21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रयागराज: शरीर पर स्लोगन लिखकर पेड़-पौधे लिए घूम रहे राजेंद्र तिवारी, विश्व पर्यावरण दिवस पर अनोखी मुहिम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रयागराज: शरीर पर स्लोगन लिखकर पेड़-पौधे लिए घूम रहे राजेंद्र तिवारी, विश्व पर्यावरण दिवस पर अनोखी मुहिम

सारांश

प्रयागराज के दारागंज में राजेंद्र कुमार तिवारी उर्फ दुकान जी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर शरीर पर स्लोगन लिखकर और पौधे लेकर सड़कों पर भ्रमण किया। 'सांसें हो रही हैं कम, आओ एक पेड़ लगाएं हम' — यह अनोखी जमीनी मुहिम बताती है कि पर्यावरण चेतना के लिए संसाधन नहीं, संकल्प चाहिए।

मुख्य बातें

राजेंद्र कुमार तिवारी उर्फ दुकान जी ने 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रयागराज के दारागंज में अनोखा जागरूकता अभियान चलाया।
उन्होंने अपने शरीर पर पर्यावरण संरक्षण के स्लोगन लिखकर और हाथों में पेड़-पौधे लेकर शहर की सड़कों पर भ्रमण किया।
उनका मुख्य नारा था — 'सांसें हो रही हैं कम, आओ एक पेड़ लगाएं हम' ।
स्थानीय निवासी अनामिका चौधरी और सुनील कुमार सहित कई लोग इस अभियान से जुड़े।
तिवारी ने शादी-ब्याह में बुके की जगह पौधा भेंट करने और जन्मदिन पर वृक्षारोपण की अपील की।

प्रयागराज के दारागंज इलाके में विश्व पर्यावरण दिवस, 5 जून 2026 के अवसर पर एक अनूठी जागरूकता मुहिम देखने को मिली, जब राजेंद्र कुमार तिवारी उर्फ दुकान जी ने अपने शरीर पर पर्यावरण संरक्षण के स्लोगन लिखकर और हाथों में पेड़-पौधे लेकर शहर की सड़कों पर भ्रमण किया। उनका संदेश सीधा और स्पष्ट था — 'सांसें हो रही हैं कम, आओ एक पेड़ लगाएं हम' — और उनके इस अभियान में स्थानीय निवासी भी जुड़ते चले गए।

मुख्य घटनाक्रम

दारागंज की गलियों में राजेंद्र तिवारी का यह अभियान सुबह से ही शुरू हो गया था। वे घर-घर जाकर लोगों से वृक्षारोपण की अपील कर रहे थे। उनके अनोखे गेटअप और जोशीले संदेश ने राहगीरों और स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा, और देखते-देखते कई निवासी उनकी यात्रा में शामिल हो गए। यह अभियान शहर के विभिन्न हिस्सों में दिनभर जारी रहा।

राजेंद्र तिवारी की अपील

राजेंद्र तिवारी ने अपनी इस मुहिम के बारे में बताते हुए कहा, 'मैं लोगों से निवेदन करने निकला हूं। घर-घर जाकर निवेदन कर रहा हूं कि पर्यावरण को बचाए रखने के लिए एक पेड़ अवश्य लगाएं। जिस तरह से हमारी भूमि बंजर होती जा रही है और प्रकृति के साथ हम लोग जो खिलवाड़ कर रहे हैं, उसको बंद करना होगा नहीं तो आगे आने वाली युवा पीढ़ी को हम शुद्ध वायु नहीं दे पाएंगे।' उन्होंने यह भी सुझाया कि शादी-ब्याह या किसी भी आयोजन में बुके की जगह एक पौधा भेंट किया जाए — 'जिस तरह से पेड़ बढ़ेगा, उसी तरह परिवार बढ़ेगा।'

