25 अगस्त 2026
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पालघर आश्रम स्कूल में 7 वर्षीय छात्र की मौत, 26 बच्चे अस्पताल में भर्ती; महाराष्ट्र के आदिवासी स्कूलों पर फिर उठे सवाल

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पालघर आश्रम स्कूल में 7 वर्षीय छात्र की मौत, 26 बच्चे अस्पताल में भर्ती; महाराष्ट्र के आदिवासी स्कूलों पर फिर उठे सवाल

सारांश

पालघर के मसवण आश्रम स्कूल में 7 वर्षीय बच्चे की मौत महाराष्ट्र के आदिवासी आवासीय स्कूलों की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की एक और कड़वी तस्वीर है — जहाँ पिछले दो साल में 584 छात्रों की जान जा चुकी है।

मुख्य बातें

पालघर के मसवण आश्रम स्कूल में 7 वर्षीय पहली कक्षा के छात्र की 25 अगस्त 2026 को तेज बुखार और ऑक्सीजन स्तर गिरने से मौत हुई।
बच्चे को 22 अगस्त को बुखार आया था; सोमवार को हालत बिगड़ने पर मनोर ग्रामीण अस्पताल भेजा गया, जहाँ उसे मृत घोषित किया गया।
मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा; 26 अन्य छात्र PHC में निगरानी में, हालत स्थिर।
स्कूल में कुल 449 छात्र हैं, जिनमें 395 हॉस्टल में रहते हैं; सभी की स्वास्थ्य जाँच की गई।
पिछले दो वर्षों में महाराष्ट्र के आवासीय स्कूलों में 584 छात्रों की मौत दर्ज — सांप काटना, सिकल सेल रोग, हादसे और अन्य कारण शामिल।
ITDP अधिकारी विशाल खत्री ने स्कूल और PHC का दौरा कर अभिभावकों से मुलाकात की।

महाराष्ट्र के पालघर जिले के मसवण आश्रम स्कूल में 7 वर्षीय एक छात्र की तेज बुखार और सांस लेने में गंभीर तकलीफ के चलते 25 अगस्त 2026 को मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, 26 अन्य छात्रों को सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षणों के साथ मसवण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में निगरानी में रखा गया है, जहाँ उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

घटनाक्रम: कैसे हुई मौत

पहली कक्षा में पढ़ने वाले इस बच्चे को 22 अगस्त को तेज बुखार आया था, जिसके बाद उसे स्थानीय PHC में भर्ती कराया गया। सोमवार को बुखार के दोबारा लौटने पर PHC के चिकित्सकों ने पाया कि बच्चे के शरीर में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर रहा है। इसके बाद उसे एंबुलेंस से मनोर ग्रामीण अस्पताल भेजा गया, जहाँ ईसीजी जाँच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

स्कूल में स्वास्थ्य जाँच और प्रशासनिक कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी स्कूल परिसर पहुँचे। एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना (ITDP) के अधिकारी विशाल खत्री ने स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर अस्पताल में भर्ती छात्रों और उनके अभिभावकों से मुलाकात की। मेडिकल टीम ने स्कूल के 449 छात्रों — जिनमें से 395 हॉस्टल में रहते हैं — की व्यापक स्वास्थ्य जाँच की। एहतियात के तौर पर हल्के लक्षण वाले 26 बच्चों को PHC में निगरानी में रखा गया है।

पृष्ठभूमि: आदिवासी स्कूलों में मौतों का सिलसिला

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ ही हफ्ते पहले गढ़चिरौली जिले के एक आवासीय स्कूल हॉस्टल में तीन आदिवासी लड़कियों की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई थी — बताया गया था कि वे जमीन पर सो रही थीं। गौरतलब है कि इसी महीने के आरंभ में अधिकारियों ने खुलासा किया था कि पिछले दो वर्षों में महाराष्ट्र के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय स्कूलों में 584 छात्रों की मौत हुई है। इन मौतों के कारणों में सांप का काटना, सिकल सेल रोग, गंभीर बीमारियाँ, हादसे और आत्महत्या शामिल हैं।

आम जनता और आदिवासी समुदाय पर असर

महाराष्ट्र के आश्रम स्कूल मुख्यतः आदिवासी और वंचित समुदायों के बच्चों को आवासीय शिक्षा प्रदान करते हैं। बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाएँ इन संस्थानों में स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। आलोचकों का कहना है कि राज्य सरकार को इन स्कूलों में बुनियादी ढाँचे और चिकित्सा सुविधाओं को तत्काल सुदृढ़ करना चाहिए।

आगे क्या होगा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत का कारण स्पष्ट होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने संकेत दिया है कि स्कूल परिसर में स्वास्थ्य निगरानी जारी रहेगी। यह देखना होगा कि राज्य सरकार 584 मौतों के आँकड़े के मद्देनजर आश्रम स्कूलों की व्यवस्था में कोई ठोस सुधार लाती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो राज्य सरकार की प्रतिक्रिया हर बार 'दौरे और जाँच' तक ही सीमित क्यों रहती है। आश्रम स्कूलों में आदिवासी बच्चों की सुरक्षा केवल कागजी नीतियों की नहीं, बल्कि जमीनी जवाबदेही की माँग करती है — और वह अब तक नदारद है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पालघर आश्रम स्कूल में 7 वर्षीय छात्र की मौत कैसे हुई?
मसवण आश्रम स्कूल के पहली कक्षा के इस छात्र को 22 अगस्त को तेज बुखार आया था। सोमवार को ऑक्सीजन स्तर गिरने पर उसे मनोर ग्रामीण अस्पताल भेजा गया, जहाँ ईसीजी के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्पष्ट होगा।
अस्पताल में भर्ती 26 छात्रों की क्या स्थिति है?
सर्दी, खांसी और बुखार के हल्के लक्षण वाले 26 छात्रों को एहतियात के तौर पर मसवण PHC में निगरानी में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है।
महाराष्ट्र के आश्रम स्कूलों में पिछले दो साल में कितनी मौतें हुई हैं?
अधिकारियों ने इसी महीने बताया कि पिछले दो वर्षों में महाराष्ट्र के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय स्कूलों में 584 छात्रों की मौत हुई है। इनमें सांप काटना, सिकल सेल रोग, गंभीर बीमारियाँ, हादसे और आत्महत्या जैसे कारण शामिल हैं।
क्या हाल ही में महाराष्ट्र के किसी अन्य आश्रम स्कूल में भी ऐसी घटना हुई है?
हाँ, कुछ हफ्ते पहले गढ़चिरौली जिले के एक आवासीय स्कूल हॉस्टल में तीन आदिवासी लड़कियों की जहरीले सांप के काटने से मौत हुई थी। बताया गया था कि वे जमीन पर सो रही थीं, जो इन स्कूलों में बुनियादी सुरक्षा की कमी को उजागर करता है।
घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
ITDP अधिकारी विशाल खत्री ने स्कूल और PHC का दौरा किया और अभिभावकों से मुलाकात की। मेडिकल टीम ने स्कूल के सभी 449 छात्रों की स्वास्थ्य जाँच की और लक्षण वाले 26 बच्चों को निगरानी में रखा गया।
राष्ट्र प्रेस
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