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PMKVY 1.0 से 3.0 तक 1.11 करोड़ उम्मीदवार प्रमाणित, 24.38 लाख को मिला रोजगार: संसद में सरकार का खुलासा

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PMKVY 1.0 से 3.0 तक 1.11 करोड़ उम्मीदवार प्रमाणित, 24.38 लाख को मिला रोजगार: संसद में सरकार का खुलासा

सारांश

PMKVY के पहले तीन चरणों में 1.11 करोड़ युवा प्रमाणित हुए, पर 24.38 लाख को ही दर्ज रोजगार मिला — यानी प्रमाणन और नौकरी के बीच बड़ा अंतर। PMKVY 4.0 अब AI और रोबोटिक्स पर केंद्रित है, लेकिन इस चरण में प्लेसमेंट डेटा की निगरानी ही नहीं होती।

मुख्य बातें

PMKVY 1.0 से 3.0 के तहत कुल 1.11 करोड़ उम्मीदवार प्रमाणित किए गए।
शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग घटक में 24.38 लाख उम्मीदवारों के रोजगार प्राप्त करने की जानकारी दर्ज है।
PMKVY 4.0 ( वित्त वर्ष 2022-23 से) में AI, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा और ग्रीन टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
PMKVY 4.0 में प्लेसमेंट डेटा की निगरानी नहीं की जाती — मंत्री जयंत चौधरी ने संसद में यह स्पष्ट किया।
DGT ने NSQF के तहत 170 पाठ्यक्रम तैयार किए, जिनमें 32 फ्यूचर स्किल्स से जुड़े हैं।
SSC ने इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में स्किल गैप स्टडी पूरी की है।

केंद्र सरकार ने 27 जुलाई 2026 को लोकसभा में बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के पहले तीन चरणों — PMKVY 1.0 से 3.0 — के अंतर्गत अब तक कुल 1.11 करोड़ उम्मीदवारों को प्रमाणित किया जा चुका है। इनमें से शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग घटक के तहत 24.38 लाख उम्मीदवारों के रोजगार प्राप्त करने की जानकारी आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज है।

मंत्री का संसद में लिखित जवाब

कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह आँकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि PMKVY 4.0 — जो वित्त वर्ष 2022-23 से लागू है — में युवाओं को अपनी रुचि के अनुसार करियर चुनने के लिए सशक्त बनाने पर विशेष जोर है। इसी कारण इस चरण में प्लेसमेंट से जुड़े आँकड़ों की निगरानी नहीं की जाती।

PMKVY 4.0 में भविष्य की तकनीकों पर फोकस

सरकार के अनुसार, PMKVY 4.0 के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के उद्योग जगत में तकनीकी कुशल मानव संसाधन की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

स्किल इंडिया मिशन की व्यापक संरचना

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के अंतर्गत संचालित स्किल इंडिया मिशन में PMKVY के अलावा जन शिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के माध्यम से संचालित क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (CTS) शामिल हैं। इन सभी माध्यमों से युवाओं को स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) ने राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढाँचा (NSQF) के अनुरूप 170 पाठ्यक्रम तैयार किए हैं, जिनमें से 32 पाठ्यक्रम नई पीढ़ी की तकनीकों और फ्यूचर स्किल्स से जुड़े हैं। इनका संचालन देशभर के ITI और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTI) के नेटवर्क के ज़रिए किया जा रहा है।

स्किल गैप स्टडी और उद्योग की माँग

सरकार ने बताया कि समय-समय पर स्किल गैप स्टडी कराई जाती है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की माँग और प्रशिक्षित युवाओं की रोजगार क्षमता का सटीक आकलन हो सके। सेक्टर स्किल काउंसिल्स (SSC) ने इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सहित कई क्षेत्रों में यह अध्ययन पूरा किया है। इन अध्ययनों के निष्कर्षों के आधार पर कौशल विकास कार्यक्रमों में आवश्यक बदलाव किए जाते हैं।

आगे की राह

आलोचकों का कहना है कि PMKVY 4.0 में प्लेसमेंट डेटा की निगरानी न होने से योजना की वास्तविक सफलता को मापना कठिन हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में रोजगार परिणामों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र सत्यापन तंत्र की आवश्यकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे सरकारी बयान में दबा दिया गया। प्रमाणन और वास्तविक नियोजन के बीच की यह खाई बताती है कि सर्टिफिकेट मिलना और नौकरी मिलना दो अलग बातें हैं। PMKVY 4.0 में प्लेसमेंट डेटा की निगरानी न करने का निर्णय जवाबदेही से पीछे हटने जैसा दिखता है — 'करियर स्वायत्तता' का तर्क सुविधाजनक तो है, पर मापन के बिना नीतिगत सुधार संभव नहीं। AI और रोबोटिक्स में प्रशिक्षण की दिशा सही है, लेकिन बिना परिणाम-आधारित जवाबदेही के यह भी पिछले चरणों की राह पर जा सकती है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PMKVY 1.0 से 3.0 के तहत कितने उम्मीदवार प्रमाणित हुए?
PMKVY 1.0 से 3.0 के अंतर्गत अब तक कुल 1.11 करोड़ उम्मीदवारों को प्रमाणित किया गया है। इनमें से शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग घटक के तहत 24.38 लाख उम्मीदवारों के रोजगार प्राप्त करने की जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है।
PMKVY 4.0 में क्या नया है?
PMKVY 4.0 वित्त वर्ष 2022-23 से लागू है और इसमें AI, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, IoT, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसी भविष्य की तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस चरण में युवाओं को करियर चुनने की स्वायत्तता देने पर जोर है, इसलिए प्लेसमेंट डेटा की निगरानी नहीं की जाती।
PMKVY 4.0 में प्लेसमेंट डेटा क्यों नहीं जुटाया जाता?
कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में बताया कि PMKVY 4.0 में युवाओं को अपनी पसंद के अनुसार विभिन्न करियर विकल्प चुनने के लिए सशक्त बनाने पर जोर है। इसी कारण इस चरण में रोजगार से संबंधित आँकड़ों की निगरानी नहीं की जाती।
स्किल इंडिया मिशन के तहत कौन-कौन सी योजनाएँ चलाई जा रही हैं?
स्किल इंडिया मिशन के तहत PMKVY, जन शिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना और ITI के माध्यम से क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (CTS) संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग का प्रशिक्षण देना है।
DGT ने NSQF के तहत कितने पाठ्यक्रम तैयार किए हैं?
प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) ने NSQF के अनुरूप 170 पाठ्यक्रम तैयार किए हैं, जिनमें 32 पाठ्यक्रम नई पीढ़ी की तकनीकों और फ्यूचर स्किल्स से जुड़े हैं। इनका संचालन देशभर के ITI और NSTI नेटवर्क के माध्यम से किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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