पटियाला के एनआईएस में स्वतंत्रता दिवस पर छत गिरी, एक खिलाड़ी घायल; सुरक्षा पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस), पटियाला में 15 अगस्त 2025 को 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान इमारत की छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे वहाँ मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में एक खिलाड़ी घायल हुआ है, जिसे तत्काल अस्पताल भेजा गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कार्यक्रम के बीच छत गिरते और भगदड़ मचते साफ देखा जा सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक खिलाड़ी प्रदर्शन कर रहा था, तभी छत का हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। घायल खिलाड़ी को तत्काल चिकित्सा सहायता मुहैया कराई गई। अधिकारियों के अनुसार, घटना के कारणों की जाँच शुरू कर दी गई है।
एनआईएस: भारतीय खेलों का 'मक्का'
नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान की स्थापना 7 मई 1961 को हुई थी और 1973 में इसे वर्तमान नाम दिया गया। पटियाला के ऐतिहासिक ओल्ड मोती बाग पैलेस में स्थित यह संस्थान लगभग 268 एकड़ में फैला हुआ है और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक अंग है। इसे एशिया का सबसे बड़ा खेल संस्थान माना जाता है, जहाँ से देश के अनेक नामचीन खिलाड़ी और कोच निकले हैं।
सुरक्षा पर उठे सवाल
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय खेल अवसंरचना की स्थिति पहले से ही चर्चा में रही है। 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व पर, देश के सबसे प्रतिष्ठित खेल संस्थान में इस तरह की दुर्घटना ने भवन की जर्जर हालत और रखरखाव की कमी को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐतिहासिक इमारतों में आयोजित बड़े कार्यक्रमों से पहले संरचनात्मक सुरक्षा जाँच अनिवार्य होनी चाहिए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जाँच कराने की बात कही जा रही है। फिलहाल घटना से जुड़े अन्य विवरणों का इंतज़ार है। घायल खिलाड़ी की स्थिति के बारे में आधिकारिक अपडेट अभी तक जारी नहीं किया गया है।
आगे क्या
यह घटना खेल संस्थानों की बुनियादी ढाँचागत सुरक्षा की समीक्षा की माँग को और बल देती है। गौरतलब है कि एनआईएस जैसे संस्थान, जो दशकों पुरानी इमारतों में संचालित होते हैं, उनके नियमित संरचनात्मक ऑडिट की ज़रूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। प्रशासनिक जाँच के नतीजे तय करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएँगे।