29 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रयागराज: स्वामी नारायण मंदिर का हिस्सा रात को अचानक ढहा, कई लोग बाल-बाल बचे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रयागराज: स्वामी नारायण मंदिर का हिस्सा रात को अचानक ढहा, कई लोग बाल-बाल बचे

सारांश

प्रयागराज के स्वामी नारायण मंदिर का एक हिस्सा रात करीब 11 बजे अचानक ढह गया — जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। स्थानीय लोगों ने बगल में हो रही खुदाई को संभावित कारण बताया। कई लोग बाल-बाल बचे, इलाके में भय का माहौल है।

मुख्य बातें

प्रयागराज स्थित स्वामी नारायण मंदिर का एक हिस्सा 28-29 अगस्त 2026 की रात अचानक ढह गया।
हादसा रात करीब 11 से साढ़े 11 बजे के बीच हुआ; जोरदार धमाके से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
मंदिर परिसर में तीन मंजिला मकान भी बना हुआ था; घटनास्थल से धुआँ उठता देखा गया।
स्थानीय निवासियों ने बगल में गड्ढा खोदे जाने और निर्माण कार्य को संभावित कारण बताया।
कई लोग बाल-बाल बचे ; ढहाव के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

प्रयागराज स्थित स्वामी नारायण मंदिर का एक हिस्सा 28-29 अगस्त 2026 की रात अचानक ढह गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रात करीब 11 से साढ़े 11 बजे के बीच जोरदार धमाके की आवाज़ सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुँचे। कई लोग बाल-बाल बचे।

मुख्य घटनाक्रम

मंदिर परिसर में एक तीन मंजिला मकान भी बना हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के बाद घटनास्थल से धुआँ उठता हुआ दिखा। स्थानीय निवासी मोईन अली ने बताया कि 'ऐसा लगा जैसे भूकंप का झटका हो, इसके बाद तेज़ आवाज़ आई।' उन्होंने कहा कि जब देखने गए तो मंदिर का हिस्सा गिरा हुआ था।

एक अन्य स्थानीय निवासी गीता ने बताया कि यह हादसा रात लगभग 11 बजे हुआ। उन्होंने कहा, 'अचानक तेज़ आवाज़ आई तो सब लोग देखने आए — मंदिर का हिस्सा गिरा हुआ था।'

संभावित कारण

स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर बताया कि मंदिर के बगल में गड्ढा खोदा गया था, जिसे इस हादसे की एक संभावित वजह माना जा रहा है। गीता ने भी संकेत दिया कि पास में एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा था, जो शायद इस ढहाव का कारण बना हो। हालाँकि, ढहाव के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

इलाके में डर का माहौल

मोईन अली ने बताया कि वे और उनके परिवार के लोग मंदिर के बगल में ही रहते हैं। घटना के बाद आसपास के निवासियों में भय और आशंका का माहौल बन गया है। रात के वक्त अचानक हुई इस घटना ने पूरे मोहल्ले को हिलाकर रख दिया।

क्या होगा आगे

घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है। ढाँचे की स्थिरता और नुकसान का आकलन करने के लिए जाँच अपेक्षित है। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण के कारण पुरानी इमारतों और धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नगर निगम की अनुमति और निगरानी तंत्र पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया — यह चूक जवाबदेही की माँग करती है। रात के वक्त हुई इस घटना में जानमाल का नुकसान नहीं होना राहत की बात है, पर यह महज संयोग था। बिना ठोस संरचनात्मक जाँच और कड़े निर्माण नियंत्रण के, ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रयागराज में स्वामी नारायण मंदिर का हिस्सा कब और कैसे ढहा?
यह हादसा 28-29 अगस्त 2026 की रात करीब 11 से साढ़े 11 बजे के बीच हुआ। जोरदार धमाके की आवाज़ के साथ मंदिर का एक हिस्सा अचानक गिर गया, जिसके बाद आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुँचे।
मंदिर ढहने का कारण क्या बताया जा रहा है?
स्थानीय निवासियों ने कथित तौर पर बताया कि मंदिर के बगल में गड्ढा खोदा गया था और पास में एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। हालाँकि, ढहाव के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
क्या इस हादसे में कोई हताहत हुआ?
स्थानीय निवासियों के बयानों के अनुसार कई लोग बाल-बाल बचे। किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
स्वामी नारायण मंदिर में और क्या ढाँचा था?
स्थानीय निवासी मोईन अली के अनुसार, स्वामी नारायण मंदिर परिसर में एक तीन मंजिला मकान भी बना हुआ था। घटना के बाद घटनास्थल से धुआँ उठता हुआ देखा गया।
घटना के बाद इलाके में क्या स्थिति है?
मोईन अली और अन्य निवासियों ने बताया कि घटना के बाद आसपास के लोगों में डर और आशंका का माहौल है। अधिकारियों को सूचना दी गई है और ढाँचे की जाँच अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले