28 जून 2026
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पुणे क्राइम ब्रांच ने छह साल से फरार डकैती आरोपी समीर वंजारी को दबोचा

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पुणे क्राइम ब्रांच ने छह साल से फरार डकैती आरोपी समीर वंजारी को दबोचा

सारांश

छह साल की मशक्कत के बाद पुणे क्राइम ब्रांच ने डकैती के आरोपी समीर वंजारी को नानगांव से दबोचा। उसी क्षेत्र में SIT ने अवैध भ्रूण लिंग जाँच रैकेट के दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया — दौंड कोर्ट ने दोनों को 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा।

मुख्य बातें

पुणे क्राइम ब्रांच ने 28 जून 2026 को समीर सुरेश वंजारी उर्फ चव्हाण को छह साल की फरारी के बाद नानगांव, दौंड तहसील से गिरफ्तार किया।
आरोपी पर यवत थाने में IPC धारा 395 (डकैती) के तहत मुकदमा दर्ज है।
उसी क्षेत्र में SIT ने अवैध गर्भलिंग जाँच और कन्या भ्रूण हत्या रैकेट में सुमंत तुकाराम शितोले और बापूराव पंढरीनाथ जांबले को गिरफ्तार किया।
दौंड न्यायालय ने दोनों रैकेट आरोपियों को 1 जुलाई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
बापूराव जांबले रैकेट में एजेंट की भूमिका निभाता था और प्रतिबंधित दवाइयाँ व इंजेक्शन की आपूर्ति करता था।

पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 28 जून 2026 को डकैती के एक पुराने मामले में छह वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 28 वर्षीय समीर सुरेश वंजारी उर्फ चव्हाण के रूप में हुई है, जो दौंड तहसील के नानगांव का निवासी है।

कैसे बिछाया गया जाल

अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ब्रांच टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी नानगांव में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुँचकर जाल बिछाया और समीर वंजारी को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए यवत पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया गया।

मामले की पृष्ठभूमि

यवत थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 395 (डकैती) के तहत दर्ज मुकदमे में समीर वंजारी मुख्य आरोपी था। घटना के तुरंत बाद से ही वह फरार हो गया था और पुलिस उसे पिछले छह सालों से तलाश कर रही थी। यह गिरफ्तारी इस बात का उदाहरण है कि किस प्रकार क्राइम ब्रांच की सतर्क निगरानी और गुप्त सूचना तंत्र लंबे समय से बचते आ रहे अपराधियों को भी कानून के शिकंजे में ला सकते हैं।

यवत क्षेत्र में एक और बड़ी कार्रवाई

इसी क्षेत्र में इससे पहले शनिवार को पुलिस ने अवैध गर्भलिंग जाँच और कन्या भ्रूण हत्या रैकेट के मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। विशेष जाँच दल (SIT) ने गहन जाँच के बाद ठोस साक्ष्य जुटाकर यह कार्रवाई की।

गिरफ्तार आरोपियों में सुमंत तुकाराम शितोले और बापूराव पंढरीनाथ जांबले शामिल हैं। जाँच में सामने आया है कि सुमंत शितोले गर्भवती महिलाओं की अवैध लिंग जाँच करवाकर उन्हें अपने अस्पताल में लाता था और गैरकानूनी गर्भपात कराता था। वहीं, बापूराव जांबले इस रैकेट में एजेंट की भूमिका निभाता था और गर्भपात के लिए आवश्यक प्रतिबंधित दवाइयाँ व इंजेक्शन की आपूर्ति करता था।

न्यायिक कार्रवाई

दोनों आरोपियों को शनिवार को दौंड न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उन्हें 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुणे पुलिस की ये दोनों कार्रवाइयाँ दर्शाती हैं कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए प्रशासन सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि इस रैकेट की आपूर्ति शृंखला को पूरी तरह उजागर किया जाए — केवल एजेंट और अस्पताल तक सीमित न रहें।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समीर सुरेश वंजारी को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
समीर सुरेश वंजारी को यवत थाने में दर्ज IPC धारा 395 (डकैती) के मामले में गिरफ्तार किया गया है। वह इस घटना के बाद से ही फरार था और पुणे क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे नानगांव से दबोचा।
पुणे पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी दौंड तहसील के नानगांव में मौजूद है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर जाल बिछाया और समीर वंजारी को गिरफ्तार कर यवत पुलिस स्टेशन को सौंप दिया।
यवत क्षेत्र में भ्रूण लिंग जाँच रैकेट में कौन गिरफ्तार हुए?
SIT ने इस रैकेट में सुमंत तुकाराम शितोले और बापूराव पंढरीनाथ जांबले को गिरफ्तार किया। शितोले अवैध लिंग जाँच करवाकर गर्भवती महिलाओं का गैरकानूनी गर्भपात कराता था, जबकि जांबले एजेंट की भूमिका में प्रतिबंधित दवाइयाँ और इंजेक्शन की आपूर्ति करता था।
भ्रूण हत्या रैकेट के आरोपियों को कितने दिन की पुलिस हिरासत मिली?
दौंड न्यायालय ने दोनों आरोपियों — सुमंत शितोले और बापूराव जांबले — को 1 जुलाई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इस दौरान SIT आगे की जाँच जारी रखेगी।
IPC धारा 395 क्या है और इसमें क्या सजा है?
भारतीय दंड संहिता की धारा 395 डकैती से संबंधित है, जिसमें पाँच या अधिक व्यक्ति मिलकर लूट करते हैं। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास या कठोर कारावास का प्रावधान है।
राष्ट्र प्रेस
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