मानसून सत्र से पहले PM मोदी का '28 साल के युवा' वाला तंज, स्काईरूट की सफलता और भारत की उपलब्धियों का जिक्र
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जुलाई 2026 को संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले संसद परिसर के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए पिछले एक महीने में देश को मिली उपलब्धियों की विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस के युवा इंजीनियरों की अंतरिक्ष सफलता को रेखांकित किया और परोक्ष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तंज कसा।
मानसून और मानसून सत्र — दोनों सक्रिय रहें
प्रधानमंत्री मोदी ने सत्र की शुरुआत को मानसून से जोड़ते हुए कहा, 'मानसून हो या मानसून सत्र, दोनों सक्रिय हैं तो बहुत ही फायदेमंद होते हैं। दोनों जब फायदेमंद होते हैं तो देश और जीव मात्र का कल्याण होता है।' उन्होंने प्रार्थना की कि मानसून सक्रिय और फायदेमंद बना रहे और संसद का यह सत्र भी देशहित में उपयोगी साबित हो।
स्काईरूट की अंतरिक्ष उड़ान — 28 साल के युवाओं का कमाल
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत के एक युवा स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने हाल ही में अंतरिक्ष में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुत कम देश हैं जहाँ निजी क्षेत्र ने इस स्तर का साहस दिखाया हो। स्काईरूट में काम करने वाले नौजवानों की औसत उम्र मात्र 28 साल है। इसी संदर्भ में उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'मैं किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा हूँ, बल्कि देश के 28 साल के औसत उम्र के नौजवानों ने अंतरिक्ष में झंडा गाड़ा है।' यह टिप्पणी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर परोक्ष कटाक्ष के रूप में देखी जा रही है।
मोदी ने इन युवाओं को बधाई देते हुए कहा, 'ऐसे क्षण भारत को आत्मविश्वास से भर देते हैं। हमारे देश के युवाओं की क्षमता और आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है।'
पिछले एक महीने की प्रमुख उपलब्धियाँ
प्रधानमंत्री ने गिनाया कि पिछले कुछ हफ्तों में राजस्थान में एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई। इससे पहले देश का तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट भी राष्ट्र को सौंपा गया। साथ ही, ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली एक ट्रेन का संचालन शुरू हुआ, जिसे उन्होंने अन्य देशों के मुकाबले सबसे ताकतवर और सबसे लंबे इंजन वाली बताया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले साल मानसून सत्र से ठीक पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुँचा था।
मोदी ने कहा, 'चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो या अंतरिक्ष — एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं।'
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक रफ्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया युद्ध की वजह से चिंतित है। ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर भारत के लिए पश्चिम एशिया का युद्ध बड़ी चुनौती रहा। पेट्रोल-डीजल, एलपीजी, रसायन और उर्वरक की आपूर्ति में अनेक बाधाएँ आईं। इसके बावजूद भारत 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
सुधार और युवा उद्यम — आगे की राह
मोदी ने कहा कि 'रिफॉर्म एक्सप्रेसवे' पर सवार होकर देश जिस दिशा में बढ़ रहा है, उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतने बड़े साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं। विश्व में भारत का प्रोफाइल लगातार मजबूत होता जा रहा है — यह संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित संदेश है। मानसून सत्र में सरकार की नीतियों पर चर्चा और विपक्ष की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी।