राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एयरफोर्स बाल भारती स्कूल का दौरा किया, छात्रों को राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 29 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के लोदी रोड स्थित एयरफोर्स बाल भारती स्कूल का औचक दौरा किया और विद्यार्थियों से सीधा संवाद स्थापित किया। इस यात्रा में उन्होंने छात्रों को कठिन परिश्रम, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। स्कूल प्रशासन ने इस अवसर को संस्थान के इतिहास का एक विशेष मील का पत्थर बताया।
स्वागत और सांस्कृतिक कार्यक्रम
राष्ट्रपति के स्कूल परिसर में पहुँचने पर भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और एयर फोर्स फैमिलीज वेलफेयर एसोसिएशन (AFFWA) की अध्यक्ष सरिता सिंह ने उनका स्वागत किया। विद्यार्थियों ने परंपरागत और उत्साहपूर्ण तरीके से उनका अभिनंदन किया, जिसके बाद एक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। इस कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, देशभक्ति और विविधता की झलक दिखाई दी, और छात्रों के अनुशासन व आत्मविश्वास ने उपस्थित अतिथियों को प्रभावित किया।
छात्रों से संवाद — दौरे का केंद्रबिंदु
दौरे का सबसे उल्लेखनीय पहलू राष्ट्रपति और विद्यार्थियों के बीच हुई सीधी बातचीत रही। मुर्मु ने छात्रों से उनके सपनों, भविष्य की योजनाओं और रुचियों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सफलता की राह कठिन परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच से होकर गुज़रती है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में उत्कृष्टता की ओर बढ़ने और समाज व देश के विकास में सार्थक योगदान देने की प्रेरणा दी।
कला प्रदर्शनी का अवलोकन
राष्ट्रपति ने स्कूल परिसर में आयोजित कला प्रदर्शनी का भी निरीक्षण किया, जिसमें जूनियर और सीनियर वर्ग के छात्रों की चित्रकृतियाँ और रचनात्मक कलाकृतियाँ प्रदर्शित थीं। उन्होंने छात्रों की सृजनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ कला और सृजनशीलता का विकास भी समग्र व्यक्तित्व निर्माण का अनिवार्य अंग है।
स्कूल की प्रशंसा और संदेश
दौरे के समापन पर राष्ट्रपति मुर्मु ने स्कूल के आधुनिक बुनियादी ढाँचे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थान देश के भविष्य की नींव को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह दौरा स्कूल के विद्यार्थियों के लिए एक दीर्घकालीन प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।