25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

प्रोजेक्ट गंगा लॉन्च: CM योगी का लक्ष्य — 20 लाख परिवारों को हाई स्पीड इंटरनेट, 1 लाख रोजगार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
प्रोजेक्ट गंगा लॉन्च: CM योगी का लक्ष्य — 20 लाख परिवारों को हाई स्पीड इंटरनेट, 1 लाख रोजगार

सारांश

उत्तर प्रदेश में डिजिटल क्रांति की नई इबारत — प्रोजेक्ट गंगा सिर्फ इंटरनेट कनेक्शन नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं को उद्यमी बनाने का दांव है। 20 लाख परिवार, 10 हजार डीएसपी और 1 लाख रोजगार के लक्ष्य के साथ यह योगी सरकार की सबसे बड़ी डिजिटल पहल है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 9 जून 2026 को लखनऊ में ' प्रोजेक्ट गंगा ' का शुभारंभ किया।
लक्ष्य: 20 लाख परिवारों तक हाई स्पीड ब्रॉडबैंड, 8 से 10 हजार डिजिटल सेवा प्रदाता (डीएसपी) और 1 लाख से अधिक रोजगार अवसर।
प्रथम चरण में 21 जनपदों में संचालन; भविष्य में 57 हजार ग्राम पंचायतों तक विस्तार का लक्ष्य।
हिंदुजा समूह 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' के आधार पर भागीदार; लाभार्थियों में 50% महिलाएं होंगी।
'सीएम युवा' योजना के तहत चयनित युवाओं को ₹5 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध।
उत्तर प्रदेश इस अभिनव डिजिटल उद्यमिता मॉडल को अपनाने वाला देश का पहला राज्य बताया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 जून 2026 को लखनऊ में 'प्रोजेक्ट गंगा' का औपचारिक शुभारंभ किया — एक महत्वाकांक्षी ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी पहल, जिसका लक्ष्य उत्तर प्रदेश के 20 लाख परिवारों तक हाई स्पीड ब्रॉडबैंड पहुँचाना और 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित करना है। परियोजना के प्रथम चरण में 21 जनपदों में संचालन शुरू किया जा रहा है और इसे आगे चलकर प्रदेश की 57 हजार ग्राम पंचायतों तक विस्तारित करने की योजना है।

परियोजना की मुख्य रूपरेखा

स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट गंगा केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी विस्तार की परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश में डिजिटल उद्यमिता का एक नया मॉडल है। इसके तहत स्थानीय युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता (डीएसपी) के रूप में विकसित किया जाएगा, जो अपने क्षेत्रों में फाइबर ब्रॉडबैंड नेटवर्क स्थापित कर सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।

परियोजना के अंतर्गत 8 से 10 हजार डिजिटल सेवा प्रदाता तैयार करने का लक्ष्य है। इन युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, नेटवर्क निर्माण और व्यवसाय संचालन में भी सहयोग दिया जाएगा, ताकि वे टिकाऊ डिजिटल उद्यम स्थापित कर सकें।

सीएम योगी का संबोधन

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, 'आज के दौर में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी एक बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। इंटरनेट की गति जितनी तेज होगी, विकास की रफ्तार भी उतनी ही तेज होगी।' उन्होंने प्रोजेक्ट गंगा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'डिजिटल इंडिया' विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

गौरतलब है कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में ई-ऑफिस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), बीसी सखी और ग्राम सचिवालय जैसी तकनीक-आधारित पहलों के माध्यम से शासन और जनता के बीच की दूरी कम हुई है। योगी ने इस परियोजना को उसी यात्रा का अगला महत्वपूर्ण चरण बताया।

युवाओं के लिए स्वरोजगार और वित्तीय सहायता

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का प्रयास केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इस क्रम में 'सीएम युवा' योजना के तहत चयनित युवाओं को ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में अपना उद्यम स्थापित कर सकें।

परियोजना के अंतर्गत डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन कौशल प्रशिक्षण, ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, सार्वजनिक वाई-फाई, स्मार्ट कृषि और आईटी आधारित रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

