30 सितंबर 2026
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होशियारपुर अदालत ने 500 किलो पोस्त तस्करी मामले में दोनों दोषियों को 11-11 साल की सजा और ₹2-2 लाख जुर्माना सुनाया

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होशियारपुर अदालत ने 500 किलो पोस्त तस्करी मामले में दोनों दोषियों को 11-11 साल की सजा और ₹2-2 लाख जुर्माना सुनाया

सारांश

2019 में जम्मू-कश्मीर से पंजाब लाई जा रही 500 किलो पोस्त की तस्करी का यह मामला आखिरकार सात साल बाद अंजाम तक पहुँचा — दो दोषियों को 11-11 साल की सजा मिली, जबकि तीसरा आरोपी अभी भी फरार है और उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है।

मुख्य बातें

होशियारपुर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 28 सितंबर 2026 को दो दोषियों को 11-11 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
दोनों दोषियों पर ₹2-2 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।
मामला 26 जून 2019 का है, जब NCB चंडीगढ़ ने मुकेरियां के पास ट्रक से 500 किलोग्राम पोस्त बरामद की थी।
दोषियों में मुजफ्फर अहमद मीर (शोपियां, जम्मू-कश्मीर) और चरणजीत सिंह चीमा (दसूया, होशियारपुर) शामिल हैं।
तीसरे आरोपी रियाज अहमद शेख को दिसंबर 2025 में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है, उसकी तलाश जारी है।
तस्करी की सूचना मानस हेल्पलाइन 1933 पर दी जा सकती है; पहचान गोपनीय रहेगी।

पंजाब के होशियारपुर स्थित विशेष एनडीपीएस अदालत ने 28 सितंबर 2026 को 2019 के अंतरराज्यीय पोस्त तस्करी मामले में दो दोषियों को 11-11 साल के कठोर कारावास और ₹2-2 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) चंडीगढ़ के अनुसार, यह फैसला जम्मू-कश्मीर से पंजाब में 500 किलोग्राम पोस्त की तस्करी की कोशिश में पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध लगभग सात वर्षों की लंबी कानूनी प्रक्रिया का परिणाम है।

मामले का मूल घटनाक्रम

यह मामला 26 जून 2019 का है, जब NCB चंडीगढ़ की टीम ने होशियारपुर के मुकेरियां के निकट एक ट्रक की तलाशी ली। तलाशी में ट्रक में लदे कबाड़ के नीचे 20 बोरियों में छिपाकर रखी 500 किलोग्राम पोस्त बरामद की गई — जो जम्मू-कश्मीर से पंजाब लाई जा रही थी।

कार्रवाई के दौरान तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया: मुजफ्फर अहमद मीर, निवासी बोटपुरा, शोपियां, जम्मू-कश्मीर; चरणजीत सिंह चीमा, निवासी दसूया, होशियारपुर, पंजाब; और रियाज अहमद शेख, निवासी खानी पोरा, शोपियां, जम्मू-कश्मीर।

तीसरा आरोपी अभी भी फरार

जमानत मिलने के बाद रियाज अहमद शेख फरार हो गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सक्षम अदालत ने दिसंबर 2025 में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। NCB के अनुसार, उसे पकड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से पंजाब के रास्ते देश के अन्य हिस्सों तक पोस्त और अफीम की तस्करी के मामले पिछले कई वर्षों से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने हुए हैं। यह मामला उसी व्यापक तस्करी नेटवर्क की एक कड़ी माना जा रहा है।

NCB की प्रतिक्रिया और प्रतिबद्धता

NCB ने इस फैसले को मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध उसकी प्रभावी जाँच और कानूनी कार्रवाई का प्रमाण बताया है। ब्यूरो ने कहा कि वह नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने और नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

NCB ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे तस्करी से संबंधित कोई भी जानकारी मानस नेशनल हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

आगे की राह

दोनों दोषी — मुजफ्फर अहमद मीर और चरणजीत सिंह चीमा — अब 11-11 साल का कठोर कारावास भुगतेंगे और प्रत्येक पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया गया है। भगोड़े रियाज अहमद शेख की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ मुकदमा अलग से चलेगा। यह फैसला इस बात का संकेत है कि एनडीपीएस कानून के तहत अंतरराज्यीय तस्करी के गंभीर मामलों में न्यायालय कठोर दंड देने से पीछे नहीं हट रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सात साल की लंबी न्यायिक प्रक्रिया और एक आरोपी का अभी भी फरार रहना उन प्रणालीगत खामियों की ओर इशारा करता है जो ड्रग तस्करी मामलों में जमानत और निगरानी व्यवस्था को कमज़ोर करती हैं। जम्मू-कश्मीर से पंजाब के रास्ते होने वाली पोस्त तस्करी का यह अकेला मामला नहीं — इस रूट पर पिछले कई वर्षों में दर्जनों बड़ी खेपें पकड़ी जा चुकी हैं। असली सवाल यह है कि तस्करी नेटवर्क की आपूर्ति-शृंखला और वित्त-पोषण के स्रोतों की जाँच कहाँ तक पहुँची — केवल वाहकों को सजा देने से नेटवर्क नहीं टूटता।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होशियारपुर पोस्त तस्करी मामले में किसे और क्या सजा मिली?
विशेष एनडीपीएस अदालत, होशियारपुर ने 28 सितंबर 2026 को मुजफ्फर अहमद मीर और चरणजीत सिंह चीमा को 11-11 साल के कठोर कारावास और ₹2-2 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। यह सजा 2019 में 500 किलोग्राम पोस्त की अंतरराज्यीय तस्करी के मामले में दी गई है।
यह पोस्त तस्करी मामला कब और कहाँ सामने आया था?
यह मामला 26 जून 2019 का है, जब NCB चंडीगढ़ की टीम ने होशियारपुर के मुकेरियां के पास एक ट्रक की तलाशी में कबाड़ के नीचे छिपाई गई 500 किलोग्राम पोस्त बरामद की थी। पोस्त को 20 बोरियों में भरकर जम्मू-कश्मीर से पंजाब लाया जा रहा था।
इस मामले में तीसरा आरोपी रियाज अहमद शेख कहाँ है?
रियाज अहमद शेख, निवासी खानी पोरा, शोपियां, जम्मू-कश्मीर, जमानत मिलने के बाद फरार हो गया। अदालत ने दिसंबर 2025 में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया और NCB के अनुसार उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
पोस्त तस्करी की जानकारी कहाँ और कैसे दे सकते हैं?
ड्रग्स की तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी मानस नेशनल हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
NCB ने इस फैसले को किस संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया है?
NCB ने कहा कि यह सजा नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध उसकी प्रभावी जाँच और कानूनी कार्रवाई को दर्शाती है। ब्यूरो ने नशा मुक्त भारत के लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और नागरिकों से सहयोग की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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