना सहयोगात्मक रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी प्रासंगिकता तब और बढ़ जाती है जब पिछले कई सत्र हंगामे और स्थगन की भेंट चढ़ चुके हों। BAC बैठक में सभी दलों को शामिल करना सकारात्मक संकेत है, परंतु असली परीक्षा सदन के भीतर होगी — जहाँ विपक्ष के पास उठाने के लिए कई ज्वलंत मुद्दे हैं। संसदीय उत्पादकता का सवाल केवल अध्यक्ष की अपील से नहीं, बल्कि सरकार और विपक्ष दोनों की राजनीतिक इच्छाशक्ति से तय होगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

18वीं लोकसभा का मानसून सत्र 2025 कब से शुरू हुआ?
18वीं लोकसभा का आठवाँ सत्र — मानसून सत्र — 20 जुलाई 2025 से शुरू हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने इसके शुभारंभ पर सांसदों का स्वागत किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सांसदों से क्या अपील की?
ओम बिड़ला ने सांसदों से संविधान की भावना, संसदीय परंपराओं और मर्यादाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक सहयोग की भावना से सदन की कार्यवाही में सहभागी बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकतम विधायी कार्यों का संपादन सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में क्या हुआ?
मानसून सत्र से पहले रविवार को BAC की बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से जनहित के मुद्दों पर सुझाव माँगे। सदस्यों ने राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दे सत्र की कार्यसूची में शामिल कराने के लिए सुझाए।
मानसून सत्र में किन मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है?
BAC बैठक में सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों ने जनहित और राष्ट्रीय महत्व से जुड़े कई मुद्दे सत्र की कार्यसूची में शामिल कराने के सुझाव दिए। विशिष्ट विधेयकों और एजेंडे का विवरण सत्र की प्रगति के साथ स्पष्ट होगा।
ओम बिड़ला ने संसद को किस रूप में परिभाषित किया?
ओम बिड़ला ने संसद को 'लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर' बताते हुए कहा कि यह देश की जन-आकांक्षाओं, आशाओं और विश्वास की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। उन्होंने इसे सार्थक विमर्श और जनहितकारी निर्णयों का केंद्र बनाने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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