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पुंछ में एटीएम स्वैपिंग ठग गिरफ्तार: बिना गार्ड वाले एटीएम पर मदद का नाटक कर कार्ड बदलता था एजाज अहमद

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पुंछ में एटीएम स्वैपिंग ठग गिरफ्तार: बिना गार्ड वाले एटीएम पर मदद का नाटक कर कार्ड बदलता था एजाज अहमद

सारांश

पुंछ में एटीएम ठग एजाज अहमद गिरफ्तार — बिना गार्ड वाले बूथ पर मदद का नाटक कर कार्ड बदलता था, चुराई रकम से हेरोइन खरीदता था। पहले से तीन अन्य आपराधिक मामले दर्ज, पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी।

मुख्य बातें

एजाज अहमद , निवासी मोर्हा बचाई, सुरनकोट, पुंछ , को 28 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी बिना सुरक्षा गार्ड वाले एटीएम पर ग्राहकों का पिन चुराकर कार्ड बदल देता था।
धोखाधड़ी से निकाली गई रकम का उपयोग हेरोइन (चिट्टा) खरीदने और बेचने में होता था।
आरोपी पर पहले से तीन अन्य एफआईआर — दो एनडीपीएस एक्ट और एक धोखाधड़ी के तहत — दर्ज हैं।
जिला पुलिस पुंछ ने नागरिकों से एटीएम पर अजनबियों से सावधान रहने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पुलिस ने 28 अगस्त 2026 को एटीएम स्वैपिंग धोखाधड़ी और ड्रग तस्करी के एक संयुक्त मामले में आरोपी एजाज अहमद को गिरफ्तार किया। आरोपी बिना सुरक्षा गार्ड वाले एटीएम बूथों पर ग्राहकों की 'मदद' करने का नाटक कर उनके कार्ड बदल देता था और पिन चुराकर खाते खाली कर देता था।

कैसे देता था धोखा

पुलिस के अनुसार आरोपी एजाज अहमद पुत्र अब्दुल अजीज, निवासी मोर्हा बचाई, तहसील सुरनकोट, जिला पुंछ, मुख्य रूप से उन एटीएम को निशाना बनाता था जहाँ सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं होते थे। वह एटीएम इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के पास पहुँचकर सहायता का दिखावा करता था, लेनदेन के दौरान उनका पिन नंबर देख लेता था और चालाकी से उनका असली कार्ड हटाकर दूसरा कार्ड थमा देता था। इसके बाद चुराए गए कार्ड और पिन से पीड़ितों के बैंक खातों से रकम निकाल ली जाती थी।

ड्रग तस्करी से सीधा संबंध

जाँच में यह भी सामने आया कि धोखाधड़ी से हासिल की गई रकम का उपयोग हेरोइन (चिट्टा) खरीदने में किया जाता था। आरोपी स्वयं भी नशे का आदी था और अन्य लोगों को भी मादक पदार्थ बेचता था। इस तरह वित्तीय अपराध और ड्रग तस्करी के बीच एक सुनियोजित कड़ी उजागर हुई है।

पहले से दर्ज हैं कई मामले

यह गिरफ्तारी थाना सुरनकोट में दर्ज एफआईआर नंबर 278/2026, धारा 318(4), 303(2) बीएनएस के तहत की गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पहले से तीन अन्य मामले भी दर्ज हैं — एफआईआर नंबर 58/2025 धारा 318(4) बीएनएस (थाना सुरनकोट), एफआईआर नंबर 249/2025 धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट (थाना सुरनकोट), और एफआईआर नंबर 148/2026 धारा 8/27 एनडीपीएस एक्ट (थाना पुंछ)। यह तथ्य इशारा करता है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह के अपराधों में संलिप्त रहा है।

जाँच जारी, अन्य मामलों की तलाश

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इसी प्रकार की एटीएम धोखाधड़ी से जुड़ी कई अन्य शिकायतों की भी जाँच की जा रही है और आरोपी के संभावित सहयोगियों का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल एजाज अहमद पुलिस रिमांड पर है और पूछताछ जारी है।

नागरिकों के लिए सतर्कता की अपील

जिला पुलिस पुंछ ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे एटीएम पर किसी अजनबी की 'मदद' लेने से बचें, अपना पिन नंबर किसी के साथ साझा न करें और लेनदेन के बाद अपना कार्ड तुरंत जाँचें। किसी भी अनधिकृत लेनदेन की सूचना तत्काल नज़दीकी पुलिस स्टेशन को दें। इसी तरह की धोखाधड़ी के शिकार नागरिक भी थाने से संपर्क कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और बैंकों की जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आरोपी के खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज होने के बावजूद वह सक्रिय रहा — यह पुलिस की निगरानी और त्वरित न्यायिक कार्रवाई की ज़रूरत को रेखांकित करता है। जब तक बैंक असुरक्षित एटीएम बूथों में गार्ड तैनात करना अनिवार्य नहीं करते, इस तरह के अपराध दोहराए जाते रहेंगे।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुंछ में एटीएम स्वैपिंग धोखाधड़ी का आरोपी कौन है?
आरोपी की पहचान एजाज अहमद पुत्र अब्दुल अजीज, निवासी मोर्हा बचाई, तहसील सुरनकोट, जिला पुंछ के रूप में हुई है। उसे 28 अगस्त 2026 को थाना सुरनकोट में दर्ज एफआईआर नंबर 278/2026 के तहत गिरफ्तार किया गया।
एटीएम कार्ड स्वैपिंग धोखाधड़ी कैसे की जाती थी?
आरोपी बिना सुरक्षा गार्ड वाले एटीएम बूथों पर ग्राहकों की मदद का नाटक करता था। लेनदेन के दौरान वह उनका पिन नंबर देख लेता था और असली एटीएम कार्ड की जगह दूसरा कार्ड थमा देता था, फिर चुराए कार्ड से खाते से रकम निकाल लेता था।
एटीएम धोखाधड़ी और ड्रग तस्करी का क्या संबंध था?
जाँच में सामने आया कि आरोपी धोखाधड़ी से निकाली गई रकम का उपयोग हेरोइन (चिट्टा) खरीदने में करता था। वह स्वयं नशे का आदी था और दूसरों को भी मादक पदार्थ बेचता था, जिससे वित्तीय अपराध और ड्रग तस्करी के बीच सीधा संबंध उजागर हुआ।
आरोपी के खिलाफ पहले से कितने मामले दर्ज हैं?
एजाज अहमद के खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज हैं — एफआईआर नंबर 58/2025 (धारा 318(4) बीएनएस), एफआईआर नंबर 249/2025 (धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट) और एफआईआर नंबर 148/2026 (धारा 8/27 एनडीपीएस एक्ट)।
एटीएम धोखाधड़ी से बचने के लिए नागरिक क्या करें?
जिला पुलिस पुंछ ने अपील की है कि एटीएम पर किसी अजनबी की मदद न लें, अपना पिन नंबर किसी के साथ साझा न करें और लेनदेन के बाद तुरंत अपना कार्ड जाँचें। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की सूचना नज़दीकी पुलिस स्टेशन को तत्काल दें।
राष्ट्र प्रेस
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