प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्मयोगी साधना सप्ताह में प्रशासन की नई दिशा का किया खुलासा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्मयोगी साधना सप्ताह में प्रशासन की नई दिशा का किया खुलासा

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्मयोगी साधना सप्ताह के उद्घाटन में भारत की प्रशासनिक दिशा की चर्चा की। उन्होंने कहा कि तकनीक और एआई के जरिए सार्वजनिक सेवा को अधिक सक्षम बनाया जाएगा।

Key Takeaways

  • कर्मयोगी साधना सप्ताह का उद्देश्य प्रशासनिक सुधार है।
  • नागरिक देवो भवः मंत्र को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • तकनीक और एआई का उपयोग बढ़ेगा।
  • 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य है।
  • केंद्र और राज्य के सभी संस्थान एक साथ काम करेंगे।

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कर्मयोगी साधना सप्ताह का उद्घाटन करते हुए कहा, "इस आयोजन के लिए आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। 21वीं सदी में, तेजी से बदलती व्यवस्थाओं के बीच, हमारा भारत भी उसी गति से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए समय के अनुरूप सार्वजनिक सेवा को निरंतर अद्यतन करना आवश्यक है। कर्मयोगी साधना सप्ताह इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

उन्होंने आगे कहा, "आज हम जिस शासन सिद्धांत पर आगे बढ़ रहे हैं, उसका मूल मंत्र है 'नागरिक देवो भवः'। इस मंत्र में निहित भावना के साथ, पब्लिक सर्विस को अधिक सक्षम और नागरिकों के प्रति संवेदनशील बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। सफलता का एक प्रमुख सिद्धांत यह है कि दूसरों की लकीर को छोटा करने के बजाय अपनी लकीर को बड़ा किया जाए।"

प्रधानमंत्री ने बताया, "कर्मयोगी हमारे प्रयासों को नई ऊर्जा और गति दे रहा है। इसके माध्यम से हम सक्षम कर्मयोगियों की एक टीम का निर्माण कर पाएंगे। विकसित भारत के लिए हमें तीव्र आर्थिक विकास की आवश्यकता है और इसके लिए कुशल कार्यबल तैयार करना जरूरी है।"

"आज जब हम सीखने की बात करते हैं, तो तकनीक का महत्व और भी बढ़ जाता है। शासन से लेकर अर्थव्यवस्था तक, तकनीकी क्रांति की शक्तियों को देखना संभव हो गया है। एआई के आगमन से ये परिवर्तन और भी तेज होने वाला है।"

कर्मयोगी साधना सप्ताह के तहत क्षमता निर्माण आयोग ने 2 से 8 अप्रैल 2026 तक 'साधना सप्ताह 2026' की शुरुआत की है। यह पहल भारत की प्रशासनिक सेवाओं में क्षमता निर्माण के लिए एक बड़ा साझा प्रयास होगा।

साधना सप्ताह का अर्थ है राष्ट्रीय उन्नति के लिए अनुकूल विकास और मानव संसाधनों को सशक्त बनाना। यह पहल सभी केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों, और 250 से अधिक प्रशासनिक सेवा प्रशिक्षण संस्थानों को एक साथ लाएगी।"

Point of View

बल्कि यह 2047 तक एक विकसित भारत के निर्माण का भी संकेत है।
NationPress
02/04/2026

Frequently Asked Questions

कर्मयोगी साधना सप्ताह का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं में क्षमता निर्माण और नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कौन सा मंत्र प्रस्तुत किया?
'नागरिक देवो भवः' मंत्र को प्रस्तुत किया गया है, जिसका अर्थ है कि नागरिकों की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कर्मयोगी साधना सप्ताह कब मनाया जाएगा?
कर्मयोगी साधना सप्ताह 2 से 8 अप्रैल 2026 तक मनाया जाएगा।
तकनीक का शासन में क्या महत्व है?
तकनीक का प्रयोग शासन और वितरण प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करता है।
कर्मयोगी साधना सप्ताह में कौन से संस्थान शामिल हैं?
इसमें सभी केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों, और 250 से अधिक प्रशासनिक सेवा प्रशिक्षण संस्थानों को शामिल किया गया है।
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