पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक बदलाव: भाजपा की जीत को 'वास्तविक' बताया रंजन मुखर्जी ने, असम-पुडुचेरी में भी NDA की सरकार तय

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पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक बदलाव: भाजपा की जीत को 'वास्तविक' बताया रंजन मुखर्जी ने, असम-पुडुचेरी में भी NDA की सरकार तय

सारांश

2021 की विफलता के बाद 2026 में BJP के लिए पश्चिम बंगाल एक ऐतिहासिक पड़ाव बन गया है। रंजन मुखर्जी ने इसे 'वास्तविक जीत' बताया — केंद्रीय बलों की तैनाती और SIR प्रक्रिया को निर्णायक बताते हुए। असम और पुडुचेरी मिलाकर NDA तीन राज्यों में सत्ता की ओर बढ़ रही है।

मुख्य बातें

रंजन मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल में BJP की जीत को "ऐतिहासिक बदलाव" और "वास्तविक" करार दिया।
उभरते रुझानों के अनुसार पश्चिम बंगाल और असम में BJP तथा पुडुचेरी में NDA की सरकार बनने के संकेत।
मुखर्जी ने SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) प्रक्रिया और केंद्रीय बलों की तैनाती को पारदर्शी चुनाव का श्रेय दिया।
BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के अनुसार पार्टी पाँच में से तीन राज्यों में सरकार बना रही है; पश्चिम बंगाल में यह पहली बार होगा।
दिल्ली BJP प्रवक्ता धनंजय गिरि ने PM मोदी की दूरदृष्टि और अमित शाह की रणनीति को जीत का आधार बताया।

वायुसेना प्रमुख (सेवानिवृत्त) और प्रसार भारती के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक रंजन मुखर्जी ने 4 मई को पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदर्शन को "ऐतिहासिक बदलाव" करार दिया और इसे "वास्तविक जीत" बताया। उभरते रुझानों के अनुसार पश्चिम बंगाल और असम में BJP तथा पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनने की स्थिति बन रही है।

रंजन मुखर्जी का बयान: 'ऐतिहासिक बदलाव'

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में रंजन मुखर्जी ने कहा, "यह बंगाल में एक ऐतिहासिक बदलाव है। मौजूदा चुनाव और उभरते रुझान एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत दे रहे हैं।" उन्होंने विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस प्रक्रिया के ज़रिए मतदाता सूची से वे नाम हटाए गए जो या तो देश छोड़ चुके थे या भारत के नागरिक नहीं थे।

मुखर्जी ने यह भी कहा कि BJP को 2021 के विधानसभा चुनावों में ही पश्चिम बंगाल में सत्ता में आ जाना चाहिए था, लेकिन तब संगठनात्मक तैयारी उस स्तर की नहीं थी। उन्होंने कहा, "इस बार केंद्रीय बलों की मौजूदगी के कारण कोई अनियमितता नहीं हुई। सब कुछ स्पष्ट और पारदर्शी है। भाजपा की जीत वास्तविक है।" उन्होंने समान नागरिक संहिता और घुसपैठ जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर भी ज़ोर दिया।

BJP प्रवक्ताओं की प्रतिक्रिया

BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी तीन में से पाँच राज्यों में सरकार बनाने जा रही है। पुडुचेरी और असम में हम तीसरी बार सरकार बना रहे हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा पहली बार सरकार बना रही है। इससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू पूरे देश में फैल रहा है।"

पूनावाला ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने यह स्वीकार कर लिया है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उन्हें ऐसी सरकार चाहिए जो राज्य का विकास कर सके।

दिल्ली BJP प्रवक्ता धनंजय गिरि ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और अमित शाह द्वारा पश्चिम बंगाल चुनाव को एक मिशन बनाया गया। कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को विश्वास था कि अगर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो रहे हैं तो वोट देना चाहिए, डरना नहीं चाहिए।"

2021 से 2026 तक: क्या बदला

गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में BJP पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल करने में विफल रही थी और चुनाव-पूर्व व चुनाव-पश्चात हिंसा की व्यापक खबरें आई थीं। इस बार केंद्रीय सुरक्षा बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती और SIR प्रक्रिया को BJP नेता बदलाव की प्रमुख वजह बता रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी पूर्वी और दक्षिणी भारत में अपना आधार मज़बूत करने की कोशिश में लगी है।

आगे क्या होगा

उभरते रुझानों के अनुसार पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में सरकार गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है। BJP नेताओं का कहना है कि यह जनादेश पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार की दिशा में एक निर्णायक कदम है। अंतिम परिणाम आने के बाद राज्यपाल द्वारा सरकार बनाने का न्योता दिए जाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि 2021 में भी पार्टी ने बड़े दावे किए थे और हार गई थी। SIR प्रक्रिया और केंद्रीय बलों को श्रेय देना BJP नेताओं का स्वाभाविक आख्यान है, लेकिन विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और ज़मीनी कारणों का विश्लेषण इस कवरेज में अनुपस्थित है। असली सवाल यह है कि क्या यह जनादेश वैचारिक बदलाव है या शासन की थकान — और वह फ़र्क अगले विधानसभा कार्यकाल में साफ़ होगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में BJP की जीत को 'ऐतिहासिक' क्यों कहा जा रहा है?
BJP ने 2026 के चुनाव में पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाने के संकेत दिए हैं, जो पार्टी के इतिहास में इस राज्य में पहली बार होगा। 2021 में भी पार्टी मज़बूत स्थिति में थी लेकिन सत्ता हासिल नहीं कर पाई थी।
रंजन मुखर्जी कौन हैं और उनका बयान क्यों अहम है?
रंजन मुखर्जी वायुसेना प्रमुख (सेवानिवृत्त) और प्रसार भारती के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक हैं। उन्होंने BJP की जीत को 'वास्तविक' और 'ऐतिहासिक बदलाव' बताया, जिससे यह बयान रक्षा और मीडिया पृष्ठभूमि से आई एक विश्वसनीय आवाज़ के रूप में महत्व रखता है।
SIR प्रक्रिया ने पश्चिम बंगाल चुनाव को कैसे प्रभावित किया?
रंजन मुखर्जी के अनुसार, विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) के ज़रिए मतदाता सूची से वे नाम हटाए गए जो देश छोड़ चुके थे या भारत के नागरिक नहीं थे। BJP नेताओं का मानना है कि इससे चुनाव अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष हुए।
असम और पुडुचेरी में NDA की स्थिति क्या है?
उभरते रुझानों के अनुसार असम में BJP तीसरी बार और पुडुचेरी में NDA तीसरी बार सरकार बनाने की स्थिति में है। BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे PM मोदी के राष्ट्रव्यापी प्रभाव का प्रमाण बताया।
2021 और 2026 के पश्चिम बंगाल चुनावों में क्या अंतर रहा?
2021 में BJP पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल करने में विफल रही थी और चुनाव-पूर्व व चुनाव-पश्चात हिंसा की खबरें आई थीं। 2026 में केंद्रीय बलों की व्यापक तैनाती और SIR प्रक्रिया को BJP नेता बदलाव की प्रमुख वजह बता रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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