राष्ट्रपति मुर्मु ने सिक्किम पुलिस को 'राष्ट्रपति का निशान' दिया, बोलीं — पुलिस बने नागरिकों की सहयोगी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 28 मई 2026 को गंगटोक में आयोजित एक विशेष समारोह में सिक्किम पुलिस को 'राष्ट्रपति का निशान' प्रदान किया — यह सम्मान किसी पुलिस बल को मिलने वाला सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है। इस अवसर पर उन्होंने सिक्किम पुलिस से जुड़े वर्तमान और पूर्व सभी अधिकारियों एवं जवानों को बधाई देते हुए कहा कि 1897 में अपनी स्थापना के बाद से यह बल सिक्किम में शांति, सुरक्षा और न्याय का स्तंभ बना रहा है।
औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति की ज़रूरत
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत की पुलिस व्यवस्था पर लंबे समय तक चले औपनिवेशिक शासन की गहरी छाप रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुलामी के दौर में पुलिस का उद्देश्य जनता की सेवा नहीं, बल्कि उन पर नियंत्रण रखना और शासन के आदेशों को कठोरता से लागू करना था। इसी कारण पुलिस तंत्र में जनता की सहायता करने की जगह उन पर शासन करने की सोच पनपी।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देशवासियों को सशक्त बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इस गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्ति अत्यंत आवश्यक है। उनके अनुसार, जब तक यह सोच नहीं बदलेगी, नागरिक राष्ट्र-निर्माण में अपनी पूरी क्षमता से योगदान नहीं दे पाएंगे।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर बल
राष्ट्रपति ने पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस तंत्र को और अधिक नागरिक-हितैषी बनाया जाना चाहिए, ताकि आम लोग बिना किसी भय के अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और समाज के कमज़ोर वर्गों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को प्राथमिकता देने की बात उन्होंने दृढ़ता से कही।
सहयोगी की भूमिका से बढ़ेगा विश्वास
मुर्मु ने कहा कि पुलिस को नागरिकों का सहयोगी और मार्गदर्शक बनना है। उनके अनुसार, जब पुलिस लोगों की समस्याओं को समझकर उनकी सहायता करेगी, तो समाज में सुरक्षा के प्रति भरोसा और कानून के प्रति सम्मान — दोनों स्वाभाविक रूप से बढ़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस व्यवस्था का उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण करना होना चाहिए।
सिक्किम पुलिस की सराहना
राष्ट्रपति ने सिक्किम पुलिस के योगदान की विशेष सराहना करते हुए कहा कि इस बल ने राज्य में शांति और भाईचारा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके अनुसार, सिक्किम पुलिस ने अपने पेशेवर और मित्रतापूर्ण व्यवहार के बल पर राज्य के नागरिकों का स्नेह और सम्मान अर्जित किया है — और यही भावना पूरे देश की पुलिस के लिए अनुकरणीय है।
यह सम्मान ऐसे समय में दिया गया है जब देशभर में पुलिस सुधार और नागरिक-पुलिस संबंधों को लेकर व्यापक चर्चा जारी है। राष्ट्रपति का यह संबोधन उस दिशा में एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।