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दुर्ग के सरकारी स्कूल में प्रतिबंधित दवा खाने से 8 छात्र बीमार, एक ICU में भर्ती

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दुर्ग के सरकारी स्कूल में प्रतिबंधित दवा खाने से 8 छात्र बीमार, एक ICU में भर्ती

सारांश

दुर्ग के एक सरकारी स्कूल में 10वीं के छात्र ने चॉकलेट बताकर साथियों को कथित प्रतिबंधित दवा दी — 8 बच्चे बीमार पड़े, एक ICU में। यह घटना स्कूल परिसरों तक पहुँच रही नशे की सप्लाई चेन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

दुर्ग के शासकीय चंद्रशेखर आजाद हायर सेकेंडरी स्कूल में 16 जुलाई 2025 को कथित प्रतिबंधित दवा खाने से 8 छात्र बीमार पड़े।
10वीं कक्षा के छात्र तरुण गुप्ता ने कथित तौर पर साथियों को चॉकलेट बताकर दवा दी; उसने पूछताछ में यह स्वीकार किया।
सबसे गंभीर रूप से प्रभावित छात्र नैतिक रामटेक को गंगोत्री अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया; नाक में पाइप लगाकर उपचार जारी।
फिलहाल 4 छात्र अस्पताल में भर्ती हैं और सभी की हालत में सुधार बताया जा रहा है।
चरणदास महंत ने राज्य सरकार से नशे की सप्लाई चेन पर सख्त कार्रवाई की माँग की।
पुलिस जाँच कर रही है कि प्रतिबंधित दवा छात्र तक कैसे पहुँची और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के शासकीय चंद्रशेखर आजाद हायर सेकेंडरी स्कूल में 16 जुलाई 2025 को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहाँ 10वीं कक्षा के एक छात्र ने कथित तौर पर अपने साथियों को चॉकलेट बताकर संदिग्ध प्रतिबंधित दवा खिला दी। इस घटना में 8 छात्र बीमार पड़ गए और सभी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जबकि एक छात्र की हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया। पुलिस और जिला प्रशासन ने मामले की जाँच तेज कर दी है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ खुलासा

स्कूल की प्रभारी प्राचार्य नलिनी वर्मा के अनुसार, 16 जुलाई को दोपहर करीब दो बजे एक छात्र की तबीयत बिगड़ने पर उसके परिजनों को बुलाकर अस्पताल भेजा गया। अगले दिन एक अन्य छात्र नैतिक रामटेक के परिजन स्कूल पहुँचे और बताया कि उसकी हालत गंभीर है। इसके बाद अन्य प्रभावित छात्रों की जानकारी जुटाई गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दवा स्कूल परिसर के बाहर दी गई थी और बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद ही स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी हुई।

पूछताछ के दौरान 10वीं कक्षा के छात्र तरुण गुप्ता ने स्वीकार किया कि उसने यह दवा अन्य बच्चों को दी थी। हालाँकि, उसने यह नहीं बताया कि दवा उसे कहाँ से मिली। अधिकारियों के अनुसार, छात्र तरुण सहित अन्य बच्चों का कहना है कि उन्हें यह नहीं पता था कि यह कोई नशीली या प्रतिबंधित दवा है।

प्रभावित बच्चों के परिजनों की आपबीती

छात्र के. यादव के पिता ने बताया कि उनका बेटा 9वीं कक्षा में पढ़ता है। शुरुआत में उन्हें सामान्य सर्दी-खाँसी का भ्रम हुआ और उन्होंने रातभर घर पर देखभाल की। अगले दिन जब उन्हें पता चला कि उसी स्कूल के कई अन्य छात्र भी बीमार हैं, तब उन्हें संदेह हुआ कि मामला किसी नशीले पदार्थ के सेवन से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस घटना में स्कूल के शिक्षकों की कोई गलती नहीं दिखती, लेकिन दवा देने वाले और उपलब्ध कराने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

