26 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एनसीबी की बड़ी सफलता: कार के स्पीकर में छिपाई 3.65 किलो चरस के साथ पकड़े तीनों तस्करों को 10-10 साल की सजा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एनसीबी की बड़ी सफलता: कार के स्पीकर में छिपाई 3.65 किलो चरस के साथ पकड़े तीनों तस्करों को 10-10 साल की सजा

सारांश

कार के स्पीकर में छिपाई 3.65 किलो चरस के साथ 2021 में पकड़े गए तीन तस्करों को रूपनगर की विशेष अदालत ने 22 अक्टूबर 2026 को 10-10 साल की सजा सुनाई। NCB चंडीगढ़ की यह सफलता 'नशा मुक्त भारत' अभियान के तहत व्यावसायिक मात्रा के मामलों में कड़ी कार्रवाई की मिसाल है।

मुख्य बातें

NCB चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने तीन ड्रग तस्करों — कुलदीप सिंह उर्फ गोलू , संजीव कुमार उर्फ मिठू और अशोक कुमार — को दोषी ठहराने में सफलता पाई।
तस्करों को 1 जुलाई 2021 को पंजाब के मोरिंडा में सरहिंद-पटियाला रोड पर कार के स्पीकर में 3.65 किलोग्राम चरस छिपाकर ले जाते पकड़ा गया था।
न्यायाधीश लखविंदर कौर दुग्गल की अदालत ने 22 अक्टूबर 2026 को तीनों को 10-10 साल कठोर कारावास और प्रत्येक पर ₹2 लाख जुर्माना सुनाया।
जुर्माना न भरने पर 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास का प्रावधान; तस्करी में प्रयुक्त वाहन जब्त करने का निर्देश।
NCB ने मानस हेल्पलाइन 1933 पर तस्करी की सूचना देने की अपील की; सूचनाकर्ता की पहचान गुप्त रहेगी।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने पंजाब के रूपनगर में एक विशेष अदालत से तीन ड्रग तस्करों को दोषी ठहराने में सफलता हासिल की है। इन तस्करों को 1 जुलाई 2021 को कार के डिक्की में लगे स्पीकर के भीतर 3.65 किलोग्राम चरस छिपाकर ले जाते हुए मोरिंडा के पास गिरफ्तार किया गया था। 22 अक्टूबर 2026 को अदालत ने तीनों दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास और प्रत्येक पर ₹2 लाख जुर्माने की सजा सुनाई।

मुख्य घटनाक्रम

खुफिया सूचना मिलने पर NCB की टीम ने 1 जुलाई 2021 को रूपनगर जिले के मोरिंडा स्थित सरहिंद-पटियाला रोड पर निगरानी तैनात की। संदिग्ध वाहन रोके जाने पर तलाशी में कार की डिक्की के स्पीकर के अंदर चरस के सात पैकेट — गोल और उंगली के आकार के — मिले। जब्त किया गया नशीला पदार्थ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत 'व्यावसायिक मात्रा' की श्रेणी में आता है।

गाड़ी में सवार तीनों — कुलदीप सिंह उर्फ गोलू, संजीव कुमार उर्फ मिठू और अशोक कुमार — को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।

अदालत का फैसला

21 अक्टूबर 2026 को न्यायाधीश लखविंदर कौर दुग्गल की अध्यक्षता वाली विशेष अदालत ने माना कि एनडीपीएस अधिनियम के अनिवार्य प्रावधानों का पूर्ण रूप से पालन हुआ। अदालत ने तीनों आरोपियों को NDPS अधिनियम की धारा 20(सी) तथा धारा 29 (धारा 20 के साथ पठित) के तहत दोषी ठहराया।

22 अक्टूबर को सजा सुनाते समय अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय की उन टिप्पणियों का हवाला दिया जिनमें नशीले पदार्थों की तस्करी के समाज पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को रेखांकित किया गया है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई दोषी जुर्माना अदा करने में असमर्थ रहता है, तो उसे 2 वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इसके साथ ही तस्करी में प्रयुक्त वाहन को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने का भी आदेश दिया गया।

आम जनता पर असर और सरकार की प्रतिक्रिया

यह मामला ऐसे समय में आया है जब पंजाब और आसपास के राज्यों में नशे की समस्या को लेकर सामाजिक और राजनीतिक चिंता लगातार बनी हुई है। गौरतलब है कि सरहिंद-पटियाला रोड जैसे प्रमुख मार्ग पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के संदर्भ में सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहे हैं।

NCB ने केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत' अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए आम जनता से अपील की है कि नशीले पदार्थों की तस्करी की सूचना 'मानस' नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर दी जाए। सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गुप्त रखी जाएगी।

क्या होगा आगे

तीनों दोषियों के लिए अपील का विकल्प उच्च न्यायालय में उपलब्ध है। तस्करी में इस्तेमाल वाहन की जब्ती की प्रक्रिया अदालत के निर्देशानुसार अलग से चलाई जाएगी। यह फैसला इस बात का संकेत है कि NCB की चंडीगढ़ यूनिट 'व्यावसायिक मात्रा' वाले मामलों में अधिकतम सजा सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए छोटे तस्करों की सजा से आगे जाकर आपूर्ति श्रृंखला के सरगनाओं तक पहुँचना ज़रूरी होगा। सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों का हवाला देकर सजा का औचित्य ठहराना अदालत की संवेदनशीलता दर्शाता है, पर असली परीक्षा यह है कि क्या इस स्तर की कार्रवाई से क्षेत्र में नशे की तस्करी की दर में मापनीय कमी आती है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCB ने किन तीन ड्रग तस्करों को दोषी ठहराया और उन्हें क्या सजा मिली?
कुलदीप सिंह उर्फ गोलू, संजीव कुमार उर्फ मिठू और अशोक कुमार को रूपनगर की विशेष अदालत ने 22 अक्टूबर 2026 को प्रत्येक को 10 साल के कठोर कारावास और ₹2 लाख जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर 2 साल की अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया गया है।
चरस की तस्करी कैसे की जा रही थी और कहाँ से पकड़े गए?
तस्करों ने कार की डिक्की में लगे स्पीकर के अंदर 3.65 किलोग्राम चरस के सात पैकेट छिपाए थे। NCB की चंडीगढ़ टीम ने 1 जुलाई 2021 को पंजाब के रूपनगर जिले के मोरिंडा में सरहिंद-पटियाला रोड पर खुफिया सूचना के आधार पर वाहन रोककर इन्हें गिरफ्तार किया था।
NDPS अधिनियम के तहत 3.65 किलोग्राम चरस को 'व्यावसायिक मात्रा' क्यों माना गया?
NDPS अधिनियम, 1985 के तहत चरस की एक निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा को 'व्यावसायिक मात्रा' माना जाता है, जिस पर अनिवार्य न्यूनतम 10 साल की सजा का प्रावधान है। 3.65 किलोग्राम चरस इस सीमा से अधिक थी, इसलिए अदालत ने धारा 20(सी) लागू की।
नशे की तस्करी की सूचना कैसे और कहाँ दी जा सकती है?
NCB की 'मानस' नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर कोई भी व्यक्ति नशीले पदार्थों की तस्करी की जानकारी दे सकता है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है।
इस मामले में अदालत ने तस्करी में इस्तेमाल वाहन के बारे में क्या आदेश दिया?
न्यायाधीश लखविंदर कौर दुग्गल की अदालत ने तस्करी में प्रयुक्त वाहन को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। यह NDPS अधिनियम के तहत मादक पदार्थों के परिवहन में इस्तेमाल संपत्ति की जब्ती के प्रावधान के तहत किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले