झारखंड में 'विधि पोर्टल 2.0' लॉन्च: सरकारी मुकदमों का डिजिटल प्रबंधन अब एक मंच पर
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड सरकार ने 24 जुलाई 2026 को रांची स्थित झारखंड उच्च न्यायालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में 'विधि पोर्टल 2.0' का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य राज्य के सरकारी मुकदमों की निगरानी और प्रबंधन को एकीकृत डिजिटल मंच पर लाना है। महाधिवक्ता रोहिताश्य रॉय ने इस पोर्टल का उद्घाटन किया। यह पहल राज्य के विधि विभाग, महाधिवक्ता कार्यालय और सरकारी अधिवक्ताओं को एक ही तकनीकी ढाँचे से जोड़ती है।
पोर्टल की प्रमुख विशेषताएँ
सरकार के अनुसार, विधि पोर्टल 2.0 में 20 से अधिक नई सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। इनमें ई-कोर्ट्स प्रणाली से एकीकरण, स्मार्ट कॉज लिस्ट, दैनिक और साप्ताहिक केस डाइजेस्ट, एग्जीक्यूटिव डैशबोर्ड, केंद्रीकृत नोटिस प्रबंधन और मोबाइल ऐप शामिल हैं। इसके अलावा रियल-टाइम मॉनिटरिंग और स्वचालित अलर्ट की सुविधा से संबंधित विभागों को समय पर जानकारी मिल सकेगी।
एकीकृत डिजिटल मंच का महत्व
पोर्टल के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों, विधि विभाग, महाधिवक्ता कार्यालय और सरकारी अधिवक्ताओं को एक साझा डिजिटल मंच पर लाया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की अदालतों में सरकारी मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ रही है और दस्तावेज़ प्रबंधन में बिखराव एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। गौरतलब है कि इस एकीकरण से मामलों की पैरवी में देरी और सूचना-अंतराल को कम करने की उम्मीद है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
महाधिवक्ता रोहिताश्य रॉय ने कहा कि यह पोर्टल सरकारी मुकदमों के बेहतर प्रबंधन और अदालतों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आईटी सचिव पूजा सिंघल ने इसे तकनीक-आधारित पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। लॉन्च कार्यक्रम में विधि विभाग के सचिव नीरज कुमार श्रीवास्तव, वरीय अपर महाधिवक्ता अच्युत केशव तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण और भविष्य की योजनाएँ
विधि विभाग ने बताया है कि पोर्टल के प्रभावी उपयोग के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा। भविष्य में सरकार इस पोर्टल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कानूनी विश्लेषण की सुविधा भी जोड़ने की योजना बना रही है, जो न्यायिक डेटा के विश्लेषण को और अधिक सक्षम बनाएगी।