पंजाब: श्री हरिमंदिर साहिब पर एआई द्वारा निर्मित विवादास्पद वीडियो का मामला, एसजीपीसी का सख्त रुख

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पंजाब: श्री हरिमंदिर साहिब पर एआई द्वारा निर्मित विवादास्पद वीडियो का मामला, एसजीपीसी का सख्त रुख

सारांश

सोशल मीडिया पर एआई तकनीक से बनी श्री हरिमंदिर साहिब की विवादास्पद वीडियो ने सिख समुदाय में रोष पैदा किया है। एसजीपीसी ने इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। जानिए इस मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

हरिमंदिर साहिब पर एआई द्वारा निर्मित वीडियो का विवाद।
एसजीपीसी ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया।
पंजाब और केंद्र सरकार को भेजी गई शिकायत।
धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल।
विदेशी तकनीकी कंपनियों से संपर्क स्थापित करने की मांग।

अमृतसर, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से निर्मित श्री हरिमंदिर साहिब की विवादास्पद वीडियो और चित्र तेजी से फैल रहे हैं, जिससे सिख समुदाय में गहरा आक्रोश उत्पन्न हुआ है। इस गंभीर स्थिति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने एक कठोर रुख अपनाया है।

एसजीपीसी के प्रवक्ता और कानूनी सलाहकार अमरबीर सिंह सियाली ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में इस घटना को सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करार दिया है। उन्होंने कहा कि एआई जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास के लिए होना चाहिए, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व इसका दुरुपयोग कर धार्मिक सहिष्णुता को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं।

सियाली ने बताया कि इस मामले में एसजीपीसी ने पंजाब और केंद्र सरकार को एक लिखित शिकायत भेजी है। साथ ही, उन्होंने मांग की है कि यूरोपीय देशों की तर्ज पर भारत में भी इस प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

सियाली ने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब एक पवित्र स्थल है, जहां सभी धर्मों के लोगों के लिए दरवाजे खुले हैं और 'सरबत दा भला' का संदेश दिया जाता है। ऐसे पवित्र स्थान के प्रति गलत और भ्रामक वीडियो बनाना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह मानसिक विकृति को भी दर्शाता है।

उन्होंने आशंका व्यक्त की कि इस तरह की घटनाओं के पीछे कुछ संगठित ताकतें हो सकती हैं, जो धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने और समाज में तनाव उत्पन्न करने का प्रयास कर रही हैं। एसजीपीसी के आईटी विंग इस मामले पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं। सियाली ने विदेश मंत्रालय से भी अपील की है कि वे अमेरिका समेत अन्य देशों की तकनीकी कंपनियों से संपर्क करें ताकि इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री को त्वरित रूप से इंटरनेट से हटाया जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी भारत में पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी, लेकिन विदेशी प्लेटफार्मों पर कार्रवाई के लिए सरकार का हस्तक्षेप आवश्यक है। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर एआई तकनीक के दुरुपयोग और धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह आधुनिक तकनीक के दुरुपयोग का भी संकेत है। एसजीपीसी का सख्त रुख और सरकार को भेजी गई शिकायत इस बात की ओर इशारा करती है कि धार्मिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्री हरिमंदिर साहिब की विवादास्पद वीडियो किस प्रकार बनाई गई?
यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के माध्यम से तैयार की गई है।
एसजीपीसी ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
एसजीपीसी ने पंजाब और केंद्र सरकार को लिखित शिकायत भेजी है और सख्त कानून बनाने की मांग की है।
क्या इस घटना के पीछे कोई संगठित ताकतें हो सकती हैं?
हां, एसजीपीसी ने आशंका जताई है कि कुछ संगठित शक्तियां इस प्रकार की घटनाओं के पीछे हो सकती हैं।
विदेशी प्लेटफार्मों पर कार्रवाई कैसे की जाएगी?
सरकार का हस्तक्षेप आवश्यक है ताकि विदेशी प्लेटफार्मों पर आपत्तिजनक सामग्री को हटाया जा सके।
इस मुद्दे पर एसजीपीसी की अगली योजना क्या है?
एसजीपीसी इस मुद्दे पर लगातार निगरानी रखे हुए है और उचित कार्रवाई की योजना बना रही है।
राष्ट्र प्रेस
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