19 अगस्त 2026
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पद्म श्री बुनकर हेमप्रोवा चुटिया ने होजाई में बदरुद्दीन अजमल से की मुलाकात, बोलीं — 'यह दौरा पूरी तरह निजी था'

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पद्म श्री बुनकर हेमप्रोवा चुटिया ने होजाई में बदरुद्दीन अजमल से की मुलाकात, बोलीं — 'यह दौरा पूरी तरह निजी था'

सारांश

पद्म श्री बुनकर हेमप्रोवा चुटिया की AIUDF अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल से होजाई में मुलाकात ने असम की राजनीति में हलचल मचा दी। उन्होंने राष्ट्रगान की बुनाई भेंट की और स्पष्ट किया कि यह दौरा निजी था — 2026 चुनाव से पहले यह बयान सांस्कृतिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर चर्चा का विषय बन गया है।

मुख्य बातें

पद्म श्री बुनकर हेमप्रोवा चुटिया ने 19 अगस्त 2026 को AIUDF अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल से उनके होजाई आवास पर मुलाकात की।
चुटिया ने अजमल को भारत के राष्ट्रगान को बुनकर तैयार किया गया एक विशेष वस्त्र भेंट किया।
मुलाकात के बाद चुटिया ने स्पष्ट किया — 'यह दौरा पूरी तरह निजी था, राजनीति से कोई लेना-देना नहीं।' उन्होंने ऊपरी असम में अजमल के बाढ़ राहत कार्यों की सराहना की और राहत कार्यों को राजनीतिक रंग न देने की अपील की।
यह मुलाकात 2026 असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में बढ़ती राजनीतिक सरगर्मी के बीच हुई।

पद्म श्री से सम्मानित असम की विख्यात हाथकरघा बुनकर हेमप्रोवा चुटिया ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के अध्यक्ष एवं बिन्नाकांडी विधायक बदरुद्दीन अजमल से उनके होजाई स्थित आवास पर मुलाकात की। मुलाकात के बाद चुटिया ने स्पष्ट किया कि यह भेंट पूर्णतः व्यक्तिगत थी और इसका किसी राजनीतिक एजेंडे से कोई संबंध नहीं है।

राष्ट्रगान की बुनाई — एक अनूठा उपहार

बारीक हाथकरघा शिल्प के लिए पूरे असम में पहचानी जाने वाली हेमप्रोवा चुटिया धार्मिक ग्रंथों और साहित्यिक रचनाओं को वस्त्र पर बुनकर उकेरने की अपनी अद्वितीय कला के लिए प्रसिद्ध हैं। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने अजमल को भारत के राष्ट्रगान को बुनकर तैयार किया गया एक विशेष वस्त्र भेंट किया — जो उनकी शिल्पकला का एक दुर्लभ नमूना है।

मुलाकात की पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भ

यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब ऊपरी असम में बाढ़ राहत कार्यों को लेकर अजमल की राजनीतिक आलोचना हो रही है। विरोधी दल उनके राहत कार्यों की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। गौरतलब है कि 2026 के असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज है, जिसके चलते इस मुलाकात को राजनीतिक रंग दिए जाने की कोशिश हुई।

हेमप्रोवा की सफाई — 'राजनीति नहीं, केवल सद्भाव'

मुलाकात के बाद हेमप्रोवा चुटिया ने कहा, 'मैं वहाँ राजनीति के लिए नहीं गई थी। मैं पूरी तरह निजी कारण से गई थी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस भेंट का किसी ऐसी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है जो समाज या किसी समुदाय को नुकसान पहुँचाए।

उन्होंने अजमल द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे राहत कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद वे स्वयं प्रभावित इलाकों में पहुँचे और जरूरतमंद लोगों के बीच राहत सामग्री वितरित की।

आम जनता पर असर और चुटिया की अपील

चुटिया ने लोगों से अपील की कि प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों की सहायता के लिए किए जा रहे कार्यों को अनावश्यक रूप से राजनीतिक चश्मे से न देखा जाए। उनके अनुसार, बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अजमल बधाई के पात्र हैं और ऐसे कार्यों पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।

हेमप्रोवा चुटिया: पद्म श्री से सम्मानित शिल्पकार

हेमप्रोवा चुटिया को हाथकरघा और पारंपरिक असमिया बुनाई में उनके असाधारण योगदान के लिए पद्म श्री से नवाज़ा गया है। धार्मिक एवं साहित्यिक ग्रंथों को वस्त्र पर बुनकर उकेरने की उनकी विशेषज्ञता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। यह मुलाकात और उनका स्पष्टीकरण दर्शाता है कि वे अपनी सांस्कृतिक पहचान को राजनीतिक विवादों से अलग रखने के प्रति सजग हैं। आने वाले चुनावी माहौल में उनका यह रुख असम की सार्वजनिक बहस में एक महत्वपूर्ण सूत्र बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय — बाढ़ राहत विवाद और 2026 चुनाव की पूर्व संध्या — इसे महज़ शिष्टाचार नहीं रहने देता। एक पद्म श्री विजेता का सार्वजनिक बयान कि राहत कार्यों को राजनीतिक नज़रिए से न देखा जाए, अप्रत्यक्ष रूप से अजमल के आलोचकों को जवाब देता है। यह उस बड़े पैटर्न का हिस्सा है जिसमें असम में सांस्कृतिक हस्तियों को राजनीतिक ध्रुवीकरण के बीच 'तटस्थ आवाज़' की भूमिका में देखा जाता है — और यह भूमिका खुद एक राजनीतिक संदेश बन जाती है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेमप्रोवा चुटिया ने बदरुद्दीन अजमल से मुलाकात क्यों की?
हेमप्रोवा चुटिया के अनुसार यह मुलाकात पूरी तरह निजी कारण से थी। उन्होंने अजमल को भारत के राष्ट्रगान को बुनकर तैयार किया गया एक विशेष वस्त्र भेंट किया और स्पष्ट किया कि इसका किसी राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।
हेमप्रोवा चुटिया कौन हैं और उन्हें पद्म श्री क्यों मिला?
हेमप्रोवा चुटिया असम की विख्यात हाथकरघा बुनकर हैं, जो धार्मिक ग्रंथों और साहित्यिक रचनाओं को वस्त्र पर बुनकर उकेरने की अपनी अद्वितीय कला के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्हें पारंपरिक असमिया बुनाई में असाधारण योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।
बदरुद्दीन अजमल के बाढ़ राहत कार्यों पर विवाद क्यों है?
ऊपरी असम में बाढ़ राहत कार्यों को लेकर राजनीतिक विरोधी AIUDF अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल की मंशा और उनके कार्यों पर सवाल उठा रहे हैं। हेमप्रोवा चुटिया ने इस आलोचना को नकारते हुए कहा कि पीड़ितों की मदद के लिए किए जा रहे कार्यों को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए।
इस मुलाकात का असम की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
2026 के असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज है। एक पद्म श्री विजेता का अजमल के पक्ष में सार्वजनिक बयान राजनीतिक बहस में नया आयाम जोड़ सकता है, हालाँकि चुटिया ने खुद इसे किसी राजनीतिक संदर्भ से अलग रखने पर जोर दिया है।
AIUDF क्या है और बदरुद्दीन अजमल कौन हैं?
ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) असम का एक प्रमुख राजनीतिक दल है। बदरुद्दीन अजमल इसके अध्यक्ष और बिन्नाकांडी से विधायक हैं, जो असम की राजनीति में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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