होशियारपुर अदालत ने 500 किलो पोस्त तस्करी मामले में दोनों दोषियों को 11-11 साल की सजा और ₹2-2 लाख जुर्माना सुनाया
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के होशियारपुर स्थित विशेष एनडीपीएस अदालत ने 28 सितंबर 2026 को 2019 के अंतरराज्यीय पोस्त तस्करी मामले में दो दोषियों को 11-11 साल के कठोर कारावास और ₹2-2 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) चंडीगढ़ के अनुसार, यह फैसला जम्मू-कश्मीर से पंजाब में 500 किलोग्राम पोस्त की तस्करी की कोशिश में पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध लगभग सात वर्षों की लंबी कानूनी प्रक्रिया का परिणाम है।
मामले का मूल घटनाक्रम
यह मामला 26 जून 2019 का है, जब NCB चंडीगढ़ की टीम ने होशियारपुर के मुकेरियां के निकट एक ट्रक की तलाशी ली। तलाशी में ट्रक में लदे कबाड़ के नीचे 20 बोरियों में छिपाकर रखी 500 किलोग्राम पोस्त बरामद की गई — जो जम्मू-कश्मीर से पंजाब लाई जा रही थी।
कार्रवाई के दौरान तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया: मुजफ्फर अहमद मीर, निवासी बोटपुरा, शोपियां, जम्मू-कश्मीर; चरणजीत सिंह चीमा, निवासी दसूया, होशियारपुर, पंजाब; और रियाज अहमद शेख, निवासी खानी पोरा, शोपियां, जम्मू-कश्मीर।
तीसरा आरोपी अभी भी फरार
जमानत मिलने के बाद रियाज अहमद शेख फरार हो गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सक्षम अदालत ने दिसंबर 2025 में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। NCB के अनुसार, उसे पकड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से पंजाब के रास्ते देश के अन्य हिस्सों तक पोस्त और अफीम की तस्करी के मामले पिछले कई वर्षों से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने हुए हैं। यह मामला उसी व्यापक तस्करी नेटवर्क की एक कड़ी माना जा रहा है।
NCB की प्रतिक्रिया और प्रतिबद्धता
NCB ने इस फैसले को मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध उसकी प्रभावी जाँच और कानूनी कार्रवाई का प्रमाण बताया है। ब्यूरो ने कहा कि वह नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने और नशा मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
NCB ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे तस्करी से संबंधित कोई भी जानकारी मानस नेशनल हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
आगे की राह
दोनों दोषी — मुजफ्फर अहमद मीर और चरणजीत सिंह चीमा — अब 11-11 साल का कठोर कारावास भुगतेंगे और प्रत्येक पर ₹2 लाख का जुर्माना लगाया गया है। भगोड़े रियाज अहमद शेख की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ मुकदमा अलग से चलेगा। यह फैसला इस बात का संकेत है कि एनडीपीएस कानून के तहत अंतरराज्यीय तस्करी के गंभीर मामलों में न्यायालय कठोर दंड देने से पीछे नहीं हट रहे।