सबसे गंभीर रूप से प्रभावित छात्र नैतिक रामटेक की माँ सारिका रामटेक ने बताया कि 16 जुलाई को स्कूल की छुट्टी के बाद उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनका बेटा चक्कर खाकर गिर रहा है। वह नौकरी से छुट्टी लेकर घर पहुँचीं तो बेटा बेहद कमजोर हालत में था। हालत बिगड़ने पर उसे गंगोत्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन गर्दन अकड़ने की शिकायत पर डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया। फिलहाल नाक में पाइप लगाकर उसका उपचार किया जा रहा है और डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। सारिका ने भी स्कूल शिक्षकों को इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया और माँग की कि दवा की सप्लाई चेन का पर्दाफाश किया जाए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: विपक्ष ने उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशे का जाल अब स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों तक पहुँच गया है। उनके अनुसार, 15 से 20 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं तक इस तरह की दवाओं का पहुँचना पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। डॉ. महंत ने राज्य सरकार, गृह विभाग और मुख्यमंत्री से इस मामले को प्राथमिकता से लेने की अपील की और कहा कि स्कूलों-कॉलेजों के आसपास ऐसे तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

आम जनता और विशेषज्ञों की चिंता

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूल परिसरों के आसपास नशीले पदार्थों की पहुँच को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि यह मामला केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं, बल्कि यह संकेत देता है कि प्रतिबंधित पदार्थों की सप्लाई चेन किशोरों तक पहुँच रही है। फिलहाल चार छात्र अस्पताल में भर्ती हैं और सभी की हालत में सुधार बताया जा रहा है।

जाँच की स्थिति और आगे की कार्रवाई

पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि प्रतिबंधित दवा छात्र तरुण गुप्ता तक कैसे पहुँची और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। प्राचार्य नलिनी वर्मा ने बताया कि प्रशासन और शासन को पूरी जानकारी दे दी गई है और आगे की कार्रवाई उनके निर्देशों के अनुसार की जाएगी। जाँच के नतीजे सामने आने के बाद दवा की आपूर्ति श्रृंखला और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक बड़ी विफलता का लक्षण है — वह विफलता जिसमें प्रतिबंधित दवाएँ बच्चों के हाथों तक बिना किसी रोक-टोक के पहुँच जाती हैं। असली सवाल यह नहीं कि दवा किसने दी, बल्कि यह है कि वह दवा एक स्कूली बच्चे तक पहुँची कहाँ से — और यह सप्लाई चेन कितनी गहरी है। छत्तीसगढ़ में स्कूलों के आसपास नशे के नेटवर्क की शिकायतें नई नहीं हैं, लेकिन जाँच अक्सर आपूर्तिकर्ताओं तक पहुँचने से पहले ही ठंडी पड़ जाती है। जब तक सप्लाई चेन को जड़ से नहीं तोड़ा जाता और स्कूल परिसरों के आसपास निगरानी तंत्र को मजबूत नहीं किया जाता, तब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना मुश्किल होगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्ग के सरकारी स्कूल में क्या हुआ?
दुर्ग के शासकीय चंद्रशेखर आजाद हायर सेकेंडरी स्कूल में 16 जुलाई 2025 को 10वीं के छात्र तरुण गुप्ता ने कथित तौर पर साथियों को चॉकलेट बताकर संदिग्ध प्रतिबंधित दवा दी, जिससे 8 छात्र बीमार पड़ गए। एक छात्र को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा।
ICU में भर्ती छात्र की अभी क्या स्थिति है?
छात्र नैतिक रामटेक को गंगोत्री अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है, जहाँ नाक में पाइप लगाकर उसका उपचार किया जा रहा है। डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
दवा स्कूल में कैसे पहुँची?
पूछताछ में छात्र तरुण गुप्ता ने माना कि उसने दवा साथियों को दी, लेकिन उसने यह नहीं बताया कि दवा उसे कहाँ से मिली। पुलिस इसी सप्लाई चेन की जाँच कर रही है।
इस मामले में स्कूल प्रशासन की क्या भूमिका रही?
प्रभारी प्राचार्य नलिनी वर्मा के अनुसार, दवा स्कूल परिसर के बाहर दी गई थी और किसी शिक्षक या प्रशासन को पहले से कोई जानकारी नहीं थी। प्रभावित छात्रों के परिजनों ने भी कहा कि इस घटना में शिक्षकों की कोई गलती नहीं दिखती।
विपक्ष ने इस मामले पर क्या माँग की है?
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्य सरकार, गृह विभाग और मुख्यमंत्री से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने नशे की सप्लाई चेन पर सख्त कार्रवाई और स्कूलों-कॉलेजों के आसपास कड़ी निगरानी की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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