यूपी में बीएसबी स्कूलों को मुख्यधारा से जोड़ने की मुहिम तेज, यूडीआईएसई+ कोड आवंटन शुरू
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 23 जून 2025 को राज्य की शिक्षा प्रणाली में एक अहम सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी) से संबद्ध स्कूलों को राष्ट्रीय मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की प्रक्रिया में तेज़ी लाई है। इसके तहत इन स्कूलों को यूडीआईएसई+ (शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली) कोड आवंटित किए जा रहे हैं और स्कूलों की श्रेणियाँ अपग्रेड की जा रही हैं। इस पहल का सीधा उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक अभिलेखों को राष्ट्रीय डेटा ढाँचे से जोड़ना है।
क्या है भारतीय शिक्षा बोर्ड
योग गुरु रामदेव द्वारा 2019 में स्थापित भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी), हरिद्वार को शिक्षा मंत्रालय ने 2023 में राष्ट्रीय स्कूल बोर्ड के रूप में मान्यता दी। यह बोर्ड केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और इंडियन काउंसिल ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) की तर्ज पर पूरे भारत में स्कूल शिक्षा संचालित करने के लिए अधिकृत है। गौरतलब है कि अब तक बीएसबी से जुड़े स्कूल यूडीआईएसई+ के राष्ट्रीय डेटाबेस से बाहर थे, जिससे इन स्कूलों के छात्रों के अभिलेख राष्ट्रीय शिक्षा ढाँचे में दर्ज नहीं हो पाते थे।
मुख्य घटनाक्रम
स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, बीएसबी से संबद्ध उन स्कूलों को नए यूडीआईएसई+ कोड आवंटित किए जाएंगे जिनके पास अभी तक कोड नहीं हैं। जिन स्कूलों के पास पहले से यूडीआईएसई कोड हैं, उनके लिए उनकी मान्यता की स्थिति के अनुसार स्कूल श्रेणी अपग्रेडेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि आवेदन, सत्यापन और सिफारिश की प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी की जाए। यूडीआईएसई+ पोर्टल पर नए कोड आवंटन और श्रेणी अपग्रेडेशन के अनुरोध प्राप्त हो चुके हैं और सरकारी स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
छात्रों पर असर
एक बार जब ये स्कूल यूडीआईएसई+ प्रणाली में शामिल हो जाएंगे, तो इनका शैक्षणिक डेटा — जिसमें नामांकन अभिलेख, शैक्षणिक प्रगति और परीक्षा संबंधी जानकारी शामिल है — व्यवस्थित रूप से राष्ट्रीय शिक्षा ढाँचे में दर्ज हो जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल गवर्नेंस और डेटा प्रबंधन को प्राथमिकता दे रही है।
अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से एनरोलमेंट रिकॉर्ड का बेहतर प्रबंधन होगा और शिक्षा प्रशासन अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनेगा। इससे बीएसबी से जुड़े छात्रों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित होगा क्योंकि उनके रिकॉर्ड अब राष्ट्रीय स्तर पर मान्य होंगे।
व्यापक संदर्भ
यह पहल उत्तर प्रदेश सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत राज्य में शिक्षा प्रशासन को डिजिटल रूप से सुदृढ़ किया जा रहा है। यूडीआईएसई+ प्रणाली पहले से ही सीबीएसई, आईसीएसई और राज्य बोर्ड के स्कूलों को कवर करती है; बीएसबी स्कूलों का इसमें शामिल होना उस अंतर को पाटने की दिशा में एक कदम है। आगे यह देखना होगा कि जिला स्तर पर निर्धारित समयसीमा में यह प्रक्रिया कितनी प्रभावी ढंग से पूरी हो पाती है।