28 जून 2026
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मन की बात 135: मोदी की अपील पर देशवासियों का संयम, सोना खरीद और विदेश यात्रा में कमी

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मन की बात 135: मोदी की अपील पर देशवासियों का संयम, सोना खरीद और विदेश यात्रा में कमी

सारांश

पश्चिम एशिया संकट के बीच PM मोदी की 'मन की बात' अपील का असर दिखा — परिवारों ने नया सोना खरीदना टाला, विदेश यात्राएँ स्थगित कीं और कार पूलिंग अपनाई। मोदी ने कहा, जन भागीदारी ही इस वैश्विक संकट से निपटने की ताकत है।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 28 जून 2026 को 'मन की बात' के 135वें एपिसोड में देशवासियों की प्रतिक्रिया की सराहना की।
कई परिवारों ने पारिवारिक आयोजनों में नया सोना न खरीदने और पुराने सोने को रीसायकल करने का निर्णय लिया।
नागरिकों ने विदेश यात्राएँ टाल दीं और कार पूलिंग अपनाकर ईंधन व प्रदूषण में कमी में योगदान दिया।
देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक खेती और जैविक खाद की माँग में वृद्धि दर्ज की गई।
बसों और मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ा, जिसे सरकार सकारात्मक बदलाव मान रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जून 2026 को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए बताया कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसी स्थिति के बीच उनकी पिछली अपीलों पर नागरिकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। सोना खरीदने से परहेज़, विदेश यात्राएँ टालने और कार पूलिंग अपनाने जैसे कदमों में लोगों की भागीदारी देखी गई है।

मोदी की पिछली अपीलें और उनका संदर्भ

प्रधानमंत्री ने इससे पहले नागरिकों से आग्रह किया था कि जहाँ तक संभव हो, कुछ समय के लिए सोना खरीदने से बचें और विदेश यात्राओं को स्थगित करें। इसके साथ ही उन्होंने कार पूलिंग को बढ़ावा देने, पेट्रोल-डीजल की बचत करने तथा किसानों से रासायनिक उर्वरकों की जगह प्राकृतिक एवं रसायन-मुक्त खेती और जैविक खाद के उपयोग की सलाह दी थी। यह अपील वैश्विक संकट के बीच आत्मनिर्भर व्यवहार की दिशा में एक नागरिक-केंद्रित पहल के रूप में देखी गई।

देशवासियों की प्रतिक्रिया

मोदी ने बताया कि कई परिवारों ने यह निर्णय लिया है कि वे पारिवारिक आयोजनों में नया सोना नहीं खरीदेंगे और आवश्यकता पड़ने पर पुराने सोने को रीसायकल करके उपयोग करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कई नागरिकों ने सोशल मीडिया के ज़रिए साझा किया है कि उन्होंने इस बार विदेश यात्राएँ टाल दी हैं।

कार पूलिंग को लेकर भी जागरूकता बढ़ी है — लोग एक ही दिशा में जाने के लिए साझा वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ यातायात और प्रदूषण में भी कमी दर्ज की जा रही है।

सार्वजनिक परिवहन और प्राकृतिक खेती में बदलाव

प्रधानमंत्री ने बताया कि अब लोग बसों और मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का अधिक उपयोग कर रहे हैं, जो एक सकारात्मक सामाजिक बदलाव का संकेत है। देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक खेती और जैविक खाद की माँग में वृद्धि भी दर्ज की गई है।

मोदी का संदेश

मोदी ने कहा, 'मुझे इस बात की खुशी है कि इस ग्लोबल क्राइसिस का हम भारतीय मिलकर मुकाबला कर रहे हैं। मुझे विश्वास है जन भागीदारी की यही शक्ति हमें मजबूती देगी, हमें सफल बनाएगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक बाज़ारों में उथल-पुथल जारी है और भारत पर भी इसके आर्थिक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

आगे क्या

गौरतलब है कि 'मन की बात' के ज़रिए प्रधानमंत्री ने पहले भी नागरिकों के व्यवहार में बदलाव लाने के प्रयास किए हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की अपीलों का दीर्घकालिक असर मापना कठिन होता है, लेकिन सरकार का कहना है कि जन भागीदारी ही संकट से उबरने की असली कुंजी है। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या ये बदलाव टिकाऊ साबित होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका आर्थिक पैमाने पर असर मापना कठिन है। सोने की माँग और विदेश यात्राओं पर असली डेटा — जैसे आयात के आँकड़े या हवाई यात्री संख्या — अभी सामने नहीं आए हैं, जिससे यह आकलन करना मुश्किल है कि यह बदलाव कितना व्यापक है। आलोचक यह भी पूछ सकते हैं कि क्या ये अपीलें आर्थिक नीतिगत कदमों का विकल्प बन रही हैं। फिर भी, पश्चिम एशिया संकट के बीच जन भागीदारी का यह आह्वान सरकार की उस रणनीति को दर्शाता है जो नागरिकों को नीति के भागीदार के रूप में देखती है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मन की बात के 135वें एपिसोड में PM मोदी ने क्या कहा?
PM मोदी ने 28 जून 2026 को 'मन की बात' के 135वें एपिसोड में बताया कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान उनकी अपीलों पर देशवासियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोना खरीद टालने, विदेश यात्राएँ स्थगित करने, कार पूलिंग अपनाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में नागरिकों की भागीदारी की सराहना की।
PM मोदी ने सोना खरीदने से परहेज़ की अपील क्यों की थी?
पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति के कारण वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता के बीच मोदी ने नागरिकों से कुछ समय के लिए सोना खरीदने से बचने और ज़रूरत पड़ने पर पुराने सोने को रीसायकल करने का आग्रह किया था। यह अपील आर्थिक संयम और आत्मनिर्भरता के व्यापक संदेश का हिस्सा थी।
कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन पर मोदी की अपील का क्या असर हुआ?
मोदी के अनुसार, लोग अब एक ही दिशा में जाने के लिए साझा वाहनों का उपयोग कर रहे हैं और बसों व मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का उपयोग बढ़ा है। इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ यातायात और प्रदूषण में भी कमी दर्ज की जा रही है।
प्राकृतिक खेती और जैविक खाद पर मोदी ने किसानों से क्या कहा?
मोदी ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों की जगह प्राकृतिक एवं रसायन-मुक्त खेती अपनाने और जैविक खाद का अधिक उपयोग करने का आग्रह किया था। उन्होंने बताया कि देश के कई हिस्सों में इसकी माँग में वृद्धि दर्ज की गई है।
पश्चिम एशिया संकट का भारत पर क्या असर पड़ रहा है?
पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति के कारण वैश्विक बाज़ारों में उथल-पुथल है और भारत पर भी इसके आर्थिक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी संदर्भ में PM मोदी ने नागरिकों से ईंधन, सोना और विदेशी मुद्रा की बचत करने की अपील की थी।
राष्ट्र प्रेस
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