स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया

प्रयागराज निवासी अनामिका चौधरी ने इस अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि पर्यावरण दिवस पर ही नहीं, बल्कि प्रतिदिन एक पौधा रोपित करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'लोग अपने लिए एक पौधा लगाकर उसे बड़ा वृक्ष बनाएं — एक पेड़ लगाना 100 पुत्र के समान है।' वहीं, सुनील कुमार ने कोरोना काल की याद दिलाते हुए कहा कि जिस तरह उस दौर में लोगों की सांसें रुकीं, उसे ध्यान में रखकर अभी से पेड़ लगाना ज़रूरी है। उन्होंने अपील की कि लोग जन्मदिन, बच्चों के जन्मदिन और माता-पिता के नाम पर एक पेड़ अवश्य लगाएं।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में वायु प्रदूषण और हरित आवरण की कमी एक गंभीर चिंता बनती जा रही है। गौरतलब है कि जमीनी स्तर पर इस तरह की व्यक्तिगत पहल अक्सर सरकारी अभियानों की तुलना में अधिक प्रभावी सामाजिक संदेश देती हैं, क्योंकि ये सीधे समुदाय से जुड़ती हैं। राजेंद्र तिवारी का यह प्रयास बताता है कि जागरूकता के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।

क्या होगा आगे

राजेंद्र तिवारी के अनुसार यह अभियान केवल 5 जून तक सीमित नहीं रहेगा — वे आगे भी दारागंज और प्रयागराज के अन्य मुहल्लों में यह जागरूकता यात्रा जारी रखने का इरादा रखते हैं। उनकी इस मुहिम से प्रेरित होकर स्थानीय निवासी भी अपने स्तर पर वृक्षारोपण की दिशा में कदम उठाने को प्रोत्साहित हो रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर जीवित बचे पेड़ों की स्वतंत्र गणना शायद ही कभी सामने आती है। इस मुहिम की असली ताकत इसकी सादगी में है — एक आदमी, एक संदेश, एक मुहल्ला। सवाल यह है कि क्या यह स्थानीय चिंगारी व्यापक सामुदायिक जवाबदेही में बदल सकती है, या यह भी हर साल के पर्यावरण दिवस की तरह एक दिन की खबर बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रयागराज में विश्व पर्यावरण दिवस पर क्या हुआ?
5 जून 2026 को प्रयागराज के दारागंज इलाके में राजेंद्र कुमार तिवारी उर्फ दुकान जी ने शरीर पर पर्यावरण संरक्षण के स्लोगन लिखकर और हाथों में पेड़-पौधे लेकर सड़कों पर भ्रमण किया। इस अनोखे अभियान में स्थानीय निवासी भी शामिल हुए।
राजेंद्र तिवारी उर्फ दुकान जी कौन हैं और उनका संदेश क्या है?
राजेंद्र कुमार तिवारी प्रयागराज के दारागंज के निवासी हैं जो पर्यावरण जागरूकता के लिए सक्रिय हैं। उनका मुख्य संदेश है कि हर व्यक्ति कम से कम एक पेड़ लगाए, और शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में बुके की जगह पौधा भेंट करने की परंपरा शुरू करे।
इस अभियान में स्थानीय लोगों की क्या भूमिका रही?
अनामिका चौधरी और सुनील कुमार सहित कई स्थानीय निवासी इस यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने अपील की कि पर्यावरण दिवस पर ही नहीं, बल्कि प्रतिदिन एक पौधा लगाना चाहिए और जन्मदिन व अन्य अवसरों पर वृक्षारोपण को परंपरा बनाना चाहिए।
वृक्षारोपण क्यों ज़रूरी है और इस अभियान की प्रेरणा क्या है?
सुनील कुमार ने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए बताया कि जब लोगों की सांसें रुकीं, तब ऑक्सीजन की कीमत समझ आई। बढ़ते प्रदूषण और बंजर होती भूमि को देखते हुए तिवारी का मानना है कि अभी नहीं चेते तो आने वाली पीढ़ी को शुद्ध वायु नहीं मिलेगी।
क्या यह अभियान केवल 5 जून तक सीमित था?
नहीं, राजेंद्र तिवारी के अनुसार यह जागरूकता यात्रा आगे भी दारागंज और प्रयागराज के अन्य मुहल्लों में जारी रहेगी। उनका उद्देश्य पर्यावरण दिवस से परे एक स्थायी सामुदायिक आंदोलन खड़ा करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले