मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू ने भारत को बताया 'सबसे बड़ा लोकतंत्र और भरोसेमंद दोस्त', मुर्मु की ऐतिहासिक यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू ने 20 जुलाई 2026 को चिसीनाउ में भारत को 'दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र' और एक 'भरोसेमंद एवं अहम दोस्त' करार दिया। यह टिप्पणी उन्होंने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मोल्दोवा यात्रा के दौरान की, जो किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की इस देश की पहली यात्रा है।
मैया सैंडू का संदेश
राष्ट्रपति सैंडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करके मुझे खुशी हुई। यह पहली बार है जब भारत के किसी राष्ट्राध्यक्ष ने मोल्दोवा का दौरा किया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और हमारा एक अहम दोस्त है। हम मिलकर ऐसी साझेदारी बना रहे हैं, जिससे दोनों देशों के लोगों को सीधे फायदा मिलेगा।'
राष्ट्रपति मुर्मु के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैंडू ने कहा, 'हम दोनों लोकतांत्रिक देश हैं — एक बहुत बड़ा और दूसरा छोटा, लेकिन हम आज़ादी, सम्मान और लोगों की भलाई जैसे साझा मूल्यों को मानते हैं। मोल्दोवा में आपको हमेशा एक भरोसेमंद दोस्त मिलेगा।'
साझा लोकतांत्रिक मूल्य
दुनिया में बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच सैंडू ने इस द्विपक्षीय संबंध को विशेष संदर्भ में रखा। उन्होंने कहा कि दोनों देश आज़ादी, सम्मान और जनकल्याण जैसे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों से बंधे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोल्दोवा सहयोग और भरोसेमंद साझेदारी का रास्ता चुन रहा है।
गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब यूरोप में रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण मोल्दोवा जैसे छोटे देश अपनी विदेश नीति में नए साझेदारों की तलाश कर रहे हैं। भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम' की नीति और गुटनिरपेक्ष छवि इस संदर्भ में मोल्दोवा के लिए आकर्षक है।
संसद भवन में मुलाकात
राष्ट्रपति मुर्मु ने मोल्दोवा की संसद का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने संसद अध्यक्ष इगोर ग्रोसु और भारत-मोल्दोवा संसदीय मित्रता समूह के सदस्यों से मुलाकात की। राष्ट्रपति मुर्मु ने इस अवसर पर विश्वास जताया कि दोनों देशों के नेता आगे भी मज़बूत, भविष्योन्मुखी और परस्पर लाभकारी साझेदारी को आगे बढ़ाते रहेंगे।
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने इस राजकीय यात्रा पर आयोजित विशेष मीडिया ब्रीफिंग में कहा, 'इन बैठकों से यह साफ हुआ कि संसदीय लोकतंत्र दोनों देशों के बीच आपसी समझ बढ़ाने, संस्थागत रिश्तों को मजबूत करने और दोनों लोकतांत्रिक समाजों को एक-दूसरे के और करीब लाने में अहम भूमिका निभाता है।'
आगे की यात्रा
मोल्दोवा राष्ट्रपति मुर्मु की तीन देशों की यात्रा का पहला पड़ाव है। इसके बाद वह उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया का दौरा करेंगी, जहाँ उनकी कई उच्च-स्तरीय बैठकें और कार्यक्रम निर्धारित हैं। यह यात्रा भारत की यूरोपीय देशों के साथ बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का संकेत देती है।