योगी सरकार का बड़ा फैसला: बेसिक शिक्षा की ऑनलाइन बैठकों में अनिवार्य होगी वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने 27 जुलाई 2026 को ऑनलाइन समीक्षा बैठकों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अब मंडल स्तर पर सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) और जनपद स्तर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुशासित और परिणामोन्मुख प्रशासन की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
क्यों जारी हुए ये निर्देश
शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निदेशालय स्तर पर आयोजित महत्वपूर्ण ऑनलाइन समीक्षा बैठकों में कई जनपदों से अपेक्षित स्तर की सहभागिता नहीं हो रही थी। कई मामलों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वयं बैठक में शामिल नहीं होते थे और न ही किसी अधिकृत वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाती थी। इसे प्रशासनिक जवाबदेही के प्रतिकूल मानते हुए अब यह व्यवस्था लागू की गई है।
नई व्यवस्था के मुख्य प्रावधान
नए निर्देशों के अनुसार, सभी अधिकारी केवल अपनी आधिकारिक ई-मेल आईडी के माध्यम से ही बैठक में शामिल होंगे, ताकि प्रतिभागियों की पहचान सुनिश्चित हो सके और समीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बने। यदि किसी अपरिहार्य शासकीय कारण से संबंधित अधिकारी उपस्थित नहीं हो सकते, तो उन्हें किसी वरिष्ठ अधीनस्थ अधिकारी को विधिवत अधिकृत कर बैठक में भेजना होगा।
इसके अतिरिक्त, एक ही जनपद या मंडल से अलग-अलग डिवाइस और अलग-अलग आईडी से बैठक में जुड़ने की व्यवस्था पूरी तरह अस्वीकार्य होगी। यदि एक से अधिक अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक हो, तो सभी एक ही स्थान पर बैठकर एक अधिकृत लॉगिन आईडी के माध्यम से बैठक में भाग लेंगे।
प्रशासनिक पारदर्शिता पर असर
बेसिक शिक्षा विभाग का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति से समीक्षा बैठकों की गुणवत्ता में सुधार होगा और निर्णयों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित होगा। यह व्यवस्था तकनीकी अव्यवस्था को समाप्त करने के साथ-साथ शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन में गति लाएगी। गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार बेसिक शिक्षा क्षेत्र में सुधारों को तेज़ी से लागू करने पर ज़ोर दे रही है।
आगे की राह
ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू माने जा रहे हैं और सभी सहायक शिक्षा निदेशकों (बेसिक) तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इनका पालन करना अनिवार्य होगा। विभाग का अनुमान है कि इस व्यवस्था से न केवल बैठकों की प्रभावशीलता बढ़ेगी, बल्कि शैक्षिक योजनाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन में भी सुधार आएगा।