22 अगस्त 2026
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पवन कुमार मुटनेजा हरियाणा के नए एडवोकेट जनरल नियुक्त, अनुच्छेद 165(1) के तहत तत्काल प्रभाव से पदभार

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पवन कुमार मुटनेजा हरियाणा के नए एडवोकेट जनरल नियुक्त, अनुच्छेद 165(1) के तहत तत्काल प्रभाव से पदभार

सारांश

हरियाणा को नया एडवोकेट जनरल मिल गया है — वरिष्ठ अधिवक्ता पवन कुमार मुटनेजा, जो पहले भी महाधिवक्ता रह चुके हैं। यह नियुक्ति प्रविंद्र सिंह चौहान के पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश बनने के बाद हुई है।

मुख्य बातें

पवन कुमार मुटनेजा को 22 अगस्त को हरियाणा का नया एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया।
नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165(1) के तहत राज्यपाल द्वारा तत्काल प्रभाव से की गई।
मुटनेजा ने प्रविंद्र सिंह चौहान का स्थान लिया, जो पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए।
मुटनेजा दीवानी, आपराधिक, श्रम और कंपनी कानून के विशेषज्ञ हैं और पहले भी हरियाणा के महाधिवक्ता रह चुके हैं।
आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने जारी किया; नियुक्ति की शर्तें बाद में जारी होंगी।

हरियाणा सरकार ने 22 अगस्त को पवन कुमार मुटनेजा को राज्य का नया एडवोकेट जनरल (एजी) नियुक्त किया है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता मुटनेजा ने प्रविंद्र सिंह चौहान का स्थान लिया है, जिन्हें हाल ही में उसी उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। यह पद उनके न्यायाधीश बनने के बाद से रिक्त था।

नियुक्ति का कानूनी आधार

मुटनेजा की नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165(1) के तहत राज्यपाल द्वारा तत्काल प्रभाव से की गई है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, नियुक्ति की शर्तें बाद में अलग से जारी की जाएंगी। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने जारी किया।

मुटनेजा का अनुभव और विशेषज्ञता

पवन कुमार मुटनेजा का पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में दशकों का व्यावसायिक अनुभव है। वे दीवानी, आपराधिक, श्रम एवं कंपनी कानून से जुड़े मामलों में पैरवी करते रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वे इससे पूर्व भी हरियाणा के महाधिवक्ता के पद पर कार्य कर चुके हैं, जिससे उन्हें राज्य के विधि-तंत्र की गहरी समझ है।

चौहान की न्यायाधीश नियुक्ति की पृष्ठभूमि

5 मई को भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने पंजाब, हरियाणा और आंध्र प्रदेश के उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की थी। कॉलेजियम की 4 मई की बैठक में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के लिए जिन अधिवक्ताओं के नाम स्वीकृत किए गए, उनमें प्रविंद्र सिंह चौहान, राजेश गौड़ और मिंदरजीत यादव शामिल थे।

आगे क्या होगा

नियुक्ति की विस्तृत शर्तें सरकार द्वारा अलग अधिसूचना के माध्यम से जारी की जाएंगी। मुटनेजा के पूर्व अनुभव को देखते हुए कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि वे राज्य सरकार के विधि-प्रतिनिधित्व में निरंतरता सुनिश्चित करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर तब जब कई संवेदनशील मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पवन कुमार मुटनेजा कौन हैं और उन्हें क्यों नियुक्त किया गया?
पवन कुमार मुटनेजा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जो दीवानी, आपराधिक, श्रम और कंपनी कानून में विशेषज्ञता रखते हैं। वे पहले भी हरियाणा के महाधिवक्ता रह चुके हैं और प्रविंद्र सिंह चौहान के न्यायाधीश बनने के बाद रिक्त हुए एडवोकेट जनरल पद पर उन्हें 22 अगस्त को नियुक्त किया गया।
हरियाणा एडवोकेट जनरल की नियुक्ति किस कानूनी प्रावधान के तहत होती है?
हरियाणा के एडवोकेट जनरल की नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165(1) के तहत राज्यपाल द्वारा की जाती है। मुटनेजा की नियुक्ति भी इसी प्रावधान के तहत तत्काल प्रभाव से की गई है।
प्रविंद्र सिंह चौहान को जज कैसे बनाया गया?
सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने 4 मई की अपनी बैठक में प्रविंद्र सिंह चौहान सहित कई अधिवक्ताओं को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी। इस सिफारिश के बाद उन्हें अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया, जिससे एजी का पद रिक्त हो गया।
हरियाणा के एडवोकेट जनरल का क्या काम होता है?
एडवोकेट जनरल राज्य सरकार का सर्वोच्च कानूनी सलाहकार होता है और न्यायालयों में सरकार का प्रतिनिधित्व करता है। वे संवैधानिक, दीवानी और आपराधिक मामलों में राज्य सरकार को विधिक परामर्श देते हैं।
मुटनेजा की नियुक्ति की शर्तें कब जारी होंगी?
अधिसूचना के अनुसार, पवन कुमार मुटनेजा की नियुक्ति की विस्तृत शर्तें हरियाणा सरकार द्वारा बाद में अलग से जारी की जाएंगी। फिलहाल उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू है।
राष्ट्र प्रेस
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