पंजाब में 619 महिला स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती को मंजूरी, वेतनमान ₹21,700 से ₹69,100
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने 2 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत 619 महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मियों (MPHW) की भर्ती के लिए व्यापक प्रशासनिक प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी। इस निर्णय का उद्देश्य पंजाब में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और गुणवत्ता को मज़बूत करना है।
पदों का विवरण और वितरण
वित्त मंत्री चीमा ने बताया कि 619 पदों में से 220 पद एक वर्ष से कम समय से रिक्त हैं और इन्हें सीधी भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। 346 पद पदोन्नति कोटे के तहत आरक्षित हैं, जिनके ज़रिये प्रशिक्षित दाइयों (ट्रेंड दाई) को MPHW के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। शेष 53 पद वे हैं जो एक वर्ष से अधिक समय तक रिक्त रहने के कारण वित्त विभाग के 6 जून 2019 के दिशा-निर्देशों के तहत समाप्त कर दिए गए थे — इन्हें मंत्रिपरिषद की अनुमति के बाद पुनः बहाल किया जाएगा।
वेतनमान और सेवा शर्तें
नियुक्त होने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा (प्रथम संशोधन) नियम, 2025 के अंतर्गत लेवल-3 में ₹21,700 से ₹69,100 का वेतनमान दिया जाएगा। अनिवार्य परिवीक्षा अवधि के दौरान इन नियुक्तियों से राज्य सरकार पर प्रति वर्ष लगभग ₹16.12 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है।
भर्ती प्रक्रिया: बोर्ड की बजाय विश्वविद्यालय के ज़रिये
भर्ती को तीव्र और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने इन 619 पदों को पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के दायरे से बाहर रखने का निर्णय लिया है, क्योंकि बोर्ड के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में सामान्यतः अधिक समय लगता है। इसके स्थान पर संपूर्ण भर्ती फरीदकोट स्थित बाबा फरीद स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के माध्यम से सीधे कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि 3 दिसंबर 2025 को पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने इस व्यवस्था पर औपचारिक सहमति दे दी थी।
उद्योग विभाग में भी सुधार
स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ चीमा ने बताया कि उद्योग विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है, जिसके तहत विभाग की कार्यकुशलता बनाए रखने के लिए प्रत्यक्ष भर्ती वाले रिक्त पदों को पुनः बहाल किया जाएगा।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण और अर्ध-शहरी पंजाब में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। MPHW कर्मी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और परिवार कल्याण कार्यक्रमों में अग्रिम पंक्ति की भूमिका निभाते हैं। इन पदों के भरे जाने से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है।