PMKVY 1.0 से 3.0 तक 1.11 करोड़ उम्मीदवार प्रमाणित, 24.38 लाख को मिला रोजगार: संसद में सरकार का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 27 जुलाई 2026 को लोकसभा में बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के पहले तीन चरणों — PMKVY 1.0 से 3.0 — के अंतर्गत अब तक कुल 1.11 करोड़ उम्मीदवारों को प्रमाणित किया जा चुका है। इनमें से शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग घटक के तहत 24.38 लाख उम्मीदवारों के रोजगार प्राप्त करने की जानकारी आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज है।
मंत्री का संसद में लिखित जवाब
कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह आँकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि PMKVY 4.0 — जो वित्त वर्ष 2022-23 से लागू है — में युवाओं को अपनी रुचि के अनुसार करियर चुनने के लिए सशक्त बनाने पर विशेष जोर है। इसी कारण इस चरण में प्लेसमेंट से जुड़े आँकड़ों की निगरानी नहीं की जाती।
PMKVY 4.0 में भविष्य की तकनीकों पर फोकस
सरकार के अनुसार, PMKVY 4.0 के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के उद्योग जगत में तकनीकी कुशल मानव संसाधन की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।
स्किल इंडिया मिशन की व्यापक संरचना
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के अंतर्गत संचालित स्किल इंडिया मिशन में PMKVY के अलावा जन शिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के माध्यम से संचालित क्राफ्ट्समैन ट्रेनिंग स्कीम (CTS) शामिल हैं। इन सभी माध्यमों से युवाओं को स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) ने राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढाँचा (NSQF) के अनुरूप 170 पाठ्यक्रम तैयार किए हैं, जिनमें से 32 पाठ्यक्रम नई पीढ़ी की तकनीकों और फ्यूचर स्किल्स से जुड़े हैं। इनका संचालन देशभर के ITI और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (NSTI) के नेटवर्क के ज़रिए किया जा रहा है।
स्किल गैप स्टडी और उद्योग की माँग
सरकार ने बताया कि समय-समय पर स्किल गैप स्टडी कराई जाती है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की माँग और प्रशिक्षित युवाओं की रोजगार क्षमता का सटीक आकलन हो सके। सेक्टर स्किल काउंसिल्स (SSC) ने इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सहित कई क्षेत्रों में यह अध्ययन पूरा किया है। इन अध्ययनों के निष्कर्षों के आधार पर कौशल विकास कार्यक्रमों में आवश्यक बदलाव किए जाते हैं।
आगे की राह
आलोचकों का कहना है कि PMKVY 4.0 में प्लेसमेंट डेटा की निगरानी न होने से योजना की वास्तविक सफलता को मापना कठिन हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में रोजगार परिणामों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र सत्यापन तंत्र की आवश्यकता है।