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पपीते के स्वास्थ्य लाभ: हड्डियाँ मजबूत, बाल चमकदार और पाचन दुरुस्त — आयुष मंत्रालय की सलाह

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पपीते के स्वास्थ्य लाभ: हड्डियाँ मजबूत, बाल चमकदार और पाचन दुरुस्त — आयुष मंत्रालय की सलाह

सारांश

आयुष मंत्रालय ने पपीते को एक संपूर्ण पोषण स्रोत बताया है — पेपेन एंजाइम से पाचन, विटामिन सी से इम्युनिटी, विटामिन के और कैल्शियम से हड्डियाँ, और विटामिन ए-ई से बालों की जड़ों को पोषण। एक फल, अनेक फायदे।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने 6 मई को पपीते के स्वास्थ्यवर्धक गुणों पर विशेष जानकारी साझा की।
पपीते में मौजूद पेपेन एंजाइम कब्ज, गैस और अपच से राहत दिलाता है।
विटामिन के और कैल्शियम हड्डियों की घनत्व बढ़ाते हैं; बुजुर्गों और महिलाओं के लिए विशेष लाभकारी।
विटामिन ए और ई बालों की जड़ों को पोषण देते हैं और रूसी नियंत्रित करते हैं।
पपीता पका और कच्चा — दोनों रूपों में खाया जा सकता है; गंभीर बीमारी में डॉक्टर की सलाह ज़रूरी।

नई दिल्ली — पोषक तत्वों से भरपूर पपीता स्वास्थ्य के लिए एक प्राकृतिक वरदान माना जाता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस फल में मौजूद विटामिन ए, सी, ई, फोलेट, पोटैशियम और फाइबर शरीर को अनेक तरह से लाभ पहुँचाते हैं — विशेष रूप से हड्डियों को मजबूत बनाने और बालों की सेहत सुधारने में। 6 मई को साझा की गई आयुष मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, पपीते का नियमित सेवन शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखता है।

पाचन तंत्र पर असर

पपीते में पाया जाने वाला पेपेन एंजाइम भोजन को आसानी से पचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयुष विशेषज्ञों के अनुसार, इसके नियमित सेवन से कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएँ दूर होती हैं और पाचन तंत्र मजबूत बनता है। यह पेट के संक्रमण को भी दूर रखने में सहायक है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता और त्वचा का स्वास्थ्य

पपीते में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। इससे सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण और अन्य बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। साथ ही, पपीते के एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं — मुँहासे, दाग-धब्बों को कम करने और त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में भी यह उपयोगी है।

हड्डियों को मजबूती

पपीते में मौजूद विटामिन के और कैल्शियम हड्डियों की घनत्व बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे हड्डियाँ मजबूत होती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, खासकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए पपीते का नियमित सेवन विशेष रूप से लाभकारी है।

बालों की सेहत पर प्रभाव

पपीता बालों को झड़ने से बचाता है और उन्हें मजबूत व चमकदार बनाता है। इसमें मौजूद विटामिन ए और ई बालों की जड़ों को पोषण देते हैं और रूसी जैसी समस्या को भी नियंत्रित करते हैं। गौरतलब है कि ये दोनों विटामिन स्कैल्प के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माने जाते हैं।

सेवन का सही तरीका और सावधानियाँ

आयुष विभाग के अनुसार, पपीता न सिर्फ पका हुआ बल्कि कच्चा (सब्जी के रूप में) भी खाया जा सकता है। इसका नियमित सेवन स्वास्थ्य को कई लाभ देता है। हालाँकि, किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। पपीते को अपने दैनिक आहार में शामिल करना एक सरल और प्रभावी स्वास्थ्य कदम हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सराहनीय है। हालाँकि, इस तरह की सरकारी सलाह अक्सर व्यापक दावे करती है बिना यह स्पष्ट किए कि कितनी मात्रा में और किन परिस्थितियों में ये लाभ मिलते हैं। ऑस्टियोपोरोसिस जैसी जटिल बीमारियों के लिए केवल पपीते पर निर्भरता चिकित्सकीय दृष्टि से अपर्याप्त हो सकती है। जन स्वास्थ्य सलाह तभी सार्थक होती है जब वह खुराक, contraindications और वैज्ञानिक स्रोतों का स्पष्ट उल्लेख करे।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पपीता हड्डियों के लिए कैसे फायदेमंद है?
पपीते में मौजूद विटामिन के और कैल्शियम हड्डियों की घनत्व बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम होता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं के लिए लाभकारी है।
पपीता बालों के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है?
पपीते में विटामिन ए और ई पाए जाते हैं जो बालों की जड़ों को पोषण देते हैं, बालों को झड़ने से बचाते हैं और रूसी को नियंत्रित करते हैं। नियमित सेवन से बाल मजबूत और चमकदार बनते हैं।
पपीते में पेपेन एंजाइम क्या होता है?
पेपेन एक प्राकृतिक पाचक एंजाइम है जो पपीते में पाया जाता है और भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है। इससे कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याएँ दूर होती हैं।
क्या कच्चा पपीता भी खाया जा सकता है?
हाँ, आयुष विभाग के अनुसार पपीता पके फल के रूप में और कच्चा सब्जी के रूप में — दोनों तरह से खाया जा सकता है। दोनों ही रूपों में इसका नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
पपीते का सेवन किन्हें सावधानी से करना चाहिए?
आयुष मंत्रालय की सलाह है कि किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में पपीते का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। गर्भावस्था में कच्चे पपीते से परहेज की सलाह आमतौर पर दी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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