पटना में सिविल डिफेंस ब्लैकआउट मॉकड्रिल: शाम 7 से 7.15 बजे तक सभी लाइटें बंद रखने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की राजधानी पटना के शहरी क्षेत्रों में गुरुवार, 15 मई की शाम 7 बजे से 7.15 बजे तक सिविल डिफेंस ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस अभ्यास में हवाई हमले की स्थिति में नागरिक सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता की जाँच की जाएगी। पटना जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि निर्धारित समय पर अपने घर, दुकान और प्रतिष्ठानों की सभी लाइटें बंद रखें।
मॉकड्रिल का उद्देश्य और दायरा
पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को आपस में सुदृढ़ समन्वय स्थापित कर मॉकड्रिल की त्रुटिहीन तैयारी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम है और वास्तविक तौर पर किसी भी प्रकार की हमले की स्थिति नहीं है।
जिलाधिकारी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि यह मॉकड्रिल सरकार के आदेश के आलोक में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार आयोजित की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस अभ्यास से आम जनता के लिए आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कौन-कौन से क्षेत्र होंगे शामिल
नागरिक सुरक्षा निदेशालय के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप यह मॉकड्रिल पटना नगर निगम एवं नगर परिषदों, दानापुर निजामत, खगौल तथा फुलवारीशरीफ के शहरी क्षेत्रों में आयोजित की जाएगी। इसके लिए लॉजिस्टिक, प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, विधि-व्यवस्था, वैकल्पिक संचार व्यवस्था, प्रचार-प्रसार और डॉक्यूमेंटेशन जैसे कार्यों के लिए विभिन्न कोषांग सक्रिय हैं।
मॉक अभ्यास के लिए पटना जिले में पटना समाहरणालय, बिस्कोमान भवन, बांकीपुर बस स्टैंड और आईजीआईएमएस को सिमुलेशन स्थल के रूप में चुना गया है। इन स्थलों पर विशिष्ट आपदा परिदृश्य का निर्धारण कर कार्ययोजना के अनुसार गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।
सायरन और ब्लैकआउट की प्रक्रिया
14 मई को हवाई हमले की चेतावनी के सिमुलेशन के तहत निर्धारित समय पर दो मिनट तक नागरिक सुरक्षा का सायरन बजाया जाएगा। सायरन बजते ही ब्लैकआउट लागू हो जाएगा।
इस दौरान फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, एनसीसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निकाय, सिविल डिफेंस तथा विधि-व्यवस्था सहित आपदा प्रबंधन तंत्र के विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की प्रभावशीलता का परीक्षण किया जाएगा। यह अभ्यास पटना समेत राज्य के छह जिलों में एक साथ आयोजित किया जाना है।
आम जनता पर असर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मात्र 15 मिनट के इस अभ्यास के दौरान नागरिकों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नागरिक सुरक्षा तंत्र को अधिक चुस्त और प्रभावी बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। आगामी दिनों में इस अभ्यास से मिले अनुभव के आधार पर आपदा प्रबंधन तंत्र को और सुदृढ़ किया जाएगा।