प्रयागराज: स्वामी नारायण मंदिर का हिस्सा रात को अचानक ढहा, कई लोग बाल-बाल बचे
सारांश
मुख्य बातें
प्रयागराज स्थित स्वामी नारायण मंदिर का एक हिस्सा 28-29 अगस्त 2026 की रात अचानक ढह गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रात करीब 11 से साढ़े 11 बजे के बीच जोरदार धमाके की आवाज़ सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुँचे। कई लोग बाल-बाल बचे।
मुख्य घटनाक्रम
मंदिर परिसर में एक तीन मंजिला मकान भी बना हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के बाद घटनास्थल से धुआँ उठता हुआ दिखा। स्थानीय निवासी मोईन अली ने बताया कि 'ऐसा लगा जैसे भूकंप का झटका हो, इसके बाद तेज़ आवाज़ आई।' उन्होंने कहा कि जब देखने गए तो मंदिर का हिस्सा गिरा हुआ था।
एक अन्य स्थानीय निवासी गीता ने बताया कि यह हादसा रात लगभग 11 बजे हुआ। उन्होंने कहा, 'अचानक तेज़ आवाज़ आई तो सब लोग देखने आए — मंदिर का हिस्सा गिरा हुआ था।'
संभावित कारण
स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर बताया कि मंदिर के बगल में गड्ढा खोदा गया था, जिसे इस हादसे की एक संभावित वजह माना जा रहा है। गीता ने भी संकेत दिया कि पास में एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा था, जो शायद इस ढहाव का कारण बना हो। हालाँकि, ढहाव के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
इलाके में डर का माहौल
मोईन अली ने बताया कि वे और उनके परिवार के लोग मंदिर के बगल में ही रहते हैं। घटना के बाद आसपास के निवासियों में भय और आशंका का माहौल बन गया है। रात के वक्त अचानक हुई इस घटना ने पूरे मोहल्ले को हिलाकर रख दिया।
क्या होगा आगे
घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है। ढाँचे की स्थिरता और नुकसान का आकलन करने के लिए जाँच अपेक्षित है। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण के कारण पुरानी इमारतों और धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं।