रोहितश्य रॉय झारखंड के नए महाधिवक्ता नियुक्त, राजीव रंजन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड सरकार ने 15 जून 2025 को झारखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितश्य रॉय को राज्य का नया महाधिवक्ता नियुक्त किया है। विधि विभाग की ओर से रविवार देर शाम जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 165(1) के तहत यह नियुक्ति की है। इससे पहले उसी दिन सुबह, पिछले छह वर्षों से इस पद पर कार्यरत राजीव रंजन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपना त्यागपत्र सौंपा था।
नियुक्ति की आधिकारिक प्रक्रिया
विधि विभाग की अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल ने 14 जून को राजीव रंजन द्वारा सौंपे गए त्यागपत्र को तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया। इसके साथ ही रोहितश्य रॉय को उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक झारखंड का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति संवैधानिक प्रावधानों के तहत राज्यपाल के विवेकाधिकार से की गई है।
रोहितश्य रॉय की विशेषज्ञता
रोहितश्य रॉय झारखंड उच्च न्यायालय के अनुभवी अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं। वे लंबे समय से संवैधानिक, दीवानी और सेवा संबंधी मामलों में पैरवी करते रहे हैं। उच्च न्यायालय में रिट याचिकाओं, सिविल विवादों, अपील और पुनरीक्षण याचिकाओं में उनकी विशेष पहचान है।
महाधिवक्ता पद का महत्व
महाधिवक्ता राज्य सरकार के सर्वोच्च विधिक सलाहकार होते हैं। वे उच्च न्यायालय सहित विभिन्न न्यायिक मंचों पर राज्य सरकार का पक्ष रखते हैं और महत्वपूर्ण कानूनी मामलों में सरकार को परामर्श देते हैं। राज्य की नीतियों, विधायी प्रक्रियाओं और संवैधानिक मुद्दों से जुड़े विवादों में भी उनकी भूमिका निर्णायक होती है।
राजीव रंजन के इस्तीफे पर चुप्पी
गौरतलब है कि राजीव रंजन पिछले छह वर्षों से महाधिवक्ता के रूप में कार्यरत थे। उनके अचानक इस्तीफे के कारणों को लेकर झारखंड सरकार की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब राज्य में कई महत्वपूर्ण कानूनी मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं। रोहितश्य रॉय के नेतृत्व में राज्य की विधिक रणनीति में क्या बदलाव आएगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।