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धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर: पंचमहल जिले में जांबुघोड़ा अभ्यारण्य के बीच सैलानियों की पसंदीदा जगह

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धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर: पंचमहल जिले में जांबुघोड़ा अभ्यारण्य के बीच सैलानियों की पसंदीदा जगह

सारांश

जांबुघोड़ा वन्यजीव अभ्यारण्य के बीच बसा धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर अब सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं — यह गुजरात के वन विभाग का वह प्रयोग है जो किफायती दरों, एसी कॉटेज, जंगल सफारी और स्थानीय रोजगार को एक साथ जोड़ता है। राज्य सरकार अब इस मॉडल को कच्छ और रतन महल तक विस्तार देने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर गुजरात के पंचमहल जिले में जांबुघोड़ा वन्यजीव अभ्यारण्य के भीतर स्थित है।
केंद्र में 8 एसी और 8 नॉन-एसी कमरे , सूवेनियर शॉप, अमूल शॉप, डाइनिंग कैंटीन और फायर सेफ्टी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
जंगल सफारी, ट्रैकिंग, जंड हनुमान मंदिर और कड़ा डैम पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण हैं।
वडोदरा , सूरत और अहमदाबाद की निकटता के कारण वीकेंड पर यहाँ पर्यटकों की उल्लेखनीय भीड़ रहती है।
वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कच्छ और रतन महल में भी इको-टूरिज्म विस्तार की योजना की पुष्टि की है।

गुजरात के पंचमहल जिले में जांबुघोड़ा वन्यजीव अभ्यारण्य के हृदय में बसा धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर प्रकृति-प्रेमी पर्यटकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनकर उभरा है। वन विभाग द्वारा संचालित यह केंद्र किफायती दरों पर आधुनिक सुविधाएं, जंगल सफारी और ट्रैकिंग का अनुभव प्रदान करता है — जो इसे वडोदरा, सूरत और अहमदाबाद से आने वाले वीकेंड पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय बनाता है।

क्या है धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर में खास

टूरिज्म सेंटर के मैनेजर मल्हारभाई के अनुसार, यहाँ पर्यटकों के लिए कुल 8 एसी और 8 नॉन-एसी कमरे उपलब्ध हैं। इसके साथ ही एक सूवेनियर शॉप, अमूल शॉप, डाइनिंग शेड कैंटीन और फायर सेफ्टी की व्यवस्था भी की गई है। जंगल सफारी और ट्रैकिंग के विकल्प इस केंद्र को महज एक ठहराव स्थल से कहीं अधिक बनाते हैं।

केंद्र के समीप स्थित जंड हनुमान मंदिर और कड़ा डैम जैसे दर्शनीय स्थल सैलानियों के अनुभव को और यादगार बना देते हैं। वीकेंड पर यहाँ बड़े शहरों से पर्यटकों की उल्लेखनीय भीड़ उमड़ती है।

पर्यटकों की राय

वडोदरा के पर्यटक वी.एस. पटेल ने कहा कि वन विभाग द्वारा विकसित बुनियादी ढाँचा और किफायती सेवाएं उन्हें बेहद संतुष्ट करती हैं। उनके शब्दों में, 'यहाँ जो सुविधाएं कम लागत में मिलती हैं, वैसी सुविधाएं अन्य स्थानों पर तीन से चार गुना अधिक खर्च के बाद भी आसानी से नहीं मिलतीं।'

एक अन्य पर्यटक अजीत सिंह राठौर ने कहा, 'यहाँ का इको-टूरिज्म बहुत अच्छा है। एक डैम है जो देखने लायक है। जंगल में रहने वाले लोग गाइडेंस और महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी देते हैं। अगर आप कुदरती नजारे देखना चाहते हैं तो यह बेहतरीन जगह है।'

सरकार की इको टूरिज्म नीति

गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने बताया कि राज्य सरकार जांबुघोड़ा के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी इको टूरिज्म को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि रतन महल के जंगल में बाघ आया है, कच्छ में तेंदुए के लिए योजना बनाई जा रही है, और जांबुघोड़ा के साथ-साथ कई नई इको-टूरिज्म साइट्स भी विकसित की जा रही हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में इको-टूरिज्म को टिकाऊ पर्यटन के एक व्यावहारिक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। गुजरात का यह प्रयास वन संरक्षण और स्थानीय आजीविका को एक साथ साधने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है।

आम जनता पर असर

स्थानीय वन-निवासी समुदायों को गाइड और सहायक सेवाओं के रूप में रोजगार मिल रहा है, जिससे यह केंद्र पर्यावरण-संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक समावेश का भी माध्यम बन रहा है। गौरतलब है कि तीन प्रमुख शहरों — वडोदरा, सूरत और अहमदाबाद — की निकटता इस केंद्र की पहुँच को व्यापक बनाती है।

क्या होगा आगे

राज्य सरकार की योजना है कि आने वाले समय में कच्छ और रतन महल क्षेत्र में भी इसी मॉडल पर इको-टूरिज्म सुविधाएं विकसित की जाएं। यदि यह विस्तार सफल रहा, तो गुजरात इको-टूरिज्म के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बढ़ती पर्यटक भीड़ से वन्यजीव अभ्यारण्य पर पड़ने वाले दीर्घकालिक पारिस्थितिक दबाव का कोई स्पष्ट आकलन अभी सामने नहीं आया है। रतन महल और कच्छ तक विस्तार की योजना महत्वाकांक्षी है, पर इसके साथ पर्यावरणीय वहन-क्षमता का अध्ययन भी जरूरी है। बिना इसके, 'इको-टूरिज्म' का लेबल महज एक विपणन उपकरण बनकर रह सकता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर कहाँ स्थित है?
यह केंद्र गुजरात के पंचमहल जिले में जांबुघोड़ा वन्यजीव अभ्यारण्य के भीतर स्थित है। वडोदरा, सूरत और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों से इसकी निकटता इसे वीकेंड पर्यटन के लिए आदर्श बनाती है।
धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?
यहाँ 8 एसी और 8 नॉन-एसी कमरे, सूवेनियर शॉप, अमूल शॉप, डाइनिंग शेड कैंटीन और फायर सेफ्टी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा जंगल सफारी और ट्रैकिंग की भी व्यवस्था है।
धनपुरी के पास कौन-से दर्शनीय स्थल हैं?
इको टूरिज्म सेंटर के समीप जंड हनुमान मंदिर और कड़ा डैम प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। जांबुघोड़ा अभ्यारण्य के घने जंगल और वन्यजीव भी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण हैं।
गुजरात सरकार इको टूरिज्म को और कहाँ विस्तार दे रही है?
वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया के अनुसार, सरकार कच्छ में तेंदुए के लिए और रतन महल के जंगल में बाघ-केंद्रित इको-टूरिज्म की योजना बना रही है। जांबुघोड़ा के अलावा कई नई साइट्स भी विकसित की जा रही हैं।
क्या धनपुरी इको टूरिज्म सेंटर किफायती है?
पर्यटकों के अनुसार यहाँ उपलब्ध सुविधाएं अन्य स्थानों की तुलना में तीन से चार गुना कम खर्च में मिलती हैं। वन विभाग द्वारा संचालित होने के कारण यह केंद्र बजट-अनुकूल पर्यटन का एक विश्वसनीय विकल्प माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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