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विश्व साइकिल दिवस: CM उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में साइक्लोथॉन को दिखाई हरी झंडी, ‘ड्रग्स को ना’ का संदेश

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विश्व साइकिल दिवस: CM उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में साइक्लोथॉन को दिखाई हरी झंडी, ‘ड्रग्स को ना’ का संदेश

सारांश

श्रीनगर में विश्व साइकिल दिवस पर CM उमर अब्दुल्ला ने साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाई। रॉयल स्प्रिंग गोल्फ कोर्स से कश्मीर विश्वविद्यालय तक चली इस रैली की थीम थी ‘ड्रग्स को ना कहें’। सरकार ने जम्मू और कश्मीर साइक्लोथॉन की भी घोषणा की, जिसे फिटनेस, युवा-जुड़ाव और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली पहल बताया गया है।

मुख्य बातें

CM उमर अब्दुल्ला ने 3 जून को श्रीनगर में साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाई।
आयोजक: जम्मू-कश्मीर खेल युवा परिषद ; रूट: रॉयल स्प्रिंग गोल्फ कोर्स से कश्मीर विश्वविद्यालय तक।
आयोजन की थीम ‘ ड्रग्स को ना कहें ’ रखी गई, जिसमें युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
जम्मू साइक्लोथॉन का लोगो व शुभंकर लॉन्च; पंजीकरण शुरू।
खेल मंत्री सतीश शर्मा ने हर महीने एक बड़ा खेल आयोजन कराने का ऐलान किया।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 3 जून को विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर श्रीनगर में आयोजित साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह आयोजन रॉयल स्प्रिंग गोल्फ कोर्स से शुरू होकर कश्मीर विश्वविद्यालय में सम्पन्न हुआ, जिसमें स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के साइकिल चालकों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया।

आयोजन की रूपरेखा

इस साइक्लोथॉन का आयोजन जम्मू-कश्मीर खेल युवा परिषद द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद नागरिकों को नियमित रूप से साइकिल चलाने और फिटनेस को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम की थीम ‘ड्रग्स को ना कहें’ रखी गई थी, जो घाटी में युवाओं के बीच बढ़ती नशे की समस्या से सीधे जुड़ी है।

सरकार की पहल और पर्यटन से जुड़ाव

मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने कहा, ‘यह एक बहुत अच्छी पहल है। हम कश्मीर में इस तरह की खेल गतिविधियों का आयोजन करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले गोल्फ प्रतियोगिता और मैराथन होती थी। अब हम साइक्लोथॉन का आयोजन कर रहे हैं। जम्मू साइक्लोथॉन और कश्मीर साइक्लोथॉन भी होंगे।’ उन्होंने जोड़ा कि सरकार इन आयोजनों को युवाओं को खेलों से जोड़ने और साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के माध्यम के रूप में देख रही है।

‘फिट इंडिया’ और कैलेंडर-आधारित आयोजन

जम्मू-कश्मीर खेल परिषद की सचिव नुजहत गुल ने बताया कि खेल विभाग एक वार्षिक कैलेंडर के तहत आयोजन करता है। उन्होंने कहा, ‘यह साइक्लोथॉन विश्व साइकिल दिवस मनाने और आलस्य के विरुद्ध आवाज उठाने की एक पहल है। जम्मू-कश्मीर की ओर से यह सशक्त संदेश देने के लिए है कि हम फिटनेस और फिट इंडिया के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ इस अवसर पर जम्मू साइक्लोथॉन का लोगो और शुभंकर भी लॉन्च किया गया तथा पंजीकरण व प्रचार अभियान की शुरुआत की गई।

नशे के विरुद्ध संदेश

जम्मू-कश्मीर के खेल मंत्री सतीश शर्मा ने माना कि नशा घाटी की एक बड़ी सामाजिक चुनौती बन चुका है। उन्होंने कहा, ‘आज के समय में जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स बड़ी समस्या बन गई है। इसलिए विश्व साइकिल पर ‘ड्रग्स को न कहें’ थीम रखी गई। जाने-अनजाने में बहुत से युवा नशे की लत में बर्बाद हो रहे हैं। बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए स्पोर्ट्स के कई आयोजन करने जा रहे हैं।’ उन्होंने ‘नशे को ना कहें और खेल को हां कहें’ का नारा दोहराते हुए हर महीने एक उच्च स्तरीय खेल आयोजन कराने और बुनियादी ढाँचे की कमी दूर करने का आश्वासन दिया।

आगे क्या

अधिकारियों के अनुसार आने वाले हफ्तों में जम्मू साइक्लोथॉन और कश्मीर साइक्लोथॉन के पंजीकरण को व्यापक स्तर पर खोला जाएगा। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब केंद्र शासित प्रदेश पर्यटन सीज़न की तैयारी में है और सरकार खेल-आधारित आयोजनों को सुरक्षा-सामान्यीकरण के संदेश के साथ-साथ युवा-केंद्रित नीति का हिस्सा बना रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे सरकारी आँकड़े भी कश्मीर के युवाओं में महामारी-स्तर का बता चुके हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या ये आयोजन पुनर्वास, स्कूल-आधारित खेल ढाँचे और लगातार फंडिंग में बदलते हैं, या केवल वार्षिक प्रतीकात्मक कैलेंडर तक सीमित रह जाते हैं। पर्यटन को इससे जोड़ना समझदारी है, लेकिन सुरक्षा-सामान्यीकरण की कहानी तभी टिकाऊ होगी जब ज़मीन पर युवाओं को रोज़गार और पुनर्वास के ठोस रास्ते मिलें।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व साइकिल दिवस पर श्रीनगर में आयोजित साइक्लोथॉन का रूट क्या था?
साइक्लोथॉन रॉयल स्प्रिंग गोल्फ कोर्स से शुरू होकर कश्मीर विश्वविद्यालय में सम्पन्न हुआ। इसमें स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के साइकिल चालकों सहित आम नागरिकों ने भाग लिया।
साइक्लोथॉन का आयोजन किसने किया और इसकी थीम क्या थी?
इस आयोजन को जम्मू-कश्मीर खेल युवा परिषद ने आयोजित किया। थीम ‘ड्रग्स को ना कहें’ रखी गई, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना है।
जम्मू साइक्लोथॉन और कश्मीर साइक्लोथॉन कब होंगे?
अधिकारियों के अनुसार जम्मू साइक्लोथॉन का लोगो, शुभंकर और पंजीकरण विश्व साइकिल दिवस के मौके पर ही लॉन्च किए गए हैं। कश्मीर साइक्लोथॉन का भी शुभारंभ हो चुका है और इसके पंजीकरण जल्द शुरू होंगे।
सरकार इन खेल आयोजनों को पर्यटन से कैसे जोड़ रही है?
मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी के अनुसार ये आयोजन फिटनेस के साथ-साथ कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने का माध्यम भी हैं। पहले गोल्फ प्रतियोगिता और मैराथन के बाद अब साइक्लोथॉन को इसी रणनीति का विस्तार बताया गया है।
कश्मीर में युवाओं के बीच नशे की समस्या पर सरकार का रुख क्या है?
खेल मंत्री सतीश शर्मा ने माना कि ड्रग्स जम्मू-कश्मीर की एक बड़ी समस्या बन चुकी है। सरकार ने कहा है कि नशे की लत में फँसे युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए हर महीने एक उच्च स्तरीय खेल आयोजन किया जाएगा और खेल बुनियादी ढाँचे की कमी दूर की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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