यूपी में BSB से संबद्ध स्कूलों को यू-डायस प्लस कोड, योगी सरकार ने शुरू की श्रेणी उन्नयन प्रक्रिया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 23 जून 2026 को भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB), हरिद्वार से संबद्ध विद्यालयों को यू-डायस प्लस पोर्टल पर नए कोड आवंटित करने और विद्यालय श्रेणी उन्नयन की प्रक्रिया आरंभ करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह पहल शिक्षा प्रशासन को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और प्रत्येक विद्यार्थी के शैक्षणिक अभिलेखों को राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है।
मुख्य घटनाक्रम
स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों में मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों, जिला विद्यालय निरीक्षकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्हें निर्धारित प्रारूप में आवेदन, सत्यापन और संस्तुति की प्रक्रिया पूरी करते हुए आवश्यक अभिलेख और आख्या शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार जिन विद्यालयों के पास अब तक यू-डायस प्लस कोड नहीं है, उन्हें नए कोड आवंटित किए जाएंगे। वहीं जिन विद्यालयों के पास पूर्व में यू-डायस कोड उपलब्ध हैं, उनके लिए मान्यता के अनुरूप विद्यालय श्रेणी उन्नयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
यू-डायस प्लस से जुड़ने का महत्व
यू-डायस प्लस भारत सरकार का एकीकृत शिक्षा डेटा प्रबंधन पोर्टल है, जो विद्यालयों के नामांकन, शैक्षणिक प्रगति, परीक्षा अभिलेख और अन्य शैक्षिक प्रक्रियाओं को राष्ट्रीय स्तर पर व्यवस्थित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल प्रशासन और डेटा-आधारित अनुश्रवण को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है।
गौरतलब है कि भारतीय शिक्षा बोर्ड, हरिद्वार द्वारा संचालित एवं संबद्ध विद्यालयों की ओर से यू-डायस प्लस पोर्टल पर नए कोड आवंटन और कक्षा उन्नयन के अनुरोध प्राप्त हुए थे, जिसके बाद शासन स्तर पर यह प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की गई।
विद्यार्थियों पर असर
इस पहल के लागू होने के बाद BSB से संबद्ध विद्यालयों के छात्रों का शैक्षणिक डेटा राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली में व्यवस्थित रूप से समाहित हो सकेगा। इससे उनके शैक्षणिक अभिलेखों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा और छात्रों को उच्च शिक्षा या सरकारी योजनाओं में प्रवेश के समय दस्तावेज़ी अड़चनों का सामना कम करना पड़ेगा। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी डिजिटल एकीकरण प्रक्रियाएं दीर्घकाल में विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने में सहायक होती हैं।
आगे की प्रक्रिया
संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवश्यक अभिलेख, आख्या और संस्तुति सहित प्रस्ताव समयबद्ध रूप से शासन को उपलब्ध कराएं, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके। उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और जवाबदेह बनाने की दिशा में यह कदम राज्य सरकार की व्यापक शिक्षा सुधार नीति का हिस्सा माना जा रहा है।