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ऑपरेशन मिलाप: गुजरात पुलिस ने 1,200 किमी दूर कर्नाटक से बचाई 14 वर्षीय लापता नाबालिग

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ऑपरेशन मिलाप: गुजरात पुलिस ने 1,200 किमी दूर कर्नाटक से बचाई 14 वर्षीय लापता नाबालिग

सारांश

वडोदरा से 1,200 किलोमीटर दूर कर्नाटक के शिवमोगा में जैन मंदिर में पुजारी बनकर छिपे आरोपी को गुजरात पुलिस की AHTU टीम ने दो दिन की निगरानी के बाद दबोचा और 14 वर्षीय नाबालिग को सकुशल परिवार से मिलाया — ऑपरेशन मिलाप अंतर-राज्यीय समन्वय की मिसाल बना।

मुख्य बातें

वडोदरा के छानी इलाके से 18 दिसंबर को 14 वर्षीय नाबालिग लड़की लापता हुई थी।
मामला वडोदरा एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) को सौंपा गया।
तकनीकी निगरानी से आरोपी का पता कर्नाटक के शिवमोगा में लगा — वडोदरा से लगभग 1,200 किमी दूर।
आरोपी ने नई पहचान अपनाकर जैन मंदिर में पुजारी बनकर लड़की को अपनी पत्नी बताकर रखा था।
पाँच सदस्यीय AHTU टीम ने दो दिन की निगरानी के बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार किया।
गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर ऑपरेशन की सराहना की।

वडोदरा की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने ऑपरेशन मिलाप के तहत कर्नाटक के शिवमोगा से एक 14 वर्षीय लापता नाबालिग लड़की को सकुशल बचाकर उसके परिजनों से मिलाया। तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और अंतर-राज्यीय समन्वय के बल पर पुलिस ने लगभग 1,200 किलोमीटर की दूरी पार करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि न्याय और इंसानियत के मामले में दूरी कभी रुकावट नहीं बनती।

मामले का पूरा घटनाक्रम

18 दिसंबर को वडोदरा के छानी इलाके से एक 14 वर्षीय लड़की अचानक लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग न मिलने पर परिजनों ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच स्थानीय थाने ने की, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे वडोदरा एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सौंप दिया गया।

कैसे हुई आरोपी की पहचान

AHTU की टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए आरोपी का पता कर्नाटक के शिवमोगा में लगाया — वडोदरा से लगभग 1,200 किलोमीटर दूर। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वहाँ पहुँचकर नई पहचान अपना ली थी और एक जैन मंदिर में पुजारी के रूप में काम करने लगा था। उसने नाबालिग लड़की को अपनी पत्नी बताकर मंदिर परिसर में रखा हुआ था।

पाँच सदस्यीय टीम का अभियान

वडोदरा AHTU की पाँच सदस्यीय विशेष टीम कर्नाटक रवाना हुई और दो दिन तक आरोपी पर नजर रखी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने नाबालिग के ठिकाने की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने लड़की को सुरक्षित बचाकर उसके परिवार से मिलाया।

गृहमंत्री की प्रतिक्रिया

गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गुजरात पुलिस की पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा, 'जब बात न्याय और इंसानियत की हो, तो दूरी कभी कोई रुकावट नहीं बनती।' यह ऐसे समय में आया है जब मानव तस्करी विरोधी इकाइयों की कार्यकुशलता पर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान बढ़ा है।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह ऑपरेशन गुजरात पुलिस की अंतर-राज्यीय समन्वय क्षमता का उदाहरण बनकर सामने आया है। नाबालिग की पहचान और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह AHTU जैसी विशेष इकाइयों की अपरिहार्यता का प्रमाण है — जिन्हें अक्सर बजट और जनशक्ति की कमी का सामना करना पड़ता है। गौरतलब है कि भारत में मानव तस्करी के अधिकांश मामलों में अंतर-राज्यीय समन्वय की कमी एक बड़ी बाधा रही है। आरोपी का धार्मिक स्थल में छिपना और नई पहचान अपनाना दर्शाता है कि तस्करी नेटवर्क कितने परिष्कृत तरीके अपना रहे हैं। असली सवाल यह है कि ऐसे अभियानों की सफलता को नीतिगत स्तर पर संस्थागत रूप कब मिलेगा।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन मिलाप क्या है?
ऑपरेशन मिलाप गुजरात पुलिस की वडोदरा एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा चलाया गया अभियान है, जिसमें कर्नाटक के शिवमोगा से एक 14 वर्षीय लापता नाबालिग लड़की को बचाकर उसके परिवार से मिलाया गया। यह अभियान लगभग 1,200 किलोमीटर की अंतर-राज्यीय दूरी पार करते हुए पूरा किया गया।
नाबालिग लड़की कब और कहाँ से लापता हुई थी?
लड़की 18 दिसंबर को वडोदरा के छानी इलाके से लापता हुई थी। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और मामला AHTU को सौंपा गया।
आरोपी कर्नाटक में कहाँ छिपा था और उसे कैसे पकड़ा गया?
आरोपी कर्नाटक के शिवमोगा में एक जैन मंदिर में पुजारी बनकर रह रहा था और नाबालिग को अपनी पत्नी बताकर रखा था। AHTU की पाँच सदस्यीय टीम ने दो दिन की निगरानी के बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार किया।
गृहमंत्री हर्ष संघवी ने इस ऑपरेशन पर क्या कहा?
गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने सोमवार को एक्स पर लिखा, 'जब बात न्याय और इंसानियत की हो, तो दूरी कभी कोई रुकावट नहीं बनती।' यह टिप्पणी उन्होंने गुजरात पुलिस की पोस्ट के जवाब में की।
इस मामले में AHTU की क्या भूमिका रही?
वडोदरा एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के जरिये आरोपी का पता लगाया और एक विशेष टीम कर्नाटक भेजकर उसे गिरफ्तार किया। AHTU ऐसे मामलों में अंतर-राज्यीय समन्वय की नोडल एजेंसी के रूप में काम करती है।
राष्ट्र प्रेस
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