हिंदुजा समूह की भागीदारी

हिंदुजा समूह के ग्रुप प्रेसिडेंट कॉरपोरेट अफेयर्स सुनील कुमार चड्ढा ने कहा कि इस प्रकार का अभिनव मॉडल अपनाने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि हिंदुजा समूह इस परियोजना में 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' के सिद्धांत के साथ सहयोग कर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लाभार्थियों में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी।

मंत्रियों की प्रतिक्रिया और आगे की राह

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि तकनीक तक व्यापक पहुंच सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का आधार बनती है और प्रोजेक्ट गंगा इस बदलाव को और गति देगा। सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने इसे उत्तर प्रदेश के डिजिटल भविष्य की मजबूत नींव बताया।

परियोजना को अंततः प्रदेश की 57 हजार ग्राम पंचायतों और 8 हजार न्याय पंचायतों तक पहुँचाने का लक्ष्य है, जिससे गाँव 'स्मार्ट विलेज' के रूप में विकसित हो सकें और लास्ट माइल डिजिटल कनेक्टिविटी की परिकल्पना साकार हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — उत्तर प्रदेश में पिछली कई डिजिटल योजनाएं लक्ष्य और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को पाटने में संघर्ष करती रही हैं। 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' मॉडल पर हिंदुजा समूह की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और डीएसपी की व्यावसायिक व्यवहार्यता दोनों पर नज़र रखना जरूरी होगा। 57 हजार ग्राम पंचायतों तक विस्तार का लक्ष्य प्रभावशाली है, पर 21 जनपदों के प्रथम चरण के परिणाम ही तय करेंगे कि यह परियोजना घोषणा से आगे जाती है या नहीं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रोजेक्ट गंगा क्या है?
प्रोजेक्ट गंगा उत्तर प्रदेश सरकार की एक ग्रामीण डिजिटल कनेक्टिविटी पहल है, जिसे CM योगी आदित्यनाथ ने 9 जून 2026 को लखनऊ में लॉन्च किया। इसका उद्देश्य 20 लाख परिवारों तक हाई स्पीड ब्रॉडबैंड पहुँचाना, 8 से 10 हजार डिजिटल सेवा प्रदाता तैयार करना और 1 लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित करना है।
प्रोजेक्ट गंगा का पहला चरण कहाँ से शुरू होगा?
परियोजना का प्रथम चरण उत्तर प्रदेश के 21 जनपदों में शुरू किया जा रहा है। आगे चलकर इसे प्रदेश की 57 हजार ग्राम पंचायतों और लगभग 8 हजार न्याय पंचायतों तक विस्तारित करने की योजना है।
प्रोजेक्ट गंगा के तहत युवाओं को क्या सुविधाएं मिलेंगी?
चयनित युवाओं को डिजिटल सेवा प्रदाता (डीएसपी) के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा और 'सीएम युवा' योजना के तहत ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्हें तकनीकी, प्रबंधकीय और व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ-साथ नेटवर्क निर्माण में भी सहयोग दिया जाएगा।
हिंदुजा समूह इस परियोजना में किस भूमिका में है?
हिंदुजा समूह प्रोजेक्ट गंगा में 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' के सिद्धांत पर सहयोग कर रहा है। समूह के ग्रुप प्रेसिडेंट सुनील कुमार चड्ढा के अनुसार, इस अभिनव मॉडल को अपनाने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है और लाभार्थियों में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी।
प्रोजेक्ट गंगा से ग्रामीण क्षेत्रों में कौन-सी सेवाएं उपलब्ध होंगी?
परियोजना के तहत डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन कौशल प्रशिक्षण, ई-गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, सार्वजनिक वाई-फाई, स्मार्ट कृषि और आईटी आधारित रोजगार के अवसर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाए जाएंगे। इसका लक्ष्य गाँवों को 'स्मार्ट विलेज' के रूप में विकसित करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले