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PM मोदी 12 अगस्त को विज्ञान भवन में करेंगे रामनाथ कोविंद की आत्मकथा 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक' का लोकार्पण

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PM मोदी 12 अगस्त को विज्ञान भवन में करेंगे रामनाथ कोविंद की आत्मकथा 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक' का लोकार्पण

सारांश

उत्तर प्रदेश के एक छोटे गाँव से राष्ट्रपति भवन तक — पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक' का लोकार्पण 12 अगस्त को PM मोदी विज्ञान भवन में करेंगे। 400 पृष्ठों की यह पुस्तक एक असाधारण जीवन-यात्रा का दस्तावेज़ है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 12 अगस्त को सुबह 9:30 बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली में पुस्तक का लोकार्पण करेंगे।
पुस्तक का नाम 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स' है, जो पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा है।
रूपा पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक 400 पृष्ठों की है।
पुस्तक में उत्तर प्रदेश के एक गाँव से भारत के 14वें राष्ट्रपति बनने तक की यात्रा का वर्णन है।
कोविंद के कार्यकाल में सर्वोच्च न्यायालय ने राम मंदिर विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अगस्त 2026 को सुबह 9:30 बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स' का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री उपस्थित सभा को संबोधित भी करेंगे।

पुस्तक का परिचय और विषय-वस्तु

रूपा पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित यह 400 पृष्ठों की आत्मकथा भारत के 14वें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की जीवन-यात्रा का प्रामाणिक और व्यक्तिगत आख्यान है। पुस्तक उत्तर प्रदेश के एक छोटे गाँव से राष्ट्रपति भवन तक की उनकी असाधारण यात्रा को केंद्र में रखती है।

इसमें कोविंद के प्रारंभिक जीवन के संघर्षों, सार्वजनिक सेवा के अनुभवों और राष्ट्रपति पद तक पहुँचने की प्रेरणादायक कहानी को विस्तार से दर्ज किया गया है। पुस्तक उन मूल्यों और परिस्थितियों की भी पड़ताल करती है जिन्होंने उनके व्यक्तित्व और सार्वजनिक जीवन को आकार दिया।

कोविंद के राष्ट्रपति कार्यकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान देश में कई महत्त्वपूर्ण संवैधानिक और सामाजिक घटनाएँ घटीं। इसी दौर में सर्वोच्च न्यायालय की पाँच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने सर्वसम्मति से ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए विवादित स्थल को राम मंदिर निर्माण हेतु एक ट्रस्ट को सौंपने का आदेश दिया था। यह फैसला देश के संवैधानिक और सामाजिक ढाँचे पर दीर्घकालीन प्रभाव डालने वाला माना जाता है।

गौरतलब है कि कोविंद का कार्यकाल कई युगान्तकारी न्यायिक और विधायी बदलावों का साक्षी रहा, जिन्होंने भारत के राजनीतिक परिदृश्य को नया रूप दिया।

लोकार्पण का महत्त्व

प्रधानमंत्री द्वारा स्वयं इस आत्मकथा का विमोचन करना इस आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान करता है। यह कार्यक्रम देश के एक प्रतिष्ठित सार्वजनिक व्यक्तित्व के जीवन और योगदान को राष्ट्रीय मंच पर रेखांकित करने का अवसर है। विज्ञान भवन में होने वाले इस आयोजन में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति अपेक्षित है।

आगे क्या

लोकार्पण के बाद यह पुस्तक आम पाठकों के लिए उपलब्ध होगी। रूपा पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित यह आत्मकथा उन पाठकों के लिए विशेष रुचि की होगी जो भारतीय राजनीति, संवैधानिक इतिहास और सामाजिक न्याय के विषयों में रुचि रखते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान का सार्वजनिक प्रदर्शन भी है। कोविंद का जीवन-वृत्त — दलित समुदाय से उठकर राष्ट्र के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक — भारतीय लोकतंत्र की समावेशी क्षमता का प्रतीक माना जाता है। ध्यान देने योग्य यह भी है कि उनके कार्यकाल के दौरान जो न्यायिक और संवैधानिक निर्णय आए, उनका राजनीतिक महत्त्व आज भी प्रासंगिक है। इस पुस्तक से उन घटनाओं पर एक अंदरूनी दृष्टिकोण मिलने की उम्मीद है जो अब तक सार्वजनिक रूप से दर्ज नहीं हुई।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का नाम क्या है और इसे किसने प्रकाशित किया है?
पुस्तक का नाम 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स' है, जिसे रूपा पब्लिकेशन्स ने प्रकाशित किया है। यह 400 पृष्ठों की आत्मकथा है।
कोविंद की आत्मकथा का लोकार्पण कब और कहाँ होगा?
लोकार्पण 12 अगस्त को सुबह 9:30 बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली में होगा। PM नरेंद्र मोदी स्वयं इस पुस्तक का विमोचन करेंगे और सभा को संबोधित भी करेंगे।
इस आत्मकथा में क्या-क्या शामिल है?
पुस्तक में रामनाथ कोविंद के उत्तर प्रदेश के एक छोटे गाँव से भारत के 14वें राष्ट्रपति बनने तक की यात्रा का वर्णन है। इसमें उनके प्रारंभिक जीवन के संघर्ष, सार्वजनिक सेवा के अनुभव और उन मूल्यों की जानकारी है जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को आकार दिया।
रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति कार्यकाल की प्रमुख घटना क्या थी?
उनके कार्यकाल में सर्वोच्च न्यायालय की पाँच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने सर्वसम्मति से राम मंदिर विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इस निर्णय ने विवादित स्थल को राम मंदिर निर्माण हेतु एक ट्रस्ट को सौंपने का आदेश दिया।
रामनाथ कोविंद भारत के कौन से राष्ट्रपति थे?
रामनाथ कोविंद भारत के 14वें राष्ट्रपति थे। वे उत्तर प्रदेश के एक छोटे गाँव से उठकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचे।
राष्ट्र प्रेस
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