पंजाब विधानसभा सत्र में सिर्फ हंगामा, कानून व्यवस्था पर चर्चा नहीं: BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 27 अक्टूबर 2026 को पाँच दिवसीय विधानसभा सत्र के अंतिम दिन आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा प्रहार किया। ढिल्लों के अनुसार, दोनों दलों ने राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय पूरा सत्र आपसी कीचड़उछाल और हंगामे में बर्बाद कर दिया। चंडीगढ़ में जारी बयान में उन्होंने इस आचरण को विधानसभा की गरिमा का घोर उल्लंघन करार दिया।
सत्र में क्या हुआ
ढिल्लों ने कहा कि पाँच दिवसीय विधानसभा सत्र पर करदाताओं के करोड़ों रुपए खर्च होते हैं, फिर भी गंभीर जन मुद्दों पर कोई सार्थक बहस नहीं हुई। उनके अनुसार, AAP और कांग्रेस दोनों ने इस बहुमूल्य समय को आपसी कलह में नष्ट कर दिया और विधानसभा की मर्यादा को ताक पर रख दिया।
भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि AAP सरकार जानबूझकर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है, क्योंकि उसके पास जनता के सवालों के कोई जवाब नहीं हैं। उन्होंने कहा, "पंजाब के साथ हुए हर विश्वासघात के लिए सरकार को जवाबदेह ठहराया जाएगा।"
कानून व्यवस्था पर गंभीर आरोप
ढिल्लों ने राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की जमकर आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब में कानून का शासन प्रभावी रूप से 'जंगल राज' जैसी स्थिति में तब्दील हो गया है। उन्होंने बताया कि केवल एक ही दिन में राज्य के अलग अलग हिस्सों में गोलीबारी की पाँच घटनाएँ दर्ज की गईं।
उनके अनुसार, मोगा में एक घर के बाहर खड़े युवकों पर अंधाधुंध फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए। बटाला में 'शर्मा कार एक्सेसरीज' की दुकान पर दिनदहाड़े गोलीबारी की गई और दुकान मालिक को जबरन वसूली की धमकी दी जा रही थी। अमृतसर जिले के मेहता चौक स्थित एक जिम के बाहर भी गोलीबारी हुई।
फगवाड़ा में एक प्रॉपर्टी डीलर के घर के बाहर गोलियाँ चलाई गईं और इसके बाद जबरन वसूली की माँग की गई। पाँचवीं घटना अमृतसर में घटी, जहाँ AAP के सरपंच और उनके बेटे की गुरुद्वारे में मत्था टेकने जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई।
BJP की माँग और भविष्य की रणनीति
ढिल्लों ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पंजाब की जनता की आवाज़ बनकर हर मंच पर मादक पदार्थों की समस्या, बिगड़ती कानून व्यवस्था, गुंडागर्दी, बढ़ते कर्ज़ और आर्थिक बदहाली के मुद्दे उठाती रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की जनता सरकार को जवाबदेही से नहीं बचने देगी।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है और राज्य में संगठित अपराध तथा जबरन वसूली की घटनाओं में वृद्धि के आरोप लग रहे हैं। BJP की यह आलोचना विधानसभा सत्र की समाप्ति के ठीक बाद आई है, जिसे विपक्ष अपनी राजनीतिक पहल का हिस्सा मान रहा है।
आगे क्या होगा
BJP अध्यक्ष के इस बयान के बाद AAP सरकार की ओर से जवाब आने की संभावना है। राज्य में बढ़ती हिंसक घटनाएँ आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन सकती हैं। इस बीच, गोलीबारी की घटनाओं की जाँच कर रही पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ेगा।