ओपी राजभर का सपा सांसदों पर हमला: दलित महिला की 50 बीघा जमीन कब्जे का आरोप, अखिलेश पर भी निशाना
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 21 जुलाई 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए — उनका कहना है कि सपा नेता दलितों और गरीबों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, जबकि पार्टी उन्हीं वर्गों के हितों की दुहाई देती है। राजभर ने विशेष रूप से सपा सांसद दरोगा प्रसाद सरोज पर आजमगढ़ के एक गाँव में एक दलित महिला की करीब 50 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया।
मुख्य आरोप: दलित महिला की जमीन और स्विमिंग पूल
राजभर के अनुसार, आजमगढ़ के मोहनपुर पटवास गाँव में एक दलित महिला की करीब 50 बीघा जमीन और तालाब पर कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस जमीन पर फार्महाउस और स्विमिंग पूल का निर्माण किया जा रहा है। राजभर ने कहा, 'पूरे परिसर को तारबंदी कर बिजली का करंट लगाया गया है ताकि कोई अंदर न जा सके।' उनका कहना है कि यह भूमि लालगंज से सपा सांसद दरोगा प्रसाद सरोज से जुड़ी है।
इसके अलावा, राजभर ने मऊ में एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सपा से जुड़े राजीव राय द्वारा एक यादव की जमीन कब्जाई जा रही है और मारपीट की नौबत आ गई। उन्होंने कहा कि इस दौरान आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल हुआ। यह उल्लेखनीय है कि ये आरोप अभी तक कथित हैं और सपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अखिलेश यादव पर सवाल: मौलाना के बयान पर चुप्पी
राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक अलग मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने कहा कि मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को 'पाँच वक्त का नमाजी' बताए जाने के बयान पर अखिलेश यादव की चुप्पी समझ से परे है। राजभर का तर्क था कि जब अखिलेश यादव खुद को भगवान श्रीकृष्ण का वंशज बताते हैं, तो उन्हें इस बयान पर खुलकर प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी और मौलाना के खिलाफ एफआईआर की माँग करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख की निरंतर चुप्पी यह संकेत देती है कि वे इस बयान का विरोध नहीं कर रहे।
2027 विधानसभा चुनाव पर राजभर का दावा
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजभर ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उनका दावा है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का मुकाबला नहीं कर पाएंगे। राजभर ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में विपक्ष की हार का उल्लेख करते हुए विश्वास जताया कि 2027 में NDA पहले से भी अधिक सीटों के साथ सत्ता में वापसी करेगा।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सुरक्षा व्यवस्था पर समर्थन
राजभर ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में नई सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी लागू किए जाने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के सुरक्षा उपाय आवश्यक हैं, और प्रशासन की सतर्कता भविष्य में विवादों की संभावना कम करेगी।
सपा की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
अब तक समाजवादी पार्टी या सांसद दरोगा प्रसाद सरोज की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में दलित भूमि अधिकार एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रहा है और चुनाव से पहले इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह देखना बाकी है कि क्या प्रशासन इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच कराता है।