28 जून 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: पिनाराई विजयन ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: पिनाराई विजयन ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की

सारांश

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जांच की माँग की है। एसआईटी आठ गिरफ्तारियाँ कर चुकी है। विजयन ने PM मोदी से भी जवाब माँगा है।

मुख्य बातें

पिनाराई विजयन ने 28 जून 2026 को अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ी की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्च-स्तरीय जांच की माँग की।
विजयन ने फेसबुक पोस्ट में वित्तीय अनियमितताओं को 'बेहद गंभीर' बताया और लोगों की आस्था के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
एसआईटी इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इन आरोपों पर सार्वजनिक जवाब माँगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टियों के संघ परिवार से जुड़े संगठनों के साथ घनिष्ठ संबंध थे।

केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने 28 जून 2026 को अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में उच्च-स्तरीय जांच की मांग की। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआईएम — के वरिष्ठ नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री विजयन ने अपने आधिकारिक फेसबुक पोस्ट के ज़रिए यह माँग रखी।

विजयन के आरोप: क्या कहा

विजयन ने वित्तीय गड़बड़ी की खबरों को 'बेहद गंभीर' करार देते हुए कहा कि इनसे लोगों की आस्था और धार्मिक भावनाओं के दुरुपयोग को लेकर चिंताजनक सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने राजनीतिक फायदे के लिए जनता की आस्था का इस्तेमाल किया, उन्होंने इसकी आड़ में सुनियोजित ढंग से वित्तीय धोखाधड़ी भी की।

विजयन ने यह भी दावा किया कि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टियों के संघ परिवार से जुड़े संगठनों के साथ घनिष्ठ संबंध थे। उनके अनुसार, ट्रस्टियों की यह जिम्मेदारी है कि वे स्पष्ट करें कि लाखों भक्तों से एकत्र किया गया धन किस प्रकार व्यय किया गया।

PM मोदी से जवाब की माँग

विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने को कहा, यह तर्क देते हुए कि मोदी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक संसदीय अधिसूचना के ज़रिए गठित ट्रस्ट पर संदेह के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता अनिवार्य हो गई है।

जांच की माँग और तर्क

विजयन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दे। उनका कहना था कि केवल स्वतंत्र और न्यायिक निगरानी वाली जांच ही सच्चाई उजागर कर सकती है, जवाबदेही सुनिश्चित कर सकती है और मंदिर परियोजना में योगदान देने वाले लाखों श्रद्धालुओं का विश्वास पुनः स्थापित कर सकती है।

गौरतलब है कि इस मामले की जांच कर रही एसआईटी अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। विजयन के अनुसार, मंदिर के फंड को लेकर जारी यह विवाद संघ परिवार की राजनीति के 'असली चरित्र' को उजागर करता है।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या राम मंदिर के निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे के प्रबंधन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विवाद गहराता जा रहा है। विजयन की फेसबुक पोस्ट ने इस मामले में एक नया राजनीतिक आयाम जोड़ दिया है। आलोचकों का कहना है कि ट्रस्ट को संसदीय प्रक्रिया के तहत गठित किया गया था, इसलिए उसके वित्तीय लेखे-जोखे की पारदर्शिता सार्वजनिक हित का विषय है।

आगे क्या होगा

फिलहाल एसआईटी की जांच जारी है और आठ गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। विजयन की माँग के बाद यह देखना होगा कि केंद्र सरकार और ट्रस्ट इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की माँग राजनीतिक दबाव बढ़ाने का काम कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संसदीय अधिसूचना से गठित किसी भी सार्वजनिक ट्रस्ट के लिए अपेक्षित होनी चाहिए। इस विवाद ने धर्म, राजनीति और वित्तीय जवाबदेही के बीच की वह बारीक रेखा उजागर की है जिसे अक्सर मुख्यधारा की कवरेज नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिनाराई विजयन ने राम मंदिर चढ़ावे पर क्या माँग की है?
विजयन ने केंद्र सरकार से अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं की सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में उच्च-स्तरीय जांच कराने की माँग की है। उन्होंने कहा कि केवल न्यायिक निगरानी वाली जांच ही लाखों भक्तों का विश्वास बहाल कर सकती है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे के प्रबंधन में कथित वित्तीय गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है और अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विजयन ने प्रधानमंत्री मोदी को इस मामले में क्यों घसीटा?
विजयन का तर्क है कि PM मोदी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अहम भूमिका निभाई थी, इसलिए उन्हें इन आरोपों पर सार्वजनिक जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, जब एक सार्वजनिक ट्रस्ट पर शक के बादल हों तो सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व की जवाबदेही बनती है।
राम मंदिर ट्रस्ट का गठन कैसे हुआ था?
राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक संसदीय अधिसूचना के ज़रिए किया गया था। विजयन का कहना है कि इसी कारण ट्रस्ट के वित्तीय लेखे-जोखे में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है।
एसआईटी ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
राम मंदिर चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ी की जांच कर रही एसआईटी अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच अभी जारी है और आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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