मध्य पूर्व संघर्ष के बीच पीएम मोदी करेंगे तेल और गैस की स्थिति की समीक्षा

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मध्य पूर्व संघर्ष के बीच पीएम मोदी करेंगे तेल और गैस की स्थिति की समीक्षा

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में पेट्रोलियम और गैस स्थिति की समीक्षा करेंगे। यह बैठक देश में ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री मोदी की बैठक ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित है।
एलपीजी आयात में विविधता लाई गई है।
कच्चे तेल की स्थिति सामान्य है।
सरकार ने कालाबाजारी को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
ऑनलाइन बुकिंग में वृद्धि हुई है।

नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार शाम को मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के संदर्भ में पेट्रोलियम, कच्चे तेल, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की स्थिति का आकलन करने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन करेंगे।

यह बैठक वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी में होगी, जिसमें देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति, स्थिर परिवहन और प्रभावी वितरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।

एक उच्च अधिकारी ने बताया कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। उपभोक्ता और उद्योग के हितों की रक्षा के लिए सरकार वैश्विक घटनाक्रमों पर लगातार निगरानी रख रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा करने और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए बातचीत की। दोनों नेताओं ने आशा व्यक्त की कि यह त्योहारी मौसम पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए शांति, स्थिरता और समृद्धि का दौर लाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हालिया हमलों की निंदा की और कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करती हैं।

उन्होंने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी मार्गों को सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने देश में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ईरान के निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

एलपीजी की कमी को लेकर चिंताओं के बीच, सरकार ने एलपीजी आयात में विविधता लाई है और मध्य पूर्व संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं को दूर करने के लिए अमेरिका से द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) भी खरीद रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के अवरुद्ध होने के बाद, जहां विश्व के 20 प्रतिशत तेल और गैस का आवागमन होता है, भारत ने मध्य पूर्व के अलावा अन्य स्रोतों से तेल और गैस आयात में विविधता लाई है।

अब देश के तेल आयात का लगभग 70 प्रतिशत खाड़ी देशों के बाहर से आ रहा है, जिसमें अमेरिका, रूस और नाइजीरिया जैसे अफ्रीकी देश शामिल हैं।

लगातार जारी संघर्ष के कारण एलपीजी की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि, किसी भी एलपीजी वितरक केंद्र पर आपूर्ति में कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है।

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन बुकिंग में वृद्धि होकर 94 प्रतिशत हो गई है। देश में कच्चे तेल की स्थिति और रिफाइनरी संचालन सामान्य बना हुआ है।

घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति 100 प्रतिशत हो रही है और उपभोक्ताओं से एलपीजी से पीएनजी पर स्विच करने का अनुरोध किया गया है।

केंद्र ने सभी राज्यों से कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है और कालाबाजारियों के खिलाफ छापेमारी की जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी की बैठक का उद्देश्य क्या है?
इस बैठक का उद्देश्य मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में पेट्रोलियम, कच्चे तेल, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा करना है।
क्या सरकार ने एलपीजी आयात में बदलाव किया है?
हाँ, सरकार ने एलपीजी आयात में विविधता लाई है और अमेरिका से भी द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस खरीद रही है।
कच्चे तेल की स्थिति कैसी है?
देश में कच्चे तेल की स्थिति सामान्य बनी हुई है और रिफाइनरी संचालन में कोई बाधा नहीं है।
क्या एलपीजी की आपूर्ति में कमी आई है?
नहीं, किसी भी एलपीजी वितरक केंद्र पर आपूर्ति में कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है।
सरकार ने कालाबाजारी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने सभी राज्यों से कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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